| न्यू जर्सी में हिंदी फ़िल्मों का सम्मान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंदी फ़िल्में इन दिनों विदेशों में अपनी पैठ बनाती जा रही हैं और उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाने के लिए फ़िल्मी हस्तियों को विदेशों में पुरस्कार दिए जा रहे हैं. अब इन समारोहों में न केवल हिंदी फ़िल्म कलाकार बल्कि हॉलीवुड की फ़िल्मी हस्तियाँ भी शामिल हो रही हैं. ऐसा ही एक समारोह पिछले दिनों हुआ अमरीका के शहर न्यू जर्सी में. यहाँ फ़िल्मों के लिए तो पुरस्कार बंटे ही, फ़ैशन शो भी हुआ. फ़िल्म पुरस्कारों में बोलबाला रहा 'कल हो ना हो' और 'कोई मिल गया' जैसी फ़िल्मों का जिन्हें क्रमशः छह और पाँच पुरस्कार मिले. पुरस्कार
निर्माता यश जौहर की फ़िल्म 'कल हो ना हो' सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म रही. 'कोई मिल गया' के लिए हृतिक रोशन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और 'भूत' के लिए उर्मिल मातोंडकर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला. आलोचकों के वर्ग में हृतिक रोशन को ही सर्वेश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया मगर आलोचकों ने सर्वेश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना करीना कपूर को फ़िल्म 'चमेली' में उनकी भूमिका के लिए. सर्वश्रेष्ठ निर्देशक चुने गए राजू हिरानी जिनकी फ़िल्म 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' की ख़ासी सराहना हुई है. वर्ष की सनसनीखेज भूमिकाओं के लिए संजय दत्त को 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' के लिए और हेमा मालिनी को 'बाग़बां' के लिए पुरस्कृत किया गया. ये पुरस्कार अमरीका में बसे प्रवासी भारतीय देते हैं जिसका चुनाव मत से होता है. विशेष समारोह में बीते समय के सुपरस्टार राजेश खन्ना को अभिनय के लिए 'लाइफ़टाइम अचिवमेंट' पुरस्कार दिया गया हॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री शैरोन स्टोन को भी उनके अभिनय और तिब्बती लोगों के लिए किए गए उनके काम के सम्मान में पुरस्कार दिया गया. हॉलीवुड के एक्शन हीरो जीन क्लॉड वान डैम को भी समारोह में पुरस्कृत किया गया. |
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