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ग्वांतनामो जेल में क़ैद दिखेंगे कल्पेन मोदी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय मूल के अमरीकी अभिनेता कैल पेन यानी कल्पेन मोदी अब हॉलीवुड की एक नई फ़िल्म में नज़र आएंगे. 'हैरल्ड एंड कुमार एस्केप फ़्रॉम ग्वांतानामो बे' नाम की इस फ़िल्म में कल्पेन ने फिर से कुमार पटेल नाम के पात्र की भूमिका निभाई है. यह फ़िल्म वर्ष 2004 में बनी 'हैरल्ड ऐंड कुमार गो टू व्हाइट कासल' की अगली कड़ी के रूप में बनाई गई है. उस फ़िल्म में भी कुमार पटेल की भूमिका कल्पेन मोदी ने ही निभाई थी. इस फ़िल्म में हैरल्ड ली और कुमार पटेल नाम के पात्र हॉलैंड जाने की तैयारी करते हैं. लेकिन जहाज़ में कुमार अजीब हरकतें करने लगते हैं और नतीजतन अमरीकी सुरक्षा अधिकारी दोनों को पकड़कर क्यूबा में स्थित अमरीका की बहुचर्चित ग्वांतानामो बे की जेल भेज देते हैं. उसके बाद दोनों ग्वांतनामो जेल से फ़रार हो जाते हैं और आगे कहानी कई बार अजीबोगरीब मोड़ लेती है. ग्वांतनामो जेल से फ़रारी इससे पहले वाली फ़िल्म 'हैरल्ड ऐंड कुमार गो टू व्हाइट कासल' की बहुत चर्चा हुई थी और उसके बाद कल्पेन मोदी स्टार बन गए थे.
कल्पेन को उम्मीद है कि उनकी इस फ़िल्म को भी लोग पसंद करेंगे. वो कहते हैं, " यह भी उसी तरह की ही फ़िल्म है जैसा कि पहला भाग था, लेकिन इसमें हैरल्ड और कुमार के बारे में लोग और ज़्यादा जानेंगे. मुझे लगता है कि लोगों को यह भी पसंद आएगी क्योंकि इसमें भी दर्शकों के मनोरंजन को ही ध्यान में रखा गया है." उनका कहना था, " शुरू में ग्वांतानामो बे के मुद्दे पर मुझे लग रहा था कि यह फ़िल्म राजनीति के हत्थे न चढ़ जाए लेकिन अमरीकी सुरक्षा अधिकारियों और राजनीति पर कटाक्ष के बावजूद फ़िल्म रिलीज़ की जा रही है. मैं खुश हूं." 'हैरल्ड एंड कुमार एस्केप फ़्रॉम ग्वांतानामो बे' फ़िल्म में अमरीकी सुरक्षा अधिकारियों और उनके तौर तरीक़ों का मज़ाक उड़ाया गया है. फ़िल्म के एक सीन में जब हवाई अड्डे पर कुमार को सुरक्षा अधिकारी अलग बुलाकर जांच पड़ताल के लिए कहते हैं तो कुमार उनसे लड़ पड़ता है और उस पर नस्लभेद करने का इल्ज़ाम लगा देता है. नौजवानों पर नज़र हेडन शल्स्बर्ग और जान हरविट्ज़ ने मिलकर इस फ़िल्म का लेखन और निर्देशन दोनों किया है. फ़िल्म के मुख्य दर्शक हैं अमरीकी नौजवान जिनके साथ स्कूल-कॉलेजों में आजकल भारतीय और चीनी मूल के छात्र पढ़ते हैं. कैल पेन यानी कल्पेन को उम्मीद है कि भारत में भी युवाओं को यह फ़िल्म ज़रूर पसंद आएगी. कल्पेन आजकल कई अमरीकी टीवी सीरियल और फ़िल्मों में काम कर रहे हैं. फ़ॉक्स चैनल पर हिट सिरीज़ हाउस नाम के एक मशहूर सीरियल में भी वे काम कर रहे हैं. इससे पहले मीरा नायर की फ़िल्म 'द नेम सेक' में भी कैल ने अहम भूमिका निभाई थी. अभिनय के लिए कैल पेन को अमरीका में पुरस्कार भी मिल चुके हैं. काम ने बदला नाम भारतीय मूल के कल्पेन का जन्म न्यूजर्सी में हुआ था. इनके माता-पिता कोई तीन दशक पहले भारत के गुजरात राज्य से अमरीका आ गए थे.
फ़िल्म के लिए अपना नाम बदलने पर कल्पेन कहते हैं, " देखिए कैल पेन नाम तो बस फ़िल्मों के लिए ही रखा है. अगर कल्पेन मोदी नाम रहने देते तो हॉलीवुड की फ़िल्मों में सीमित रोल ही मिलते इसलिए मजबूरन मुझे अपना स्क्रीन नाम रखना पड़ा." कैल यह भी कहते हैं कि अगर निर्माता इस फ़िल्म का तीसरा हिस्सा बनाते हैं तो वे उस फ़िल्म में भी काम करने को तैयार रहेंगे. इस सिरीज़ की पहली फ़िल्म 'हैरल्ड ऐंड कुमार गो टू व्हाइट कासल' कॉमेडी प्रधान थी जिसमें एशियाई लोगों के साथ अमरीका में होने वाले भेदभाव का चित्रण किया गया था. करीब डेढ़ घंटे लंबी 'हैरल्ड एंड कुमार एस्केप फ़्रॉम ग्वांतानामो बे' पूरे उत्तरी अमरीका के लगभग 400 सिनेमाघरों में 25 अप्रैल को रिलीज़ हो रही है. |
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