CAA के ख़िलाफ़ पुदुचेरी विधानसभा ने पास किया प्रस्ताव: पाँच बड़ी ख़बरें

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केरल, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बाद अब केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी ने भी केंद्र के नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ विधानसभा में प्रस्ताव पास किया है.
विधानसभा के एक विशेष सत्र में मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि एनआरसी और एनपीआर के साथ नागरिकता संशोधन क़ानून लागू करने कि प्रस्तावित योजना देश की एकता और धर्मनिरपेक्षता के लिए ख़तरा है.
उन्होंने नागरिकता संशोधन क़ानून को भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताया और कहा कि इसके ज़रिए केंद्र सरकार आरएसएस के हिंदू राष्ट्र के सपने को पूरा करने का रास्ता बना रही है.
इससे पहले इसी महीने पुदुचेरी की राज्यपाल किरण बेदी ने प्रदेश सरकार को एक पत्र लिख कर कहा था कि प्रदेश सरकार को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव नहीं पारित करना चाहिए. मुख्यमंत्री नारायणसामी ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले में किसी से डरती नहीं, प्रधानमंत्री चाहें तो इसके लिए उनकी सरकार को बर्ख़ास्त कर सकते हैं.
उमर अब्दुल्लाह की सुनवाई से जज ने ख़ुद को किया अलग

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुखयमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्लाह पर पीएसए लागू करने के मामले में अब 14 फ़रवरी को अगली सुनवाई होगी.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बुधवार 12 फ़रवरी को सुनवाई करने वाली थी लेकिन तीन जजों की बेंच में से एक जज जस्टिस एमएम शांतनागौदर ने ख़ुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया. उन्होंने ऐसा करने के पीछे कारणों के बारे में फ़िलहाल कुछ भी नहीं बताया है.
सुप्रीम कोर्ट की इस बेंच में जस्टिस एमएम शांतनागौदर के साथ जस्टिस एनवी रमन्ना और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल थे.
अब शुक्रवार यानी 14 फ़रवरी को सुप्रीम कोर्ट की एक अलग बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी.
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से उमर अब्दुल्लाह नज़रबंद हैं लेकिन पाँच फ़रवरी को उन पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट, 1978 भी लगा दिया गया था.
उनकी बहन सारा अब्दुल्लाह पायलट ने उन पर पीएसए लगाए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
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गार्गी कॉलेज: छात्राओं से छेड़छाड़ करने के मामले में 10 गिरफ्तार
दिल्ली के गार्गी कॉलेज में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अतुल ठाकुर ने बताया है कि हौज़ख़ास थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसके बाद पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनकी उम्र 18 से 25 साल के बीच है.
अतुल ठाकुर का कहना है कि पुलिस की टीम संदिग्धों की पहचान के लिए एनसीआर के अलग-अलग शहरों में जा रही हैं और सभी तरह के वीडियो सबूतों की जाँच कर रही है.
इसी महीने गार्गी कॉलेज में कल्चरल फ़ेस्टिवल के दौरान महिलाओं के साथ कथित छेड़ख़ानी हुई थी. इस मामले की गूंज संसद में भी सुनाई दी थी.
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के एक सवाल के जवाब में कहा था कि लड़कियों के साथ छेड़ख़ानी करने वाले बाहरी लोग थे और कॉलेज प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए कहा गया है.

दो भारतीय कोरोनावायरस से संक्रमित
जापान के पास खड़ी क्रूज़ शिप के दो भारतीय कर्मचारियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.
जपान में भारतीय दूतावास के अधिकारियों का कहना है कि इसके साथ अब तक कुल छह भारतीयों के इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो गई है.
डायमंड प्रिसेस नाम के इस क्रूज़ शिप में सवार कुल 3,711 लोगों में से अब तक कुल 174 लोगों में वायरस संक्रमण पाया गया है. इस शिप में 138 भारतीय भी हैं.
इसी सप्ताह सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए एक वीडियो में शिप के कुछ सदस्यों ने कहा था कि ये वायरस तेज़ी से शिप के लोगों में फैल रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगाई थी कि वो उन्हें बचाने के लिए जल्द से जल्द कुछ क़दम उठाएं.
इधर चीन में इसके संक्रमण के ताज़ा आंकड़ों में बुधवार को गिरावट नज़र आई जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि चीन में वायरस का असर थमता दिख रहा है लेकिन दुनिया के दूसरे देशों में इसका फैलना जारी रह सकता है.
बुधवार तक इस वायरस के कारण संक्रमित लोगों की संख्या 45 हज़ार पहुंच चुकी है जबकि पूरी दुनिया में 1,117 लोग इस कारण अपनी जान गंवा चुके हैं.
हांगकांग में इस शिप से उतरे एक व्यक्ति में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद इस शिप को जापान के योकोहामा पर दूसरों से अलग-थलग कर दिया गया था.

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कोरोनावायरस का असर मोबाइल कांग्रेस पर
हर साल आयोजित होने वाला वायरलेस इंडस्ट्री और टेलिकॉम कंपनियों का ख़ास कार्यक्रम मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस इस साल आयोजित नहीं होगा .
इसका कारण है कोरोना वायरस जिसके डर के कारण इस महीने के आख़िर में बार्सिलोना में होने वाले मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस को आयोजक जीएसएमए ने रद्द कर दिया है.
आयोजकों का कहना है कि कई कंपनियों ने इस साल कार्यक्रम में शामिल होने से मना कर दिया था.
जीएसएमए ने एक बयान जारी कर कहा है कि कोरोना वायरस वैश्विक चिंता का विषय है और इस कारण सफ़र को लेकर ज़रूरी सावधानियों और बार्सिलोना की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए कार्यक्रम रद्द करने का फ़ैसला लिया गया है.
इस कार्यक्रम में लाखों की संख्या में टेलिकॉम इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल होते हैं.

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