तालिबान ने कहा, 'हम पंजशीर के लड़ाकों से बात करेंगे': प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, Reuters
तालिबान के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार को कहा कि हमने 'पंजशीर के अपने भाइयों' को बातचीत करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि पंजशीर के लोगों की कुछ आपत्तियां हैं और उसे दूर करने के लिए हम उनसे एक प्रतिनिधिमंडल के ज़रिए बातचीत करने जा रहे हैं.
अंग्रेजी अख़बार ट्रिब्यून ने इस ख़बर को प्रमुखता से छापा है. अख़बार के अनुसार, तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के एक सदस्य मुफ़्ती अनामुल्ला समांगानी ने बताया है कि बातचीत के लिए काफ़ी गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं.
उन्होंने बताया है कि एक प्रतिनिधिमंडल ''ख़ुद अहमद मसूद और पंजशीर मामले में शामिल कई अन्य लोगों से मुलाकात करेगा.'' अख़बार लिखता है कि काबुल पर तालिबान के क़ब्ज़े से बहुत पहले से पंजशीर प्रांत के नेता सरकार से उन्हें अधिक स्वायत्तता देने की मांग कर रहे थे.
ख़बर में यह भी बताया गया है कि पंजशीर घाटी के हालात काफ़ी तनावपूर्ण बने हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, घाटी के विरोधियों ने तालिबान लड़ाकों को रोक दिया है. तालिबान ने निकटवर्ती बदख़्शां प्रांत से एक दर्रे के ज़रिए पंजशीर घाटी में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन वे ऐसा करने में नाकाम रहे.
पंजशीर के विरोधियों के दस्ते में जा मिले अफ़ग़ान सेना के कमांडो मेजर वज़ीर अकबर ने दावा किया है कि अंजुमन दर्रे पर उसके पलटवार में कई लोग हताहत हुए हैं. पंजशीर चारों तरफ से बदख़्शां, तख़र और बागलान प्रांतों से घिरा हुआ है, जो अब तालिबान के नियंत्रण में हैं.
पंजशीर के विरोधियों को अब तक कोई ख़ास विदेशी समर्थन नहीं मिल पाया है. इस बीच अहमद मसूद ने दावा किया है कि तालिबान का सामना करने के लिए उसके पास पर्याप्त गोला-बारूद और हथियार हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
नारायण राणे को ज़मानत मिली
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को उनकी गिरफ़्तारी के क़रीब नौ घंटे बाद देर रात रायगढ़ के महाड में ज़मानत पर रिहा कर दिया गया.
यह ख़बर इंडियन एक्सप्रेस ने प्रमुखता से छापी है. अख़बार के अनुसार बॉम्बे हाईकोर्ट ने हालांकि दिन में उनकी मुश्किलों को यह कहकर बढ़ा दिया था कि उनके ख़िलाफ़ दर्ज मामलों को रद्द करने की उनकी मांग पर तत्काल सुनवाई की ज़रूरत नहीं है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई धाराओं के तहत उन पर पांच मामले दर्ज हुए हैं.
यह पूरा मामला, सोमवार को महाड में नारायण राणे के एक बयान से पैदा हुआ, जब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने की कथित धमकी दी थी.
असल में, सोमवार को रायगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए राणे ने कहा था, ''यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को आज़ादी का साल नहीं पता. भाषण के दौरान उन्हें आज़ादी के साल पता करने के लिए पीछे मुड़ना पड़ा. यदि मैं वहां होता तो उन्हें एक ज़ोरदार तमाचा जड़ देता."
राणे के बयान के बाद पूरे महाराष्ट्र में शिवसेना ने विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. वहीं उनकी ही पार्टी भाजपा ने उनके बयान का समर्थन नहीं किया. हालांकि निजी तौर पर समर्थन करते हुए पार्टी ने कहा कि उनकी गिरफ़्तारी संवैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन है.

इमेज स्रोत, Reuters
'केवल आर्थिक पैमानों के आधार पर क्रीमी लेयर की पहचान नहीं की जा सकती'
हरियाणा सरकार के एक फ़ैसले को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह आदेश दिया.
'द हिंदू' में छपी एक ख़बर के अनुसार, जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की खंडपीठ ने मंगलवार को कहा: "हरियाणा सरकार ने केवल आर्थिक पैमानों के आधार पर पिछड़े वर्गों के बीच 'क्रीमी लेयर' की पहचान करने की कोशिश की है और ऐसा करके गंभीर ग़लती की है."
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन महीने में अदालत के पिछले फ़ैसलों में तय किए गए मानदंडों के आधार पर नई अधिसूचना जारी करने को भी कहा है.
हरियाणा ने 2016 में अन्य पिछड़े वर्गों के बीच 'क्रीमी लेयर' की पहचान के लिए नए मानदंड तय करते हुए एक अधिसूचना जारी की थी. इसके तहत, सालाना 6 लाख रुपये से अधिक कमाने वाले पिछड़े वर्ग के लोगों को, हरियाणा पिछड़ा वर्ग (सेवाओं में आरक्षण और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश) अधिनियम की धारा 5 के तहत 'क्रीमी लेयर' माना गया था.
अख़बार के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में अब साफ़ कहा है कि क़ानून के अनुसार 'क्रीमी लेयर' की पहचान करने और इससे बाहर करने के लिए आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक और अन्य कारकों को ध्यान में रखना होगा. अदालत ने कहा कि इस अधिसूचना में ऐसा नहीं किया गया है, लिहाज़ा यह अमान्य है.

इमेज स्रोत, Reuters
कोरोना का ख़तरा घटकर एंडेमिक स्टेज में पहुंचनेकी संभावना: डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि भारत में कोविड-19 अब महामारी (पैंडेमिक) से कम ख़तरनाक स्थानिकता के चरण (एंडेमिक) में पहुंच गया है.
उन्होंने कहा है कि, भारत में कोरोना संक्रमण के पहले की तरह काफ़ी तेज़ी से बढ़ने की आशंका नहीं है. उनके अनुसार, इसके चलते अब कोरोना का ख़तरा कम या मध्यम स्तर का रह गया है. एंडेमिक स्टेज में लोग वायरस के साथ रहना सीख लेते हैं. यह महामारी के चरण से बहुत अलग स्थिति होती है.
'द टेलीग्राफ' में छपी एक ख़बर के अनुसार एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही है.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के आकार, इसकी विविधता और इम्युनिटी की स्थिति को देखते हुए, कोरोना की स्थिति आगे भी ऐसे ही उतार-चढ़ाव वाली बनी रह सकती है. वहीं कोवैक्सीन टीके को डब्ल्यूएचओ की मंज़ूरी पर डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि हमारा तकनीकी समूह सितंबर के मध्य तक इसे अपनी मंज़ूरी दे देगा.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)













