विपक्ष ने पूछा कब बढ़ेंगे तेल के दाम, सरकार ने दिया ये जवाब- प्रेस रिव्यू

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं. हालाँकि, भारत में अभी तक इसका असर नहीं पड़ा है. देश में पेट्रोल-डीज़ल के दाम कब बढ़ेंगे इसको लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बयान दिया है.
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स ने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है. आज के प्रेस रिव्यू में सबसे पहले यही ख़बर.
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि केंद्र सरकार ने बीते साल 4 नवंबर को पेट्रोल और डीज़ल के दाम कम किए थे लेकिन 9 राज्यों ने इसके दाम कम नहीं किए.
उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने ग्राहकों को राहत देने के लिए 4 नवंबर 2021 को पेट्रोल और डीज़ल के दाम कम किए हैं और हमने भी कदम उठाए. लेकिन 9 राज्यों ने इसके दाम कम नहीं किए."
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार उपभोक्ताओं पर बढ़ते बोझ को लेकर कदम उठा रही है. ऐसा माना जा रहा था कि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद भारत में भी पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ेंगे.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि हमारी तेल कंपनी और सरकार लगातार रूसी संघ और कई नए बाज़ारों में बातचीत कर रही है. ऐसे में उम्मीद है कि जल्दी नए बाज़ार खुलेंगे और उसको लेकर जो असमंजस की स्थिति है वो दूर होगी.
कांग्रेस की सांसद छाया वर्मा ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें सरकार तय करती है जब चुनाव आता है तो कीमत नहीं बढ़ती और जब चुनाव खत्म हो जाते हैं तब बढ़ जाते हैं. ये दिखाता है कि सरकार का पेट्रोल डीजल की कीमतों पर अवैध कब्ज़ा है.
इसके जवाब में हरदीप पुरी ने कहा," ये आरोप गलत है. पेट्रोल पर सरकार का कोई कब्ज़ा नहीं है. तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमत के आधार पर दाम तय करती हैं. हमारे देश में तो पांचों साल चुनाव होते रहते हैं अभी चुनाव खत्म हुए हैं फिर साल की शुरुआत में चुनाव हैं."
उन्होंने कहा कि कीमतें तेल कंपनियां तय करती हैं लेकिन सरकार उपभोग के स्तर पर उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है.
"यूएस में 50, भारत में सिर्फ 5 फ़ीसदी बढ़े दाम"
हरदीप सिंह पुरी ने इस दौरान अमेरिका, कनाडा, जर्मनी जैसे देशों में बढ़ी तेल की कीमतों के भारत के साथ तुलनामत्मक आंकड़े भी पेश किए.
उन्होंने कहा, "मेरे पास यूएस, कनाडा, जर्मनी, यूके, फ़्रांस, स्पेन, श्रीलंका और भारत के तुलनात्मक डेटा हैं. इन सब देशों में इस अवधि के दौरान पेट्रोल की कीमत में 50, 55, 58, 55 फ़ीसदी तक बढ़ोतरी हुई है. भारत में ये केवल 5 फ़ीसदी बढ़ा है."
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक कदमों में तेज़ी आने के बीच तेल की कीमतें पिछले सप्ताह की तरह ही सोमवार को भी 4 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गईं. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बिकने वाले ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत भी सोमवार को 3.81 डॉलर या 3.4 प्रतिशत घटीं. सोमवार को इस कच्चे तेल की कीमत 108.86 डॉलर प्रति बैरल रही.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने बीते सोमवार को पेट्रोलियम उद्योग के जानकारों के हवाले से बताया था कि भारत में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद पेट्रोल और डीज़ल के दाम 15 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं.
मुंद्रा पोर्ट ड्रग तस्करी मामला: पाकिस्तान से जुड़े अभियुक्तों के तार

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गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर बीते साल बरामद हुए 3000 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने चार्जशीट में बड़ा दावा किया है. एनआईए ने अहमदाबाद की विशेष अदालत को बताया है कि मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों के पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से संबंध हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार एनआईए ने सोमवार को इस मामले में 16 लोगों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दायर किया है. इनमें से 11 अफ़गानिस्तान के नागरिक, चार भारतीय और एक ईरानी शामिल हैं. बीते साल डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने करीब 21000 करोड़ रुपये के इस अवैध मादक पदार्थ की खेप को बरामद किया था.
एनआईए ने एक बयान में कहा है, "अभियुक्त मोहम्मद हसन हुसैन दाड और मोहम्मद हसन दाड के साथ अन्य सह साजिशकर्ताओं के संबंध पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से पाए गए हैं. मादक पदार्थों की तस्करी से होने वाली आय को भारत विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के इशारे पर हवाला चैनलों से विदेशी संस्थाओं को वापस भेज दिया गया था."
एनआईए ने बताया कि हसन दाड और हुसैन दाड अफ़गानिस्तान के कांधार स्थित हसन हुसैन लिमिटेड के प्रमोटर हैं. अधिकारियों के मुताबिक़, इसी कंपनी ने अवैध मादक पदार्थों की खेप भेजी थी. ये खेप कांधार से पहले ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह तक भेजी गई थी. भारत में ये खेप आंध्र प्रदेश की आशी ट्रेडिंग कंपनी को मिलनी थी. इस कंपनी को चेन्नई में रहने वाले मचावरम सुधाकर अपनी पत्नी गोविंदराजू दुर्गा पूर्णा वैशाली के साथ मिलकर चलाते हैं.
एनआईए ने ये भी बताया कि जांच के दौरान पता लगा है कि इन्हीं अभियुक्तों द्वारा भात में पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी की गई है. एनआईएन ने जिन 16 लोगों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दायर किया है उनमें से 10 की गिरफ़्तारी हो चुकी है और छह अभी भी फ़रार चल रहे हैं.
विधानसभा चुनावों की हार के बाद फूटा कांग्रेसियों का गुस्सा, नेतृत्व पर उठाए सवाल

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कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में गांधी परिवार के प्रति समर्थन जताने के एक दिन बाद यानी सोमवार को पार्टी के शीर्ष नेताओं ने हार का ठीकरा नेतृत्व पर फोड़ा है. हरीश रावत ने जहां कहा है कि उन्हें गलत सीट से लड़ने को मजबूर किया गया तो वहीं पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चरणजीत सिंह चन्नी को "बोझ" बताया है.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस खबर को प्रमुखता से जगह दी है. जाखड़ ने चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम चेहरा घोषित किए जाने वाले फैसले की निंदा की और साथ ही कहा कि कांग्रेस की एक नेता ने चन्नी को पार्टी के लिए 'ऐसेट' यानी संपत्ति बताया था.
जाखड़ ने ट्वीट किया, "संपत्ति? क्या आप मज़ाक कर रहे हैं? गनीमत है कि चन्नी को राष्ट्रीय खजाना घोषित नहीं किया गया. हो सकता है जो उनकी वकालत कर रहे हैं, उनके लिए वो संपत्ति हों. लेकिन पार्टी पर वो एक बोझ से बढ़कर कुछ भी नहीं हैं. शीर्ष नेतृत्व नहीं बल्कि चन्नी के लालच ने पार्टी को और उन्हें नीचे ला दिया."
वहीं, उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी फेसबुक पोस्ट के ज़रिए अपनी नाखुशी ज़ाहिर की है. उन्होंने लिखा है कि वो रामनगर सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे.
रावत ने अकील अहमद को पार्टी सचिव बनाने के कांग्रेस के फैसले को लेकर भी नाराज़गी जताई है. रावत ने लिखा है कि उन्होंने रामनगर से पर्चा भरने की सारी तैयारी कर ली थी लेकिन उन्हें बताया गया कि पार्टी ने फैसला किया है को लालकुआं से चुनाव लड़ेंगे.
पंजाब: टूर्नामेंट के दौरान कबड्डी ख़िलाड़ी की गोली मारकर हत्या

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जाने-माने कबड्डी खिलाड़ी संदीप नांगल आंबिया की सोमवार शाम एक टूर्नामेंट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक ये हादसा जालंधर ज़िले के मालियां खुर्द गांव में हुआ.
संदीप टूर्नामेंट में आए थे और कुछ लोग उनके साथ सेल्फ़ी ले रहे थे और तभी पांच हमलावर एक गाड़ी में वहां पहुंचे.
इनमें से दो हमलावरों ने हवा में गोली चलाई, जिससे लोग डर गए. दो अन्य हमलावरों ने कबड्डी खिलाड़ी संदीप नांगल पर गोलियां चलाकर भाग गए.
खबर के मुताबिक, हमले में एक अन्य युवक को भी पैर में गोली लगी है.
फिलहाल पुलिस हत्यारों को तलाश करने में जुटी हुई है. संदीप जाने-माने कबड्डी खिलाड़ी थे और वो शाहकोट के नांगल आंबिया गांव के रहने वाले थे.
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