चुनावी हलचलः 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक की बड़ी चुनावी ख़बरें

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पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी प्रचार पर ज़ोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पहले चरमपंथी हमले पर इस्तीफ़े दिए जाते थे अब ये सरकार हमलों पर वोट मांगती है.
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ''पहले जब आतंकी हमले होते थे तो इस्तीफ़े दिए जाते थे. मुंबई हमले के बाद शिवराज पाटिल जी ने इस्तीफ़ा दिया, विलासराव देशमुख जी ने इस्तीफ़ा दिया. इतना ही नहीं आतंकी हमले पर चिदंबरम जी ने भी इस्तीफ़े की पेशकश की थी जिसे मनमोहन जी ने नहीं लिया. लेकिन अब आतंकी हमला होता है तो वोट मांगे जाते हैं.
''आपके कार्यकाल में 1700 आतंकी हमले हुए. 2010 में आठ जवान शहीद हुए थे आज 61 जवान शहीद हुए हैं. आपने इसे रोकने के लिए क्या किया. क्या ये इंजेलीजेंस फेल्योर नहीं है कि 250 किलो विस्फ़ोटक जवानों के काफ़िले तक जा पहुंचा.''
केंद्र सरकार के मंसूबों पर सवालिया निशान लगाते हुए सिद्दू ने कहा, ''आपने सीआरपीएफ़ की एयरलिफ्ट करने की मांग ठुकरा दी. आपके काफ़िले जाते हैं तो चक्का जाम हो जाता है 3000 जवानों का काफ़िला जा रहा था आपकी उसके प्रति कोई ज़िम्मेदारी नहीं थी. आप बताइए कि कंधार में कौन अज़हर मसूद को छोड़ कर आया था.''
मोदी सरकार की योजनाओं पर उन्होंने कहा, ''इस देश में पेट खाली है लेकिन योगा कराया जा रहा है. जेब खाली है, खाता खुलवाया जा रहा है. खाने को खाना नहीं, शौचालय बनाया जा रहा है. गांवों में बिजली नहीं डिजिटल इंडिया बनाया जा रहा है. सभी कंपनिया विदेशी हैं, मेक इन इंडिया बनाया जा रहा है. सरदार पटेल की प्रतिमा चीन से लाए, रफ़ाल रूस से लाए, बुलेट ट्रेन जापान से ला रहे हैं. तो भारत में मेक इन इंडिया सिर्फ़ पकौड़े हैं क्या.''
''जो कहा करते थे सबका साथ सबका विकास वो ये बताएं कि जनता ने तो साथ दिया लेकिन विकास सिर्फ़ अडानी और अंबानी का क्यों हुआ. अंबानी ग्रुप को मोदी सरकार ने 1240 एकड़ ज़मीन सीमेंट प्लांट लगान के लिए दी. इसकी कीमत 40 करोड़ ली गई. सीमेंट प्लान तो लगा नहीं लेकिन अंबानी ने वो ज़मीन 4800 करोड़ की बेची.''
रफ़ाल से निशाना

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रफ़ाल डील पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, '' कभी सुना है कि नेगोशिएशन की बात सरकार ना करे और एमओयू 7500 करोड़ में डूबी कंपनी जा कर साइन करेगी. 30 हज़ार करोड़ का फ़ायदा लेगा. उसकी डूबी हुई कंपनी के 10 रुपये के शेयर दासो 1100 रुपये में खरीदेगा. ये इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जाकर झूठ बोला है. ''
'' नीरव मोदी, ललित मोदी देश से भागे तो ड्यूटी पर कौन था. कौन सा चौकीदार चौकीदारी कर रहा था बताइए. 11 लोगों की राजन लिस्ट दी गई लेकिन सरकार ने इनमें से किसीभी कर्ज़दार पर कोई कार्रवाई नहीं की.''
सिद्धू साल 2016 में सरकार के नोटबंदी के क़दम की आलोचन करते हुए कहा, ''आपने कालेधन के नाम पर नोटबंदी की लेकिन अगर देश में कालाधन था तो 99.7 फ़ीसदी वापस कैसे आ गया. विदेशों में पड़े काले धन से एक पाई भी आई हो तो बताएं. ''
आपने देश के लोकतंत्र को गुंडातंत्र बना दिया, भयतंत्र बना दिया, ट्रोलतंत्र बना दिया.
आपने संस्थाएं खत्म कर डाली. आपने सीबीआई को रबर का गुड्डा बना दिया, ज्यूडिश्यरी आपने चौराहे पर लाकर खड़ी कर दी. देश के इतिहास में पहली बार चार जजों को जनता के सामने आ कर कहना पड़ा की दाल में कुछ नहीं पूरी दाल ही काली है.
मनमोहन सरकार में एनपीए दो लाख करोड़ थे आज वो 17 लाख करोड़ हो गए. इसका जवाब दें कि आखिर ये कैसे हो गया.
12 अप्रैल 2019

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स्मृति ईरानी की डिग्री पर फिर विवाद
स्मृति ईरानी की शैक्षणिक डिग्री को लेकर एक बार फिर विवाद छिड़ गया है.
बीजेपी के टिकट पर अमेठी से चुनाव लड़ रहीं स्मृति ईरानी ने अपने नामांकन में बताया कि वो स्नातक नहीं हैं.
नामांकन में दी गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्राचार से स्नातक की पहले साल की पढ़ाई की है.
हालांकि इसमें कहा गया है कि तीन साल के कोर्स में पहले साल की पढ़ाई के बाद वो इसे पूरा नहीं कर पाईं.
विवाद इस पर उठ रहा है कि उन्होंने 2004 में चांदनी चौक से नामांकन के दौरान 1996 में दिल्ली विवि से बीए पास होना बताया था.
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि 'स्मृति ईरानी ने अपनी शैक्षणिक योग्यताओं के बारे में चार बार झूठ बोला है.'
उन्होंने गाना गा कर अपनी प्रतिक्रिया दी.
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पूर्व सैनिकों की राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी पर विवाद

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सेना के राजनीतिकरण पर पूर्व सैनिकों की राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी पर विवाद हो गया है. इस चिट्ठी में जिन लोगों का नाम शामिल हैं उनमें से कुछ ने इससे इंकार करते हुए कहा है कि उनका नाम बगैर उनकी सहमति के शामिल किया गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल नायडू ने कहा कि उन्होंने ऐसी किसी भी चिट्ठी पर दस्तखत नहीं किए हैं.
नायडू ने कहा कि दस्तखत करने वालों की सूची में उनका नाम सहमति के बिना शामिल किया गया.
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वहीं मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ ने एएनआई से कहा कि सेना अराजनीतिक होती है. सेना किसी सरकार या किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि देश की होती है. साथ ही उन्होंने कहा कि इस चिट्ठी को उनका समर्थन है.
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दरअसल मीडिया में जारी ख़बरों के मुताबिक तीनों सेनाओं के आठ पूर्व प्रमुखों समेत 150 से अधिक सेना के पूर्व अफ़सरों ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर सेना के राजनीतिकरण पर नाराज़गी ज़ाहिर की है.
ख़बर के अनुसार इस चिट्ठी में कहा गया है कि 'सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर राजनेता श्रेय ले रहे हैं और सेना को मोदी जी की सेना कहा जा रहा है.'
चिट्ठी में कहा गया है कि चुनाव प्रचार में सेना की वर्दी का इस्तेमाल और पोस्टरों में सैनिकों की तस्वीरों, ख़ासकर वायु सेना के विंग गमांडर अभिनंदन की तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस पर चेतावनी भी दी गई लेकिन हमें अफ़सोस है कि इन कार्यवाहियों से नेताओं के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है.
वहीं इस ख़बर पर देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पत्रकारों से कहा है कि दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने इस चिट्ठी पर अपनी मंजूरी नहीं दी है.
निर्मला सीतारमण ने कहा, '' एयर मार्शल सूरी और जनरल रॉड्रिक्स ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उन्होंने इस चिट्ठी पर अपनी रज़ामंदी नहीं दी है. अभी तक यह चिट्ठी राष्ट्रपति को मिली भी नहीं लेकिन जनता में उसे पहले ही जारी कर दिया गया है. यह शर्मनाक है. लोगों के नाम उनकी मर्जी के बिना किसी चिट्ठी में शामिल करना और अपने निजी हितों के लिए फर्जी आरोप गढ़ना, यह सब चिंताजनक है.
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इससे पहले बताया जा रहा था कि सैन्य अधिकारियों ने चुनाव में सेना के इस्तेमाल को राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता के लिए ख़तरा बताया और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सेना के सेक्युलर और अराजनीतिक चरित्र को बरक़रार रखने की अपील की.

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मोदी ने फिर मांगा जवानों के नाम पर वोट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी चुनावी रैली में पहली बार वोट देने जाने वालों मतदताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर वोट देने के लिए कहा.
महाराष्ट्र के अहमदनगर में शुक्रवार को एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा, "जो इस बार पहली बार वोट देने जाने वाले हैं मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता आपको मंज़ूर है."
मोदी ने कहा, "कांग्रेस और NCP ऐसे लोगों के साथ खड़ी है, जो कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग कर देंगे. मुझे कांग्रेस से कोई उम्मीद नहीं है लेकिन शरद पवार क्यों चुप हैं."

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ईवीएम गड़बड़ियों पर मायावती का आरोप
पहले चरण के मतदान को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने एक बयान जारी कर कहा है कि ईवीएम में आई गड़बड़ियों पर चुनाव आयोग संज्ञान ले.
बयान में कहा गया है कि पहले चरण के मतदान के दौरान ईवीएम मशीनों में फिर एक बार बीजेपी के पक्ष में आई गड़बड़ी और दलित समाज के लोगों को बोलिंग बूथों पर जाने से रोकने के लिए पुलिस का घोर दुरुपयोग गंभीर मुद्दा है.
बसपा मुखिया ने कहा है कि चुनाव आयोग इन गंभीर अनियमितताओं का पूरी गंभीरता से संज्ञान लेकर इसका संतोषजनक समाधान निकाले ताकि अगले चरणओं में लोगों को ऐसी कोई शिकायत नहीं मिले.
11 अप्रैल

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विवादित बयान को लेकर चुनाव आयोग ने गुरुवार को बसपा प्रमुख मायावती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कारण बताओ नोटिस जारी किया.
बीते रविवार को सहारनपुर में सपा-बसपा-आरएलडी महागठबंधन की पहली संयुक्त रैली में मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए मुसलमानों से अपील की थी कि वह अपना वोट बंटने न दें और महागठबंधन को वोट दें.
वहीं, बाद में योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था, "अगर कांग्रेस, सपा, बसपा को 'अली' पर विश्वास है तो हमें भी 'बजरंगबली' पर विश्वास है. और मैं कहना चाहता हूं कि कांग्रेस, सपा, बसपा, लोकदल इस बात को मान चुके हैं कि बजरंगबली के अनुयायी उन्हें कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे."
चुनाव आयोग ने दोनों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे 24 घंटे के अंदर अपना जवाब दें.

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यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को रायबरेली से अपना नामांकन दाख़िल किया.
नामांकन के पहले उन्होंने हवन किया और एक रोड शो के बाद पर्चा भरने पहुँचीं. इस दौरान उनके बेटे और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, उनकी बेटी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, प्रियंका के पति रॉबर्ड वाड्रा और नाती रेहान और नातिन मिराया मौजूद थे.
सोनिया गांधी 2004 से लगातार रायबरेली का प्रतिनिधित्व करती रही हैं. इससे पहले वो 1999 में अमेठी से सांसद चुनी गई थीं.
वहीं पड़ोसी ज़िले अमेठी से बीजेपी की ओर से स्मृति इरानी ने भी पूजा अर्चना के बाद पर्चा भरा. उनके साथ उनके पति भी मौजूद थे. स्मृति इरानी वहाँ एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चुनौती दे रही हैं.
स्मृति इरानी ने भी वहाँ रोड शो किया जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे.
रायबरेली और अमेठी में पांचवें चरण में छह मई को मतदान होगा.
10 अप्रैल

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 10 अप्रैल को अमेठी से पर्चा भर दिया.
इससे पहले वो यहां रोड शो कर रहे थे. उनके साथ पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, रॉबर्ट वाड्रा सहित पार्टी के सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे.
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राहुल गांधी पिछले 15 सालों से यहां से जीतते रहे हैं. यहां उनके ख़िलाफ़ मैदान में बीजेपी की तरफ से स्मृति इरानी होंगी.
उनके रोड शो में कांग्रेस के झंडे के साथ-साथ नीले झंडे भी लहराए जा रहे हैं.

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गुर्जर नेता किरोड़ी मल बैंसला भाजपा में शामिल
राजस्थान में गुर्जरों के नेता किरोड़ी मल बैंसला ने बीजेपी का दामन थाम लिया है.
उनके साथ उनके बेटे विजय बैंसला ने भी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली.
बैंसला ने इस साल फरवरी में हुए गुर्जर आंदोलन का नेतृत्व किया था. वो गुर्जरों के लिए 5 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे थे.
09 अप्रैल

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पीएम के बालाकोट हमले की टिप्पणी पर चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए चुनाव अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का आयोग ने आदेश दिया है.
महाराष्ट्र के लातूर में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने पुलवामा का नाम लेते हुए कहा था, "मैं पहली बार वोट देने वालों से कहना चाहता हूं कि क्या आपका पहला वोट उन वीर जवानों को समर्पित होगा, जिन्होंने पाकिस्तान में हवाई हमला किया था. क्या आपका पहला वोट पुलवामा के शहीदों को समर्पित होगा."
पिछले महीने ही चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार में सेना के नाम का इस्तेमाल करने पर रोक लगाई थी.
9 अप्रैल

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सुप्रीम कोर्ट का पीएम मोदी के जीवन पर बनी फिल्म पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.
मोदी के जीवन पर बनी फ़िल्म 11 अप्रैल को रिलीज होने वाली है. लेकिन चुनाव को देखते हुए कांग्रेसी कार्यकर्ता अमन पवार ने इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लि याचिका दाखिल की थी.
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ये फिल्म अचार संहिता का उल्लंघन करती है या नहीं, ये देखना चुनाव आयोग का काम है.
8 अप्रैल

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पटना में तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल का घोषणापत्र जारी किया है.
इसके मुताबिक राजद दलितों, पिछड़ों और अति दलितों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण की सुनिश्चित करेगा और निजी क्षेत्र में आरक्षण का प्रावधान करेगा. इसके अलावा उन्होंने 2021 में सभी जातियों की जनगणना कराएंगे.
उन्होंने ये भी कहा कि हर हाथ में रोटी और हर हाथ को काम के सपना को पूरा करेंगे. तेजस्वी ने ये भी बताया कि उनकी पार्टी बिहार से पलायन को रोकने की कोशिश करेगी.
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की स्थिति को बेहतर करने का वादा भी तेजस्वी ने किया है. तेजस्वी ने ये भी कहा कि कांग्रेस के न्याय योजना की उनकी पार्टी पूरा समर्थन करेगी.
5 ईवीएम की वीवीपीटी पर्ची से मिलान
सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपीटी पर्ची से मिलान के लिए ईवीएम की संख्या को बढ़ाकर पांच कर दिया है.
अभी तक प्रत्येक विधानसभा सेगमेंट में एक ईवीएम का इस्तेमाल होता है.
भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने चुनाव में निष्पक्षता को बढ़ाने के लिए प्रत्येक विधानसभा सेगमेंट के लिए रैंडमली पांच ईवीएम मशीन में पर्ची का मिलान किया जाएगा.
इससे पहले चुनाव आयोग ने 20 विपक्षी पार्टियों की उस याचिका का विरोध किया था जिसमें सभी क्षेत्रों की ईवीएम की वीवीपीटी का मिलान करने का अनुरोध किया गया था. चुनाव आयोग ने कहा था इससे नतीजे में एक सप्ताह की देरी हो सकती है.
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