आर्मी चीफ़ जनरल एमएम नरवणे बोले, हम भविष्य में होने वाली जंग का ट्रेलर देख रहे हैं

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भारत के सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने गुरुवार को एक ऑनलाइन सेमिनार में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चीन और पाकिस्तान से पैदा होने वाली चुनौतियों पर बात की.
उन्होंने कहा, "भारत भविष्य में होने वाले संघर्षों की झलकियां देख रहा है. विरोधी देश अपने रणनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए लगातार कोशिशें जारी रखेंगे."
जनरल एमएम नरवणे ने कहा, "भारत कई तरह की सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है. हमें उत्तरी सीमाओं पर आधुनिक तकनीक से लैस सक्षम बलों को तैनात करने की जरूरत है."
चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बना सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि परमाणु क्षमता से लैस पड़ोसियों, सीमा विवाद और राज्य प्रायोजित प्रॉक्सी वॉर ने सुरक्षा तंत्र के साथ संसाधनों के सामने चुनौतियां बढ़ा दी हैं.
उन्होंने कहा, "हम भविष्य में होने वाले संघर्षों के ट्रेलर देख रहे हैं. सूचना क्षेत्र, नेटवर्क और साइबर स्पेस में भी हमें हर दिन ये देखने को मिल रहा है. विवादित और सक्रिय सीमाओं पर भी ये खेल खेला जा रहा है."
उन्होंने कहा, "अगर हम अपने आसपास देखें तो हमें वास्तविकता का अहसास होगा. हमें आज जो झलकियां दिख रही हैं उसी के आधार पर भविष्य के लिए युद्ध का मैदान तैयार करना होगा."

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पूर्वी लद्दाख में हुई झड़प पर...
सेना प्रमुख ने उत्तरी सीमाओं पर हो रहे घटनाक्रम का जिक्र किया. उन्होंने कहा, देश की संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस सुरक्षा बलों की जरूरत है.
उन्होंने कहा, "हमारे विरोधी राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों से अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिशें जारी रखेंगे."
पूर्वी लद्दाख में हुई सैन्य झड़प का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "2020 की घटनाएं सभी क्षेत्रों में अलग अलग तरह के सुरक्षा खतरों की गवाह रही हैं. इन घटनाओं ने आधुनिक तकनीक की मदद से और ग्रे-जोन युद्ध की तरफ ध्यान आकर्षित किया है. हमें संपर्क रहित और आमने सामने के युद्ध के लिए क्षमताओं को बढ़ाने की जरूरत है."
"संपर्क रहित युद्ध प्रणाली, लड़ाई की नई तकनीक है. इसमें पारंपरिक हथियारों की बजाय आधुनिक हथियारों की मदद ली जाती है. इसमें दुश्मन की सीमा में प्रवेश किए बिना उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है."

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'नॉन स्टेट एक्टर्स'
परोक्ष रूप से चीन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "कुछ देश विश्व स्तर पर स्वीकृत मानदंडों और नियम आधारित व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं. आक्रामकता और अवसरवादी कार्रवाई से यथास्थिति को बदलने की कार्रवाई कई तरह से सामने आई है."
जनरल नरवणे ने कहा कि अफगानिस्तान के घटनाक्रम ने फिर से प्रॉक्सी और 'नॉन स्टेट एक्टर्स' के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया है.
उन्होंने कहा, "ये 'नॉन स्टेट एक्टर्स' स्थानीय परिस्थितियों पर पनपते हैं. ये ऐसी स्थितियां बनाते हैं जिससे देश अपनी मौजूदा क्षमताओं का इस्तेमाल नहीं कर पाता."
उन्होंने कहा कि समयबद्ध योजना के तहत तीनों सेनाएं एक साथ मिलकर काम करने के लिए आगे बढ़ रही हैं. भारतीय सेना इस परिवर्तन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
जनरल नरवणे ने कहा कि सेना अपने बलों के पुनर्गठन और उसे फिर से संतुलित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. ये प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है.
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