भीड़ ने हवालात से निकालकर की दो संदिग्ध बलात्कारियों की हत्या

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- Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
अरुणाचल प्रदेश के तेजु शहर में सोमवार को भीड़ ने बलात्कार के आरोप में थाने में बंद दो संदिग्धों को पीट-पीटकर मार डाला.
मृतकों में से एक पर पांच साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार और हत्या का आरोप था और दूसरे पर इस अपराध में मदद करने का. अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है.
पुलिस के डीआईजी (पूर्वी रेंज) अपुर बिटिन ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा, "सोमवार 12 बजे के आसपास करीब एक हज़ार लोगों की भीड़ ने पुलिस के लॉकअप पर हमला कर दिया और दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई. इस हमले में पुलिस के कुछ लोग भी घायल हुए हैं."
मृतकों की पहचान संजय सोबोर (30) और जगदीश लोहर (25) के रूप में की गई हैं. दोनों संदिग्धों को पुलिस ने रविवार को गिरफ़्तार किया था.
मार्केट में फेंके शव
तेजु थाने में तैनात एक सिपाही ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि सोमवार को थाने के बाहर देखते ही देखते सैकड़ों लोग जमा हो गए.
भीड़ में शामिल कुछ लोग लॉकअप में बंद दोनों आरोपियों को खींचकर बाहर निकाल ले गए और उन पर हमला कर दिया. बाद में दोनों के शव मार्केट में फेंक दिए गए.

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जानकारी के अनुसार 12 फ़रवरी को एक बच्ची का अपहरण कर लिया गया था और शव पांच दिन बाद एक चाय बागान से मिला था. शव नग्न हालत में था और सिर कटा हुआ था.
पुलिस ने रविवार को दोनों संदिग्धों को गिरफ़्तार कर अदालत में पेश किया था जहां से दोनों को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया था.
एक संदिग्ध ने कथित तौर पर पुलिस के समक्ष बच्ची का अपहरण और बलात्कार करने की बात कबूल की थी.
इस बीच पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ हत्या का एक मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है, लेकिन सोमवार देर शाम तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव उत्पन्न हो गया है.
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पेमा खांडु ने नाबालिग लड़की के बलात्कार और हत्या की घटना को 'बर्बर और अमानवीय' बताया है. वहीं भीड़ द्वारा दो लोगों की हत्या को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए उन्होंने घटना के जांच के आदेश दिए हैं.

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मुख्यमंत्री ने अपने एक बयान में कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जा सकती.
घटना के दौरान तेजु थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को बर्ख़ास्त कर दिया गया है जबकि लोहित ज़िले के पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया गया है.
बता दें कि साल 2015 में ऐसी ही एक घटना नागालैंड के दीमापुर शहर में सामने आई थी, जहां भीड़ ने बलात्कार के आरोप मे केंद्रीय जेल में बंद एक शख़्स को बाहर लाकर पीट-पीटकर मार डाला था. बाद में भीड़ ने शव को शहर के एक चौराहे पर लटका दिया था.












