गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इस्तीफ़ा दिया, कहा- पीएम मोदी के नेतृत्व में होगा विधानसभा चुनाव

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गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी मे अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने शनिवार दोपहर राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंपा.
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इसकी जानकारी दी और कहा कि पार्टी में समय के साथ दायित्व बदलते रहते हैं.
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रुपाणी ने कहा, "मैं भारतीय जनता पार्टी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं कि मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी दी गई."
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का विशेष मार्गदर्शन मिलता रहा है.

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'नया नेतृत्व आना चाहिए'
रुपाणी ने कहा"पिछले पांच वर्षों में गुजरात के विकास में योगदान देने का जो अवसर मिला, उसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं."
उन्होंने कहा, "गुजरात की विकास की यह यात्रा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक नये उत्साह के साथ नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़नी चाहिए, इसे ध्यान में रखकर मैंने त्यागपत्र दिया है.''
विजय रुपाणी ने कहा कि समय के साथ कार्यकर्ताओं के दायित्व बदलना बीजेपी की परंपरा रही है.
उन्होंने कहा, यह इस पार्टी की विशेषता है. मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देने के बाद मैंने पार्टी के संगठन में नई ऊर्जा के साथ काम करने की इच्छा जताई है."

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पीएम मोदी के नेतृत्व में होगा गुजरात विधानसभा चुनाव
गुजरात में विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में होगा?
इस सवाल के जवाब में रुपाणी ने कहा, "हम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ते हैं. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी हर राज्य में चुनाव लड़ती है. इस बार भी हमारे पास मज़बूत नेतृत्व है, उनके नेतृत्व में हम चुनाव लड़ेंगे.''
प्रेस कॉन्फेंस के दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाई.
एक पत्रकार ने सवाल पूछा कि अगर सबकुछ सही था, तो फिर उन्होंने इस्तीफ़ा क्यों दिया?
इसके जवाब में रुपाणी मे कहा, "हमारी पार्टी में यह स्वाभाविक प्रक्रिया है. कार्यकर्ताओं को अलग-अलग ज़िम्मेदारी दी जाती है. हम इसे पद नहीं, ज़िम्मेदारी कहते हैं. मुझे पांच साल सीएम पद की ज़िम्मेदारी दी गई. अब पार्टी जो ज़िम्मेदारी देगी, वो मैं करूंगा."
गुजरात के लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा, "पिछले पांच वर्षों में उपचुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव में भी पार्टी को जनता का सहयोग और विश्वास मिला है. जनता का विश्वास बीजेपी की ताकत बनी है और मुझे भी लगातार काम करते रहने की ताकत मिली है."
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रुपाणी के इस्तीफ़े पर कौन क्या बोला?
विजय रुपाणी के अचानक इस तरह इस्तीफ़े के ऐलान पर विपक्षी पार्टियों के लोग अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
कांग्रेस के नेता हार्दिक पटेल ने कहा कि गुजरात में बीजेपी चेहरा बदलकर लोगों को गुमराह कर रही है और अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश कर रही है.
एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा, "बीजेपी सीएम बदलकर और चेहरा बदलकर लोगों को गुमराह करना चाहती है. वो बताना चाहती है कि ग़लत उस आदमी ने किया था, यह आदमी सही करेगा. लेकिन गुजरात की जनता का मूड है कि आनेवाले दिनों में वो बीजेपी की ग़लत नीतियों के ख़िलाफ़ एकजुट होकर लड़ेगी.''
गुजरात के वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि रुपाणी का इस्तीफ़ा 2022 के चुनावों को ध्यान में रखकर आया है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "अगर रुपाणी कोविड महामारी के दौरान फैली भारी अव्यवस्था के बाद इस्तीफ़ा देते तो गुजरात के लोग तारीफ़ करते. यह इस्तीफ़ा 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों को हिसाब से चुनावी समीकरण को ध्यान में रखकर लिया गया फ़ैसला है."

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बीजेपी शासित कई राज्यों में बदली सरकार
पिछले कुछ समय में बीजेपी के शासन वाले कई राज्यों में मुख्यमंत्री बदले गए हैं. पिछले पाँच महीने के भीतर ही बीजेपी ने चार राज्यों में मुख्यममंत्री बदले हैं.
कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा, उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत और त्रिवेंद सिंह रावत के अलावा असम में सर्वानंद सोनोवाल ने हाल ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया था.
उत्तराखंड में दो-जो बार मुख्यमंत्री बदलने के बाद पुष्कर सिंह धामी के हाथों राज्य की कमान सौंपी गई.
पूर्वोत्तर राज्य असम में सर्वानंद सोनोवाल के बाद हिमंता बिस्व सरमा को मुख्यमंत्री पद मिला और कर्नाटक में येदियुरप्पा के बाद बासवराज बोम्मई मुख्यमंत्री बने.
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