पंजशीर के लड़ाकों का दावा, 'तालिबान का चेहरा ज़मीन पर रगड़ देंगे' - प्रेस रिव्यू

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अफ़ग़ानिस्तान में पंजशीर के तालिबान विरोधी लड़ाकों के इरादे काफ़ी बुलंद हैं और उन्होंने तालिबान से लड़ने की कसम खाई है.
अंग्रेज़ी दैनिक द टाइम्स आफ़ इंडिया ने अफ़ग़ानिस्तान के ख़ामा प्रेस के हवाले से यह ख़बर प्रकाशित की है. अख़बार के अनुसार, पंजशीर के लड़ाकों का कहना है कि वे तालिबान के चेहरे को जमीन पर रगड़ने को बेताब हैं.
ख़बर के अनुसार, एक लड़ाके ने तालिबान पर पहले की जीत का हवाला देते हुए जब कहा कि वे अपने विरोधियों का चेहरा ज़मीन पर रगड़ देंगे तो उनके साथी सैनिकों ने हाथ उठाकर 'अल्लाह हो अकबर' का नारा बुलंद किया.
ये सभी लड़ाके नेशनल रेज़िस्टेंस फ़्रंट (एनआरएफ़) के हैं, जो काबुल पर क़ब्ज़े के बाद तालिबान का विरोध करने वाला सबसे मज़बूत मोर्चा रह गया है. ख़बरों के अनुसार, देश की सेना के सरेंडर कर देने के बाद कई सैनिक इस संगठन में शामिल हो गए हैं.
पंजशीर के लड़ाकों ने इस इलाके को हमेशा दूसरी ताक़तों के हाथों में जाने से रोके रखा है. काबुल से 90 मील उत्तर हिंदूकुश पर्वत में स्थित इस इलाके की ख़ासियत ये है कि इसके बीच में घाटी है जबकि चारों ओर यह पहाड़ियों से घिरा है. यही वज़ह है कि जब कोई दुश्मन इलाके में घुसने की कोशिश करता है तो पहाड़ों के ऊपर रखे मशीनगन उन्हें आसानी से निशाना बना लेते हैं.

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तालिबान को लेकर भारत चिंतित तो है पर तैयार भी: सीडीएस जनरल बिपिन रावत
अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद भारत के चीफ़ ऑफ डिफ़ेंस स्टाफ़ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि ''हम आतंकवाद के बढ़ने को लेकर चिंतित हैं, पर बदले हालात से निपटने के लिए हमारे पास आकस्मिक योजनाएँ भी हैं.''
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार, जनरल रावत ने कहा कि भारत को अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के क़ब्ज़े की आशंका थी पर यह जितनी तेज़ी से हुआ वो अचंभित करने करने वाली बात थी.
जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ''अफ़ग़ानिस्तान से भारत में फैलने वाले आतंकवाद से उसी तरह निपटा जाएगा जैसे इससे हम अभी निपटते हैं.''
उन्होंने कहा कि भारत ख़ुफ़िया इनपुट का स्वागत करेगा, जिसकी आतंकवाद के ख़िलाफ़ चल रहे वैश्विक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
वो बुधवार को ऑब्ज़र्वर रिसर्च फ़ाउंडेशन (ओआरएफ़) के कार्यक्रम 'द इंडिया-यूएस पार्टनरशिप: सिक्योरिंग द 21 सेंचुरी' में बोल रहे थे. उनके साथ यूएस इंडो-पैसिफ़िक के कमांडर कमांड ऐडमिरल जॉन एक्विलिनो भी थे.

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योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी के लिए भाजपा की उद्धव के ख़िलाफ़ शिकायत
नारायण राणे के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज होने के बाद अब इसके जवाब में भाजपा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ अपनी शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के अनुसार, उद्धव ठाकरे ने पहले के एक बयान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी की थी.
द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के अनुसार, भाजपा ने बुधवार को नासिक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी और शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' की संपादक रश्मि ठाकरे और युवा सेना अध्यक्ष वरुण सरदेसाई के ख़िलाफ़ तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं.
ये सभी शिकायतें भाजपा की नासिक इकाई ने शहर के साइबर पुलिस थाने में दर्ज कराई हैं.
ताज़ा विवाद के बीच, उद्धव ठाकरे का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. योगी आदित्यनाथ की पालघर की यात्रा के दौरान छत्रपति शिवाजी की तस्वीर पर माल्यार्पण करते वक्त जूते न उतारने पर इस वीडियो में वे कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि 'इसके लिए योगी आदित्यनाथ को सैंडल से पीटना चाहिए.'
इस बीच, भाजपा के यवतमाल ज़िला अध्यक्ष नितिन भूटाडा और महासचिव राजू पडगिलवार ने भी उद्धव ठाकरे पर उनके दशहरा भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ 'भड़काऊ' टिप्पणी के लिए मामला दर्ज करने की मांग की है.

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कोरोना कार्यसमूह के प्रमुख ने कहा, स्कूलों के दोबारा खोलने का समय आ गया है
कोविड-19 पर केंद्र सरकार के कार्यसमूह एनटीएजीआई के प्रमुख डॉक्टर एनके अरोड़ा ने बुधवार को कहा कि कई चरणों में स्कूलों को शुरू करने का समय अब आ गया है.
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार, नेशनल टेक्निकल एडवाइज़री ग्रुप ऑन इम्युनाइज़ेशन (एनटीएजीआई) के प्रमुख डॉक्टर अरोड़ा ने आगाह भी किया है कि विद्यार्थियों के परिजनों को कोविड-19 का टीका ज़रूर लगवा लेना चाहिए.
अख़बार लिखता है कि डॉक्टर अरोड़ा ने यह सुझाव भी दिया है कि शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ स्कूलों से जुड़े ड्राइवरों का भी टीकाकरण होना चाहिए ताकि छात्रों के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बन सके. हालांकि उन्होंने कहा कि बच्चे कोरोना से बहुत बीमार नहीं पड़ते.
डॉक्टर अरोड़ा ने बुधवार को यह एलान भी किया कि 12 से 17 साल के बच्चों के लिए मंज़ूर की गई ज़ाइडस कैडिला की ज़ाइकोव-डी वैक्सीन से टीकाकरण अक्टूबर में शुरू किया जाएगा. इस वैक्सीन को 20 अगस्त को मंज़ूरी मिली थी.
अख़बार के अनुसार, बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यों से आग्रह किया कि वे 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस से पहले सभी स्कूली शिक्षकों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करें. उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार इस महीने राज्यों को वैक्सीन की दो करोड़ अतिरिक्त ख़ुराक़ उपलब्ध कराएगी.
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