कोरोना वायरस की सुनामी से निपटने के लिए भारत की तैयारियां कैसी हैं?

इमेज स्रोत, Getty Images
कोरोना वायरस की चपेट में दुनिया के 168 देश हैं और अब तक इससे संक्रमित लोगों की संख्या दो लाख 75 हज़ार से भी ज़्यादा हो चुकी है.
दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 11 हज़ार के पार है. जिस तेज़ी से मामले बढ़ रहे हैं, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत कोरोना वायरस का अगला सबसे बड़ा शिकार हो सकता है.
भारत में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 282 मामले सामने आ चुके हैं और अब तक चार मौतें हो चुकी हैं. पहली मौत कर्नाटक, दूसरी दिल्ली, तीसरी महाराष्ट्र और चौथी पंजाब में हुई.
बीबीसी संवाददाता रजिनी वैद्यनाथन से बातचीत में सेंटर फॉर डिज़ीज डायनेमिक्स के निदेशक डॉ. रामानन लक्ष्मीनारायण ने चेताया है कि भारत को कोरोना वारयस की 'सुनामी' के लिए तैयार रहना चाहिए.
उनका मानना है कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले और तेज़ी से बढ़ेंगे. साथ ही ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि बाकी दुनिया के मुकाबले भारत में इसका असर कम हो सकता है.
हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने की भारत सरकार की कोशिशों की तारीफ़ की है.
डब्लूएचओ के प्रतिनिधि हैंक बेकेडम ने कहा, "इस मामले में भारत सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया शानदार रही है और मैं इससे काफी प्रभावित हूं. यही वजह है कि भारत अभी दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है."
सामग्री् उपलब्ध नहीं है
सोशल नेटवर्क पर और देखिएबाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.पोस्ट Facebook समाप्त
बढ़ सकती है मरीजों की संख्या?
डॉक्टर रामानन लक्ष्मीनारायण ने कहा, "हो सकता है हम बाकी देशों की तुलना में थोड़ा पीछे चल रहे हों, लेकिन स्पेन और चीन में जैसे हालात रहे हैं, जितनी बड़ी संख्या में वहां लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं, वैसे ही हालात यहां बनेंगे और कुछ हफ़्तों में हमें कोरोना की सुनामी के लिए तैयार रहना चाहिए."
कोरोना वायरस संक्रमण के मामले भारत में फिलहाल काफ़ी कम हैं. जिस वक़्त दुनिया के ज़्यादातर देश बुरी तरह कोरोना की चपेट में है, भारत में इसके मामले कम क्यों सामने आए हैं?
इस सवाल के जवाब में डॉक्टर रामानन लक्ष्मीनारायण ने कहा कि अगर हम ज़्यादा लोगों का टेस्ट करते तो संभव है कि और अधिक मामले अब तक सामने आ चुके होते लेकिन भारत ही नहीं सारी दुनिया में कोरोना टेस्ट बहुत कम ही हो रहा है.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है आने वाले दो से तीन दिनों में जब ज़्यादा लोगों के टेस्ट होंगे तो मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी. ये संख्या हज़ार के पार भी जा सकती है इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए. भारत में ऐसे संक्रमण का फैलना बेहद आसान है और इसकी वजह यहां का जनसंख्या घनत्व है, जैसा कि चीन के साथ हुआ है."
उन्होंने आशंका जताई है कि कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन अब तेज़ी से बढ़ रहा है और हर एक पॉजिटिव केस दो नए केस बढ़ा रहा है.

- कोरोना महामारी, देश-दुनिया सतर्क
- कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव
- कोरोना वायरस का बढ़ता ख़तरा, कैसे करें बचाव
- कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना क्यों ज़रूरी है?
- कोरोना: मास्क और सेनेटाइज़र अचानक कहां चले गए?
- अंडे, चिकन खाने से फैलेगा कोरोना वायरस?
- कोरोना वायरस: बच्चों को कोविड-19 के बारे में कैसे बताएं?
- कोरोना वायरस: संक्रमण के बाद बचने की कितनी संभावना है
- कोरोना वायरस का कहर बरपा तो संभल पाएगा भारत?
- कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का अपमान क्यों
- कोरोना: माचिस की आग से 'स्टे होम' का संदेश
- कोरोना वायरस: क्या करेंसी नोट और सिक्कों से भी फैल सकता है?
- कोरोना वायरस: तीसरे चरण के संक्रमण से बचने के लिए कितना तैयार है भारत


इमेज स्रोत, Getty Images
कितने लोग संक्रमित हो सकते हैं?
कम्युनिटी ट्रांसमिशन संक्रमण फैलने का तीसरा और थोड़ा ख़तरनाक स्तर है.
कम्युनिटी ट्रांसमिशन तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी ज्ञात संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए बिना या वायरस से संक्रमित देश की यात्रा किए बिना ही इसका शिकार हो जाता है.
भारत में अब तक अधिकतर उन्हीं लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट कराया गया है जो विदेश से लौटे हैं या विदेश से आए किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हैं. लेकिन जब किसी को यह मालूम ही न हो कि वो कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है और उसके जरिए कोरोना का संक्रमण दूसरे कई लोगों तक फैल गया तो चिंताएं बढ़ेंगी.
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कितने संभावित मामले सामने आ सकते हैं, इस सवाल पर डॉ. रामानन कहते हैं कि अमरीका और ब्रिटेन में 50 से 60 फ़ीसदी लोग संक्रमण की चपेट में होंगे ऐसे ही आकलन करें और कम से कम आंकड़ों की बात करें तो भारत में करीब 20 फ़ीसदी आबादी वायरस की चपेट में आएगी. लेकिन यह आंकड़ा कम नहीं है. 20 फ़ीसदी आबादी का मतलब है करीब 30 करोड़ लोग इसकी जद में आएंगे.

इमेज स्रोत, Getty Images
अस्पतालों का हाल क्या है?
डॉक्टर रामानन का मानना है कि हर पांच में से एक व्यक्ति संक्रमण के गंभीर स्तर पर होगा. यानी 40 से 50 लाख लोग गंभीर स्थिति में होंगे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की ज़रूरत पड़ेगी.
लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या भारत की स्वास्थ्य सेवाएं इतनी सक्षम हैं कि वो इतनी बड़ी तादाद में लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध करा पाएंगी? ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां जिला स्तर पर अस्पतालों का हाल बेहद खराब है.
डॉ. रामानन मानते हैं कि भारत के पास बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं और यहां अस्पतालों की स्थिति भी बहुत बेहतर नहीं है.
उन्होंने कहा, "पूरे देश के सभी अस्पतालों में कुल 70 हज़ार से एक लाख के करीब आईसीयू बेड होंगे. आबादी के हिसाब से यह संख्या बहुत कम है और चिंता का विषय भी है. हमारे पास तैयारियों के लिए ज़्यादा वक़्त भी नहीं है. जिस तरह चीन ने फुर्ती दिखाई है हमें भी वो सब करने की ज़रूरत पड़ेगी. अस्थाई अस्पताल बनाने होंगे, स्टेडियम को कुछ वक़्त के लिए अस्पताल में तब्दील किया जा सकता है, अधिक से अधिक वेंटिलेटर तैयार रखने होंगे."
संक्रमण से बचने और इससे लड़ने के लिए
कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए सरकार और आम लोगों को क्या कदम उठाने चाहिए?
इस सवाल पर डॉ. रामानन कहते हैं, "हमारे पास हालात पर काबू पाने के लिए तीन हफ़्ते वक़्त है. सब कुछ इसी दौरान करना है. आप कल्पना कीजिए कि हम उस जगह पर हैं जहां से सुनामी को आते हुए देख रहे हैं. अगर वक़्त रहते सतर्क नहीं हुए तो सुनामी की चपेट में ख़त्म हो जाएंगे."
उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है. किसी तरह की अफ़रातफ़री न मचाएं लेकिन वो सारी सावधानियां बरतें जो इस महामारी से निपटने के लिए कर सकते हैं.
"हमें यह ध्यान रखना होगा कि ऐसी चीज़ें एक ही बार सामने आती हैं और तबाह करके चली जाती हैं. सरकारों को भी इसकी आहट और इससे बचाव के उपायों का अंदाज़ा नहीं होता. इसलिए ये वो वक़्त है जब हमें संक्रमण से बचने और इससे लड़ने के लिए कमर कस लेनी चाहिए."

इमेज स्रोत, MohFW, GoI

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)


















