विश्व हिंदू परिषद की मांग, तबलीग़ी जमात पर लगाया जाए प्रतिबंध

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विश्व हिंदू परिषद ने रविवार को तबलीग़ी जमात और उसके निज़ामुद्दीन मरकज़ पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है.
मार्च के दूसरे हफ़्ते में दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में आयोजित एक मजहबी जलसे के बाद धार्मिक संगठन तबलीग़ी जमात का मरकज़ (मुख्यालय) इसका हॉटस्पॉट बनकर उभरा है.
इस कार्यक्रम में शरीक होने वाले लोगों की एक बड़ी संख्या कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई है. केंद्र सरकार ने माना है कि तबलीग़ी जमात के लोगों की वजह से देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ़्तार बढ़ गई है.
विश्व हिंदू परिषद के महासचिव सुरेंद्र जैन का कहना है कि तबलीग़ी जमात और उसके मरकज़ की वजह से देश कोरोना संकट का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा, "इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और इसके खाते सील कर दिए जाने चाहिए."
हालांकि तबलीग़ी जमात ने प्रेस रिलीज जारी करके ये बताया था कि जनता कर्फ़्यू के एलान के साथ ही उन्होंने अपना धार्मिक कार्यक्रम रोक दिया था. लेकिन पूरी तरह लॉकडाउन की घोषणा के कारण बड़ी संख्या में लोग वापस नहीं जा सके.

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मलेरिया की दवा निर्यात करने पर सरकार ने बढ़ाई सख़्ती
कोविड 19 महामारी के इस दौर में दवा की कमी नहीं हो ये सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन के निर्यात नियमों को और सख़्त कर दिया है.
नई पाबंदियों के तहत अब हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन को एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट या फिर किसी निर्यात प्रोत्साहन योजना के तहत भेजने की अनुमति नहीं होगी.
डीजीएफ़टी (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड) की ओर से जारी एक नोटिफ़िकेशन में कहा गया कि हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन का निर्यात या फिर हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन से बनी दवाओं का निर्यात किसी भी सूरत में नहीं रहेगा.
इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने इस क़दम को महत्वपूर्ण बताया है.
कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में उपचार के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन के उपयोग की सिफ़ारिश की गई है.

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प्रीमियम चुकाने के लिए 30 दिनों की मोहलत
बीमा उद्योग का नियमन करने वाली सरकारी एजेंसी भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने बीमाधारकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है.
कोरोना संकट के समय बीमाधारकों को आईआरडीएआई ने जीवन बीमा के प्रीमियम की रकम चुकाने के लिए 30 और दिनों की मोहलत दी है. ये राहत जीवन बीमा की उन पॉलिसीज के लिए है जिनके रिनवल की तारीख मार्च और अप्रैल के महीने में पड़ रही थी.
हेल्थ पॉलिसी और मोटर बीमा के मामले में तीसरी पार्टी के बीमा के प्रीमियम भुगतान के लिए आईआरडीएआई ने पहले ही अतिरिक्त समय देने की घोषणा कर रखी है. साधारण बीमा को दी गई छूट के बाद जीवन बीमा मुहैया कराने वाली कंपनियों ने आईआरडीएआई से 30 और दिनों की मोहलत दिए जाने की मांग की थी.
जीवन बीमा मुहैया कराने वाली कंपनियों का कहना था कि तीन हफ़्तों के लॉकडाउन की वजह से बीमाधारक परेशानी का सामना कर रहे हैं.
यूनिट लिंक पॉलिसीज के मामले में आईआरडीएआई ने कहा है कि 31 मई, 2020 से पहले परिपक्व होने वाली पॉलिसीज़ पर बीमा कंपनियां उपलब्ध प्रावधानों के तहत समझौते के विकल्पों की पेशकश कर सकती हैं.

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नौ चरमपंथियों की मुठभेड़ में मौत
जम्मू और कश्मीर में बीते चौबीस घंटे में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में नौ चरमपंथी मारे गए हैं.
श्रीनगर में मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार माजिद जहांगीर के मुताबिक़ मारे गए चरमपंथियों में से चार पर एक आम नागरिक की हत्या की हत्या का आरोप था. चार अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के बतपुरा इलाक़े में सुरक्षा बलों ने इन्हें मार गिराया.
वहीं दूसरा मामला उत्तरी कश्मीर के केरान सेक्टर का है. केरान सेक्टर में चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने पांच चरमपंथियों को मार गिराया है.
सेना का कहना है कि ये पांचों चरमपंथी ख़राब मौसम का फ़ायदा उठाकर घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे. इस ऑपरेशन में सेना के एक जवान की भी मौत हो गई. जबकि दो लोग बुरी तरह घायल हुए हैं. ख़राब मौसम और उबड़-खाबड़ इलाक़ा होने की वजह से मदद पहुंचने में रुकावट आ रही है.
ख़बर लिखे जाने तक सेना की कार्रवाई जारी थी.

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