पुष्पराज जैन: कौन हैं समाजवादी पार्टी के नेता जिनके यहां इनकम टैक्स रेड पड़ी

पुष्पराज जैन

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    • Author, अनंत झणाणे
    • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए

वर्ष 2021 के आख़िरी दिन की शुरुआत उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी एमएलसी और इत्र कारोबारी पुष्पराज जैन पर इनकम टैक्स के छापे की खबरों से हुईं. सुबह-सुबह आयकर विभाग की टीमें कन्नौज की छिपट्टी में उनके निवास पर पहुँची.

ये दिलचस्प है कि पुष्पराज जैन उर्फ़ पम्पी जैन का घर उन्हीं के जैसे इत्र व्यवसायी पीयूष जैन के घर से महज़ थोड़ी दूर है जो पिछले कुछ दिनों से छापेमारी को लेकर चर्चा में हैं.

पुष्पराज जैन के यहाँ छापे की जानकारी सबसे पहले खुद समाजवादी पार्टी के ट्वीट से मिली जिसमें लिखा गया, "पिछली बार की अपार विफलता के बाद इस बार BJP के परम सहयोगी I.T. ने सपा MLC श्री पुष्प राज जैन और कन्नौज के अन्य इत्र व्यापारियों के यहां पर आखिर छापे मार ही दिए हैं. डरी BJP द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग, यूपी चुनावों में आम है. जनता सब देख रही है, वोट से देगी जवाब."

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कन्नौज के अलावा पुष्पराज जैन की हाथरस की फैक्ट्री, दो कोल्ड स्टोरेज और एक पेट्रोल पंप पर भी छापेमारी हो रही है. इनके अलावा कन्नौज के एक और इत्र कारोबारी और एक्सपोर्टर फ़ौज़ान मलिक के यहाँ भी आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है.

अखिलेश यादव शुक्रवार को कन्नौज के दौरे पर हैं और इस ताज़ी छापेमारी के बारे में उन्होंने कहा, "दिल्ली से जब भी भाजपा का लखनऊ या उत्तर प्रदेश में कहीं भी कार्यक्रम होता है, तो लगता यह है कि वो इन विभागों को साथ में वो लाते हैं. साथ लेकर या निर्देश देकर उनको यहाँ लाया जाता है और लगातार छपे पड़ रहे हैं. यह कन्नौज क्षेत्र समाजवादियों से जुड़ा हुआ है, यहाँ का इतिहास भाईचारे का रहा है. और इत्र कोई आज से यहाँ नहीं बन रहा है, बहुत वर्षों से बन रहा है."

पुष्पराज जैन के घर बाहर रेड के दौरान इकट्ठा हुई पुलिस

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पुष्पराज जैन के पास कितनी संपत्ति है

पुष्पराज जैन रहते तो उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हैं लेकिन 2016 में फर्रुखाबाद से विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए. फर्रुखाबाद ज़िले की सरकारी वेबसाइट से मिले उनके हलफनामे में उनकी संपत्ति और कारोबार से जुड़ा लेखा-जोखा है.

इस हलफनामे के मुताबिक़ वो 65 साल के हैं और कन्नौज के स्वरूप नारायण इंटर कॉलेज से 12वीं पास हैं. 2016 में दाखिल किये गए हलफनामे में उनके पास 47 करोड़ 25 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति बताई है और उनके ऊपर 5 करोड़ से अधिक की देनदारियां हैं.

उनके मुंबई के बोरीवली (ईस्ट) में और कन्नौज में एसबीआई बैंक में खाते हैं जिसमें 50 लाख रुपये से ज़्यादा जमा है. 9 करोड़ से अधिक के बॉण्ड्स शेयर्स और डिबेंचर्स हैं. उनके ऊपर तमाम इत्र और रियल एस्टेट व्यापारों 23 करोड़ से अधिक राशि देनदारी की है, और 1 करोड़ 35 लाख सोना और जेवरात हैं.

पुष्पराज जैन के पास काफी ज़मीन जायदाद भी है जिसमें कन्नौज के मकरंद नगर में 1.13 एकड़ कृषि ज़मीन, पुलिस लाइन में 3.305 एकड़ कृषि ज़मीन शामिल हैं. कन्नौज में ही 7 एकड़ से अधिक ग़ौर कृषि भूमि भी है जिसकी कीमत 1 करोड़ 10 लाख रुपये बताई गयी है.

उनके पास 7 कमर्शियल प्रॉपर्टी हैं जिनकी कीमत 1 करोड़ 40 लाख रुपये है. कन्नौज और मुंबई के विले पार्ले में दो घर हैं जिनकी कीमत 7 करोड़ 60 लाख रुपये है. ज़ाहिर है 2016 में दी गई जानकारी में बदलाव हुआ होगा लेकिन यह आंकड़े आपको पुष्पराज जैन के आर्थिक संपन्नता का एक अंदाजा ज़रूर दे सकते हैं.

पुष्पराज जैन

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कौन हैं पुष्पराज जैन और क्या है उनका कारोबार

पुष्पराज जैन उर्फ़ पम्पी जैन कन्नौज के रहने वाले हैं जहाँ से अखिलेश यादव और उनकी पत्नी दोनों सांसद रह चुके हैं. विधान परिषद में उनके सह-सदस्य और समाजवादी पार्टी नेता आनंद भदौरिया के मुताबिक़, "विधान परिषद में जो भी मुद्दा समाजवादी पार्टी उठती है उस पर पम्पी जैन मुखर रहते हैं.

विधान परिषद में उनकी सक्रियता रहती है. वो बहुत पुराने व्यापारी हैं और पार्टी से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं. उन पर रेड इसलिए हुई है क्योंकि यह चुनाव के समय बदनाम करने की साज़िश है. भाजपा पहले पीयूष जैन को ही पम्पी जैन साबित करने में लगी हुई थी. अब बौखलाहट में पम्पी जैन के ऊपर भी करवाई की गयी है."

पवन त्रिवेदी कन्नौज के इत्र व्यवसायियों के संगठनन के अध्यक्ष हैं. उनके मुताबिक़ पुष्पराज जैन का इत्र के कारोबार से पुश्तैनी नाता रहा है.

पवन त्रिवेदी कहते हैं, "पम्पी जैन के इत्र का कारोबार उनके पिता से शुरू हुआ और इनके चार भाई हैं. यह लोग बचपन से इस कारोबार में हैं. इनका कन्नौज में इत्र बनाने का कारखाना है, इसके अलावा मुंबई में इनका ऑफिस था जहाँ से यह अपना कारोबार चलते थे, वहीं से ज़्यादा कारोबार है.

"यहाँ कन्नौज में सिर्फ एक इत्र बनाने का कारखाना है. पुष्पराज जैन कन्नौज के बड़े इत्र कारोबारियों में से एक हैं. लेकिन यह हमारे एसोसिएशन से नहीं जुड़े हुए हैं. व्यवहार के बहुत अच्छे हैं, सुलझे हुए हैं, और कुशल है, और कोई नकारात्मक छवि नहीं है."

लेकिन आयकर विभाग की छापेमारी के बारे में पवन त्रिवेदी कहते हैं कि यह सरकारी करवाई है, और इसमें आयकर विभाग अपना काम कर रहा है. इससे एसोसिएशन का कोई लेना देना नहीं है. वो यह भी सफाई देते हैं की पीयूष जैन, जिनके यहाँ से करोड़ों रुपये की बरामदगी हुई है वो पान मसाला के सामग्री के सप्लायर थे और मीडिया में उनको इत्र से जोड़कर दिखाया जाना ग़लत है.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ पम्पी जैन

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पम्पी जैन और समाजवादी इत्र

यूं तो पुष्पराज और पम्पी जैन लम्बे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं लेकिन वो सुर्ख़ियों में नवंबर में आए जब उनके यहाँ बनाई गई समाजवादी इत्र को अखिलेश यादव ने लखनऊ में पेश किया.

लोकार्पण के दौरान उन्होंने बताया था कि समाजवादी इत्र बनाने में 22 प्राकृतिक खुशबुओं का इस्तेमाल किया गया हैं. इत्र को लांच करते हुए पम्पी जैन ने कहा, "जब आप इसको महसूस करेंगे तो आपको समाजवाद की सुगंध महसूस होगी, भाईचारा महसूस होगा, प्रेम और सौहार्द महसूस होगा.

प्रदेश में नफरत की आंधी फ़ैली हुई है, यह समाजवादी इत्र इस नफरत की आंधी को ख़तम करके, प्रेम और भाईचारा को बनाने का काम करेंगे. यह समाजवाद सुगंध पूरे देश में फैलाये गी और वो पूरे प्रदेश में भाईचारा फैलाएगी."

ये कहते हुए कि इसे बनाने में अखिलेश यादव ने खुद मार्गदर्शन दिया, पुष्पराज जैन ने बताया, "यह सुगंध तैयार करने के हमारे वैज्ञानिकों का कम से कम चार महीने का समय लगा, बीच में हम लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी निर्देश लेते रहे."

पुष्पराज जैन के घर बाहर रेड के दौरान इकट्ठा हुई पुलिस

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कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना?

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कारोबारी पीयूष जैन पर हुई छापेमारी और बरामदगी को "कॉमेडी ऑफ़ एरर्स" कहते हुए सवाल पूछा है कि क्या पुष्पराज जैन की छानबीन करने के बजाय गलती से पीयूष जैन की छानबीन हो रही है?

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पुष्पराज जैन ने उनका पीयूष जैन नाम जोड़े जाने पर न्यूज़ चैनल एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, "हो सकता है की हम टारगेट पर होंगे, और पहुँच गए वो अपनी पार्टी के नेता के यहाँ. हमारा पीयूष जैन से कोई संबंध नहीं है. केवल एक समानता है कि वो जैन हैं और हम जैन हैं. पीयूष जैन का समाजवादी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है. हम सपा के विधायक और एमएलसी हैं

"यह राजनीति है, और इसका स्तर बहुत नीचे गिर गया है. जो तथ्य हो सिर्फ वही बोलना चाहिए ज़बरदस्ती हमको और हमारे नेता अखिलेश यादव को बदनाम करने के लिए उसमें हम लोगों को जोड़ दिया गया, और यह रेड में साफ़ भी हो गया है."

पुष्पराज जैन

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क्या कुछ हुआ है बरामद

इस लेख के छपने के समय आयकर विभाग की कन्नौज में छापेमारी जारी है और बरामदगी के बारे में औपचारिक रूप से कोई जानकारी साझा नहीं की गयी है. और अभी तक जाँच में जुटी हुई डीजीजीआई और आयकर विभाग ने ऐसी कोई भी जानकारी नहीं दे है जिससे पम्पी जैन और पीयूष जैन के बीच कारोबारी ताल्लुक साबित हो सके.

डीजीजीआई के मुताबिक़ पीयूष जैन के कानपुर के घर और ठिकानों पर छापेमारी में 177 करोड़ 45 लाख नक़द बरामद हुआ है जिसे गिनने में डीजीजीआई को तीन दिन लग गए. कानपुर में पड़े छापों में कुछ दस्तावेज़ भी बरामद हुए हैं.

डीजीजीआई ने साथ ही बताया है कि जैन के कन्नौज के घर और फ़ैक्ट्री में हुई छापेमारी में 19 करोड़ कैश, 23 किलो सोना, परफ्यूम कंपाउंड बनाने में इस्तेमाल होने वाला ढेर सारा रसायन और 600 किलो चंदन बरामद हुआ है जिसकी क़ीमत 6 करोड़ रुपये आंकी गई है. पीयूष जैन के कन्नौज के घर में एक तहखाना भी मिला है.

उनके घर से बरामद 23 किलो सोने की जाँच डीआरआई (राजस्व ख़ुफ़िया निदेशालय) को सौंपी गई है क्योंकि सोने पर विदेशी निशान बने हुए हैं. फ़िलहाल छापेमारी को रोक दिया गया है मगर अधिकारियों का कहना है कि आगे भी सबूतों के आधार पर बरामदगी के लिए छापेमारी हो सकती है.

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