गोल्डी बरार: सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का ही 'मास्टरमाइंड' नहीं ये मोस्ट वॉन्टेड

- Author, अरविंद छाबड़ा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता

- सिद्धू मूसेवाला की इसी साल 29 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या का मास्टरमाइंड गोल्डी बरार को माना जाता है.
- गोल्डी बरार को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है.
- गोल्डी बरार के ख़िलाफ़ पुलिस रिकॉर्ड में सबसे पुराना मामला 2012 का दर्ज है.
- फ़रीदकोट यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष गुरलाल सिंह भलवान को मारने कीसाज़िश रचने का भी आरोप है.
- गोल्डी बरार पंजाब पुलिस की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल है.
- गोल्डी बरार का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है और वह पंजाब के मुक्तसर साहिब का रहने वाला है.

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमाइंड माने जाने वाले गोल्डी बरार को अमेरिका से हिरासत में लिया गया है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर इसकी जानकारी दी है.
भगवंत मान ने अहमदाबाद में कहा, "कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बरार को आज सुबह अमेरिका में पकड़ लिया गया है. कैलिफ़ोर्निया पुलिस ने हमसे संपर्क किया है.''
''जल्द ही गोल्डी बरार को भारत लाया जाएगा और उसे सख़्त से सख़्त सज़ा दी जाएगी. इससे बहुत से परिवारों को न्याय मिलेगा."
हालांकि गोल्डी बरार पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था, लेकिन पंजाब पुलिस के सूत्रों के मुताबिक़ उसका आपराधिक सफ़र क़रीब 10 साल पहले शुरू हुआ था.
ये रिपोर्ट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, सिद्धू मूसेवाला केस में दायर पुलिस की चार्जशीट और बरार के नाम पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस पर आधारित है. बीबीसी स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर सकी है.
क्या गोल्डी बरार ने गुरलाल सिंह भलवान की हत्या की साज़िश रची थी?
गोल्डी ने कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर फ़रीदकोट यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष गुरलाल सिंह भलवान को मारने की साज़िश रची और 18 फ़रवरी, 2021 को अपनी योजना को अंजाम दिया.
गोल्डी बरार ने कथित तौर पर अपने रिश्तेदार गुरविंदरपाल सिंह को गुरलाल सिंह भलवान को मारने के लिए कहा.
"गोल्डी बरार ने गुरलाल भलवान को मारने के लिए शूटरों की व्यवस्था की. इस मामले में गिरफ़्तार अभियुक्तों ने अपने बयान के दौरान बताया कि गोल्डी इस मामले का मास्टरमाइंड है. गोल्डी ने ही इस घटना को अंजाम देने के लिए शूटरों के लिए वाहन, हथियार, शूटर और आवास की व्यवस्था की थी."
लेकिन गोल्डी बरार का यह पहला आपराधिक मामला नहीं था.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि गुरलाल पहलवान की हत्या के बाद गोल्डी बरार ने कथित तौर पर फ़रीदकोट और मुक्तसर साहिब इलाकों में विभिन्न व्यक्तियों को फ़िरौती के लिए कॉल करना शुरू कर दिया था.
गोल्डी विशेष रूप से अक्टूबर 2020 में पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस की नज़रों में आया था. गोल्डी बरार के भाई (कज़न) गुरलाल बरार की कथित तौर पर चंडीगढ़ में बम्बीहा गिरोह ने हत्या कर दी थी.
गुरलाल पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ (एसओपीयू) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष थे. एसओपीयू चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय का एक संगठन है जिसके साथ सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का एक अन्य अभियुक्त लॉरेंस बिश्नोई भी जुड़ा रहा.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि गोल्डी बरार ने अपने चचेरे भाई गुरलाल बरार की हत्या का बदला लेने का फ़ैसला किया.

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अपराध के शुरुआती दिन
गोल्डी बरार के ख़िलाफ़ पुलिस रिकॉर्ड में सबसे पुराना मामला 2012 का दर्ज है.
एक मोगा निवासी ने आरोप लगाया कि वह अपनी कार से जिम जा रहे थे. रेलवे क्रॉसिंग के पास कुछ लोग हथियार लेकर सड़क किनारे खड़े थे. उन्होंने मोगा के इस शख्स पर गोलियों से हमला किया और फ़रार होने में सफल रहे.
हालाँकि, 2015 में गोल्डी बरार को इस मामले से अदालत ने बरी कर दिया था क्योंकि अपराध साबित नहीं हुआ था.
2013 में अबोहर के रहने वाले राकेश रिंहवा ने आरोप लगाया कि गोल्डी बरार और दो अन्य ने कथित तौर पर उन्हें बंदूक़ की नोक पर अपनी कार में खींच लिया और धारदार हथियारों से हमला किया. इस मामले में भी गोल्डी बरार को बरी कर दिया गया था.
संगीन मामलों में एक मामला वर्ष 2020 का है जब गोल्डी बरार के ख़िलाफ़ पंजाब के मलोट में रंजीत सिंह की हत्या का एक मामला दर्ज किया गया था.
अभियुक्तों में से एक पवन नेहरा ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने अपने साथियों के साथ लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में रहने वाले गोल्डी बरार के निर्देश पर रणजीत सिंह राणा की हत्या की थी. मृतक की मां मनजीत कौर ने भी इसकी पुष्टि की. यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि 2020 के बाद से अपराध में उसकी कथित संलिप्तता बढ़ गई. जिन अपराधों में वह कथित रूप से शामिल है उनमें जबरन वसूली और हत्या के मामले शामिल हैं.
लेकिन सबसे ज़्यादा गोल्डी तब सुर्खियों में आया जब उसने कथित तौर पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की. सिद्धू मूसेवाला की इसी साल 29 मई गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
इसके बाद से वह पंजाब पुलिस की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में टॉप पर है.

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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का 'मास्टरमाइंड'
पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर चार्जशीट में कहा गया है कि गोल्डी बरार सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड है.
चार्जशीट में आगे कहा गया है कि गोल्डी ने शूटरों को पकड़ा और अलग-अलग लोगों को अलग-अलग काम दिए. "उन्होंने विभिन्न गिरोहों के निशानेबाज़ों की व्यवस्था की और वाहनों, धन, हथियारों और उनके रहने की व्यवस्था की."
गोल्डी ने ही कथित तौर पर शूटरों को 28 मई को मूसेवाला की सुरक्षा वापस लेने की सूचना दी थी.
29 मई को हत्या के दिन गोल्डी ने उन्हें योजना में तेज़ी लाने के लिए कहा.
गोल्डी ने कथित तौर पर विक्की मिदुखेरा की हत्या का बदला लेने के लिए ऐसा किया था. चार्जशीट के मुताबिक़, गोल्डी ही वह शख़्स है जिसने कथित तौर पर शूटरों के रहने की व्यवस्था की थी. उसने और लॉरेंस बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर मूसेवाला की हत्या की ज़िम्मेदारी ली.

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डेरा समर्थक की हत्या
पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, गोल्डी कथित रूप से देश के बाहर से ही कई मामलों में शामिल रहा है. सबसे ताज़ा मामला सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के समर्थक प्रदीप सिंह कटारिया की हत्या का है. हाल के दिनों में गोल्डी बरार ने प्रदीप सिंह की हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी.
2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले के अभियुक्त प्रदीप की 10 नवंबर को फ़रीदकोट के कोटकपुरा में छह हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह सुबह 7.15 बजे अपनी डेयरी की दुकान खोल रहा था. पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के फ़ुटेज के आधार पर छह लोगों की पहचान की है.
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कनाडा तक का सफ़र
गोल्डी बरार का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है और वह पंजाब के मुक्तसर साहिब का रहने वाला है. कई पंजाबियों की तरह उनका भी कनाडा जाने का सपना था और 2017 के स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को वह कनाडा चला गया. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि वह वहां स्टडी वीज़ा पर गया था.
क़रीब पांच महीने पुराने पंजाब पुलिस के डॉज़ियर में कहा गया है, 'फ़िलहाल गोल्डी बरार ब्रैम्पटन, कनाडा में है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य है.'
बीबीसी से बात करते हुए एक पुलिस अफ़सर का कहना है कि वो कनाडा से अमेरिका गया था.
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गिरफ़्तारी के लिए क़दम
गोल्डी बरार को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसकी पुष्टि की है.
पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ़्तारी के बाद उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू होगी.
बीबीसी द्वारा हासिल किए गए पंजाब पुलिस के एक गोपनीय नोट में गोल्डी की गिरफ़्तारी में देरी के बारे में कहा गया है, "गोल्डी बरार पिछले कई दिनों से क़ानून और प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का उपयोग कर रहा था."
साल 2020 में पुलिस ने सबसे पहले गोल्डी बरार के लिए लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था.
मूसेवाला की हत्या के बाद पुलिस ने केंद्रीय जांच ब्यूरो को रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर इंटरपोल मुख्यालय भेज दिया था.
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