कानपुर में इत्र व्यापारी के घर रेड, नोट गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन

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उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले आयकर विभाग और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड सक्रिय तौर पर छापेमारी कर रहा है.
हाल ही में समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों के यहां केंद्रीय एजेंसियों ने छापेमारी की थी. जिसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ. आरोप-प्रत्यारोप के दौर भी चले लेकिन कानपुर में गुरुवार को हुई छापेमारी ने राजनीतिक गलियारों में बयानबाज़ी के दौर को तो हवा दी ही है, आम लोगों को भी चौंका दिया है.
गुरुवार को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने कानपुर में इत्र व्यापारी पीयूष जैन की फ़ैक्ट्री और आवास पर छापेमारी की. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड की अलग-अलग टीमों ने मुंबई, गुजरात में भी उनके घर, फैक्ट्री, उनके ऑफ़िस, कोल्ड स्टोरेज और पेट्रोल पंप पर छापेमारी की.
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि पीयूष जैन के पास से करोड़ों रुपये बरामद किये गए हैं.
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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड(CBIC) के अध्यक्ष विवेक जौहरी के मुताबिक़, छापेमारी में लगभग 150 करोड़ रुपये की नकदी ज़ब्त की गई है. अभी भी नोटों की गिनती की जा रही है.
हालांकि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड का कहना है कि वे नोटों की गिनती के बाद ही पुष्ट तौर पर बता सकेंगे कि कितने रुपये की बरामदगी हुई है.
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष विवेक जौहरी ने इस मामले की पुष्टि की ह. उन्होंने बताया कि यह फ़र्ज़ी बिल और क्रेडिट कार्ड से जुड़ा मामला है.

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कौन हैं पीयूष जैन
पीयूष जैन मूल रूप से कन्नौज के रहने वाले हैं. उनके पास कन्नौज में एक घर, परफ़्यूम फ़ैक्ट्री, कोल्ड स्टोरेज और पेट्रोल पंप है.
इसके अलावा मुंबई में भी उनका एक घर है और एक शोरूम भी है. उनकी कंपनियां मुंबई में रजिस्टर भी हैं.
अधिकारियों के मुताबिक़, पीयूष जैन क़रीब 40 कंपनियों के मालिक हैं. जिनमें से दो मिडिल ईस्ट में भी हैं. हालांकि वह मुख्य रूप से इत्र व्यापारी के तौर पर ही जाने जाते हैं.
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गुरुवार सुबह केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड की टीम सबसे पहले पीयूष जैन के कानपुर में आनंदपुरी स्थित घर पहुंची. बोर्ड के अधिकारी अपने साथ नोट गिनने वाली मशीन लेकर पहुंचे थे.
जानकारी यह भी है कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड की ऐसी ही छापेमारी पीयूष जैन के गुजरात और मुंबई स्थित ठिकानों पर भी की गई.
अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि उन्हें क़रीब 150 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी के मामले की जानकारी मिली थी.

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फ़र्जी इनवॉयस और फ़रेब
विवेक जौहरी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि पान मसाला और जी कंपनी त्रिमूर्ति फ्रेग्रेंस बिना इनवाइस और बिना टैक्स चुकाए सामान का लेन-देन कर रही हैं.
विवेक जौहरी ने बताया कि पीयूष जैन ने मान लिया है कि उन्होंने बिना टैक्स चुकाए और बिना इनवाइस काटे माल निकाला था.
जौहरी के हवाले से न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने ख़बर दी है कि अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
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अभी तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, पीयूष जैन के घर से कई फ़र्जी इनवॉयस भी बरामद किये गए हैं.
दरअसल, पीयूष जैन के घर छापेमारी से पहले केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने एक पान-मसाला व्यापारी के यहां छापेमारी की थी और वहीं से उन्हें पीयूष जैन से जुड़ी धांधली का पता चला, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.
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जानकारी के मुताबिक़, नोटों की गिनती के लिए एसबीआई के अधिकारियों की मदद ली जा रही है, जिसके बाद ही कुल रुपयों की सही जानकारी मिल पाएगी. बोर्ड की टीम के साथ अहमदाबाद से आई डीजीजीआई की टीम भी इस छापेमारी में शामिल है.

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राजनीतिक दल समाजवादी पार्टी से संबंधित होने का आरोप
कुछ ख़बरों में पीयूष जैन को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का क़रीबी भी बताया जा रहा है.
बीजेपी उत्तर प्रदेश के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए सपा पर निशाना साधा गया है.
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हालांकि समाजवादी पार्टी ने आरोपों से इनक़ार किया है.
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सपा के मीडिया कंसल्टेंट आशीष यादव ने ट्वीट कर इसका खंडन किया है.
उन्होंने लिखा है- कानपुर में पड़े कारोबारी के यहां छापे का सपा से कोई लेना देना नहीं है, और न हीं समाजवादी इत्र बनाने वालों से इनका कोई नाता है.
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