महाराष्ट्र: हिंगनाघाट में ज़िंदा जलाई गई युवती, घटना को लेकर आक्रोश

इमेज स्रोत, Facebook
- Author, प्रवीण मुधोलकर
- पदनाम, बीबीसी मराठी के लिए, हिंगनाघाट (महाराष्ट्र) से
"वो दर्द से चीख रही थी. उसकी सांसें धीमी होती जा रही थीं और हर गुज़रते पल के साथ उसके लिए सांस लेना दूभर होता जा रहा था. लपटों ने उसका सिर, गर्दन और चेहरा झुलसा दिया था. एक स्कूली छात्रा के स्वेटर की मदद से आग की लपटों को बुझा दिया गया था और पीड़िता को अब अस्पताल ले जाया जा रहा था."
ये दर्दनाक घटना महाराष्ट्र के वर्धा ज़िले के हिंगनाघाटा कस्बे की है, जहां तीन दिनों पहले एक युवती को नंदोरी चौक के पास ज़िंदा जलाने की कोशिश की गई थी और ये बातें चश्मदीद विजय कुकाड़े ने बताई है.
सोमवार को आख़िरकार उस युवती की मौत हो गई. युवती एक शिक्षिका थी. बताया जा रहा है कि 40 फ़ीसदी तक जल गई है और उसका नागपुर के ऑरेंज सिटी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था.
इस घटना के बाद ज़िले के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हिंगनाघाट और समुद्रपुर इलाके में लोगों ने इसके ख़िलाफ़ बंद का एलान किया है.
घटना तीन फ़रवरी की सुबह क़रीब सवा सात बजे की है. विजय कुकड़े उस वक़्त अपराध स्थल के इलाके से गुज़र रहे थे.
वो गुज़र ही रहे थे कि उन्हें एक कराहती हुई 'प्लीज़, बचा लो' की पुकार सुनाई पड़ी. विजय ने सोचा कि शायद कोई हादसे का शिकार हो गया है इसलिए उन्होंने अपनी बाइक रोक दी.

इमेज स्रोत, PRAVEEN MUDHOLKAR
आग बुझाने की नाकाम कोशिश
जब वो अपनी बाइक लेकर पीछे लौटे तो उन्होंने सड़क पर एक लड़की को जलते हुए देखा.
उन्होंने बिना एक भी पल गंवाए युवती के शरीर पर पानी डाला और आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग की लपटे शांत नहीं हो रही थीं. तभी मौक़े पर पहुंची एक स्कूली छात्रा ने अपना स्वेटर उतारा और उस से आग बुझाने की कोशिश की.
जब पीड़िता के शरीर में लगी आग पूरी तरह बुझ गई तो लोगों ने उस लड़की को एक कार में बैठा कर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ.
विजय कुकड़े बताते हैं, "मैं अपनी बेटी को स्कूल छोड़ कर वापस आ रहा था तो मैंने देखा कि नंदोरी चौक पर एक लड़का अपने हाथ में जलती हुई छड़ी लिए हुए खड़ा था. चूंकि सर्दियों का मौसम है इसलिए मैंने सोचा कि हो सकता है कि किसी ने अलाव के लिए कचरा जलाया होगा. लेकिन, जब मैं वापस गया तो मैं ने देखा कि एक महिला को उस जलती हुई लकड़ी से आग लगा दी गई थी."
उसी इलाक़े का एक युवक सुशील घोड़े भी पीड़ित लड़की की मदद के लिए भाग कर वहां पहुंचा था. विजय कुकड़े ने पीड़ित लड़की को कार से अस्पताल पहुंचाया.
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख मंगलवार रात अस्पताल जाकर पीड़िता से मिले. मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, "हम पीड़िता के दोषियों को बख़्शेंगे नहीं. हम आंध्र प्रदेश की तर्ज पर यहां भी क़ानून बनाने की कोशिश करेंगे."
साथ ही इलाके के लोग पीड़िता की सलामती के लिए दुआएं भी मांग रहे हैं.
ये भी पढ़ें: 'मेरी बेटी को ज़िंदा जला दिया, ये दरिंदों का राज है'

इमेज स्रोत, Praveen Mudholkar
तीसरी घटना
नागपुर में लड़की का इलाज कर रहे डॉक्टर अनूप ने कहा कि आग की वजह से उसका चेहरा गर्दन, गला, कान, बाल और यहां तक कि दांत भी जल गए थे.
उन्होंने कहा, "अपने 35 साल के करियर में मैंने ऐसा भयावह अपराध नहीं देखा."
हिंगनाघाट में पिछले तीन महीनों में महिलाओं के ख़िलाफ़ हुई हिंसा की ये तीसरी घटना है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

















