यूपी: संभल में देवी-देवताओं की तस्वीरों वाले अख़बार में नॉन वेज बेचने के आरोप में होटल मालिक गिरफ़्तार

यूपी, संभल

इमेज स्रोत, Anwar Kamal

    • Author, अनंत झणाणें
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ से

पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभल ज़िले में तालिब हुसैन नाम के एक व्यक्ति को हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर वाले अख़बार में लपेटकर नॉन वेज बेचने और पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

दरअसल ट्विटर पर @chandan28791 नाम के ट्विटर हैंडल से संभल पुलिस को ट्वीट किया गया था.

चंदन आर्य नाम के इस यूजर ने लिखा था, "नगर में महक रेस्टोरेंट मंजर मेडिकल के बराबर में भगवान के फोटो वाले लगभग 100 अख़बार के टुकड़े मिले मुर्गा पैक कर रहा है. प्रशासन इस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे."

चंदन आर्य के इस ट्वीट के जवाब में संभल पुलिस ने ट्विटर पर ही जवाब दिया था कि "प्रकरण के संबंध में थाना संभल पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है, अन्य वैधानिक कार्यवाही की जा रही है."

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

कुछ अन्य लोगों ने भी इस फोटो को ट्वीट किया था, जिनका जवाब भी पुलिस ने दिया.

संभल पुलिस (फ़ाइल फ़ोटो)

इमेज स्रोत, TWITTER@sambhalpolice

क्या है पूरा मामला

संभल थाने के सर्किल ऑफ़िसर जितेंद्र कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "एक सूचना मिली थी. तत्काल प्रभाव से वहां पुलिस मौक़े पर पहुँची. मौक़े पर पहुँचने के पश्चात वहां जो अवैध सामग्री थी, जो अवैध समान था, वो अपने क़ब्ज़े में लिया है, और क़ब्ज़े में लेने के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के द्वारा मुक़दमा पंजीकृत कराया गया. जिसमें एक अभियुक्त तालिब को गिरफ़्तार करके सुसंगत उचित धाराओं में मुक़दमा पंजीकृत कर जेल भेजा गया है."

एफ़आईआर में पुलिस ने लिखा है, "रात 8:50 पर पुलिस वाले चौकी चरथावल क्षेत्र में गश्त करते हुए शंकर चौराहे पर पहुँचे तो वहां मुख़बिर ख़ास ने बताया कि मोहल्ला शेर ख़ां सराय पुराने सरकारी अस्पताल के पास में महक रेस्टोरेंट पर रेस्टोरेंट का मालिक 58 साल के तालिब हुसैन हिंदू देवी देवताओं के अख़बार पर मीट रखकर ग्राहकों को बेच रहा है. वहां पर हिंदू समुदाय की काफ़ी भीड़ जमा है. जिनकी धार्मिक भावना आहत हो रही हैं. इस कार्य में दो समुदायों में झगड़ा होने की प्रबल संभावना है."

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

पुलिस की एफ़आईआर के मुताबिक़ वहां पर कोई भी व्यक्ति गवाही देने के लिए तैयार नहीं हुआ.

ख़ुद पुलिस वालों ने ही मामला दर्ज कराया और लिखा कि "जब वो महक रेस्टोरेंट की मीट की दुकान पर आए तो वहां काफ़ी भीड़ जमा थी. रेस्टोरेंट के काउंटर पर दैनिक समाचार पत्र हिंदुस्तान के दिनांक 2 अप्रैल 2022 के बहुत सारे अख़बार और अख़बार के टुकड़े रखे हैं. जिन पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर और कलश छपे हैं. इस कार्य को देखकर मौजूद भीड़ काफ़ी क्रोधित है. और कह रही है कि इससे हमारी धार्मिक भावना को चोट पहुँची हैं. महक रेस्टोरेंट का मालिक मौजूद है जिससे इस कार्य को करने का कारण पूछा गया तो वो ग़ुस्से में आ गया और हम पुलिस वालों पर काउंटर के अंदर रखे चाक़ू को निकालकर हमला कर दिया. पुलिस वालों ने ख़ुद को बचाते हुए आरोपी को पकड़ लिया."

पुलिस ने तालिब हुसैन पर आईपीसी की धारा 153-ए (नफ़रत फैलाने की कोशिश), 295-ए (धार्मिक भावनाओं को आहत करने की कोशिश) और 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है.

यूपी, संभल

इमेज स्रोत, Anwar Kamal

इमेज कैप्शन, तालिब हुसैन के बेटे आमिर तालिब

तालिब के बेटे ने दी सफ़ाई

अपने पिता पर लगे आरोपों और उनकी गिरफ़्तारी के बारे में तालिब हुसैन के बेटे आमिर तालिब ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मामला कुछ इस तरीक़े का नहीं था. पूरी तरीक़े से मेरे पापा के साथ में ज़्यादती करी गई है. मेरा ये होटल का काम है. इसमें रद्दी आना कोई इतनी बड़ी बात नहीं है. वो लड़का लेकर आ गया उसमें लड़के ने खाना पैक करके दे दिया. इसी बात पर ये सारी फ़िल्म बनाई गई है. मेरे पापा को फंसाया जा रहा है इसमें ग़लत तरीके से."

क्या रद्दी में देवी देवताओं की तस्वीर थी? इस सवाल के जवाब में आमिर कहते हैं, "जो अख़बार वाले बेचने के लिए दे देते हैं मार्केट में वो रद्दी थी. मार्केट से लेकर जिस तरीक़े से इस्तेमाल करते हैं उसी तरीक़े से कर रहे थे. और उसमें इस चीज़ का ध्यान ही नहीं दिया कि उसमें मूर्ति का फ़ोटो कब आया कब नहीं. और अगर इस चीज़ का ध्यान दिया जाता तो उस चीज़ को हम क्यों लगाते? और हम किसी के भी धर्म के मामले में क्यों बोलते? अब हम 25 साल से बैठे हुए हैं यहां पर हमें इस चीज़ से कोई लेना देना नहीं है कि धर्म के मामले में क्या हो रहा है क्या नहीं?"

आमिर कहते हैं, "मैं ये चाहता हूँ कि मेरे पापा सही सलामत घर आ जाएं वापस. इसमें मेरे पापा की कोई ग़लती नहीं हैं."

आमिर के दावे के बारे में संभल के एडिशनल एसपी अलोक कुमार जायसवाल ने कहा कि इस मामले में पुलिस की कारवाई के बारे में ज़िले के एसपी पहले से ही बयान दे चुके हैं.

संभल पुलिस (फ़ाइल फ़ोटो)

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, संभल पुलिस (फ़ाइल फ़ोटो)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)