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वादा निभाने के लिए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हाल ही में रवि चोपड़ा की फ़िल्म बाबुल का ऑनलाइन और मोबाइल गेम लाँच हुआ. इसे लाँच किया अमिताभ बच्चन ने. इस पार्टी में पत्रकारों ने बच्चन साहब से फ़िल्म का वो गाना सुनाने को कहा, जो उन्होंने गाया है. लेकिन सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने गाना गाने से मना कर दिया. हाँ, उन्होंने पत्रकारों को सीडी पर वो गाना सुनवाने का वादा ज़रूर किया. लेकिन बाज़ार में बाबुल की जो सीडी आई है, उसमें अमिताभ बच्चन का गाया हुआ गाना नहीं है. अब अमिताभ पत्रकारों को निराश कैसे करते. पार्टी के बीच से ही अमिताभ अपने घर गए और जब आधे घंटे बाद लौटे, तो उनके पास वो सीडी थी, जिसमें उनका गाया हुआ गाना था. फिर क्या था सीडी बजाकर उन्होंने प्रेस वालों की इच्छा पूरी कर दी. धूम:2 का जलवा यश चोपड़ा की धूम:2 बॉक्स ऑफ़िस पर धूम मचा रही है. इतना ही नहीं इसके पूरे आसार हैं कि ये फ़िल्म धूम से भी ज़्यादा हिट होगी.
फ़िल्म की पब्लिसिटी ने फ़िल्म के प्रति लोगों का उत्साह तो बढ़ाया ही, लेकिन फ़िल्म देखने गए लोगों को निराशा नहीं हुआ. फ़िल्म की स्टोरी और स्क्रीनप्ले ज़रूर कमज़ोर है लेकिन ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या रॉय ने ज़बरदस्त अभिनय किया है. दोनों की केमिस्ट्री इतनी अच्छी है कि वे बाक़ी के कलाकारों पर भारी पड़ते हैं. इसके अलावा फ़िल्म के स्टंट सीन इतनी अच्छी तरह फ़िल्माए गए हैं कि दर्शक वाह-वाह कर उठते हैं. अभिषेक, उदय चोपड़ा और बिपाशा बसु सामान्य है. इतनी मांग यश जी.... यश चोपड़ा और बेटे आदित्य पर अब सिनेमावालों को ग़ुस्सा आने लगा है. फ़ना की रिलीज़ के वक़्त यश चोपड़ा ने मल्टीप्लेक्स वालों से बड़ा पंगा लिया था.
मुद्दा था फ़िल्म की आमदनी का बँटवारा. उस समय उनकी जीत हुई थी. अब धूम:2 की रिलीज़ पर उन्होंने मल्टीप्लेक्स से ना सिर्फ़ ज़्यादा हिस्से की मांग की है बल्कि उन्हें यह भी कहा है कि अगर उन्हें धूम: 2 चलानी है तो उनकी अगली फ़िल्म काबुल एक्सप्रेस की आमदनी भी उसी अनुपात में बाँटनी पड़ेगी. सब जानते हैं कि धूम:2 कमर्शियल फ़िल्म है, जबकि काबुल एक्सप्रेस सिर्फ़ क्लास दर्शकों के लिए बनी है. आम जनता के लिए नहीं. फिर दोनों फ़िल्मों के लिए एक ही अनुपात में मुनाफ़े की मांग- कुछ ज़्यादा नहीं है यश जी. करण की भलमनसाहत करण जौहर और उनके सहायक सोहम शाह में ऐसी अनबन हुई कि आख़िर दोनों अलग हो ही गए.
मगर करण की अच्छाई इस बात से झलकती है कि विदा होते समय उन्होंने सोहम को दस लाख रुपए का चेक दिया. सोहम क़रीब 20 महीनों से करण के ऑफ़िस में बैठकर अपनी अगली फ़िल्म की तैयारी कर रहे थे. लेकिन इन 20 महीनों में करण ने उन्हें कोई पैसा नहीं दिया. जब अलग होने का फ़ैसला हो गया तो करण ने सोहम को दस लाख रुपए उन बीस महीनों की मेहनत के नाम पर देने का फ़ैसला किया. अपने बाबुल के लिए सलमान ख़ान ने गोवा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह के उदघाटन के मौक़े पर जम कर नाच-गाना किया. लेकिन उसके बाद वे वहाँ रुके नहीं. बाबुल के हीरो तुरंत मुंबई लौट आए क्योंकि अगले दिन उनके बाबुल सलीम ख़ान की सालगिरह का जश्न था. और ये एक पार्टी थी जो सलमान किसी भी सूरत में मिस नहीं करना चाहते थे. हाज़िर जवाब रितेश रितेश देशमुख का सेंस ऑफ़ ह्यूमर कहें या उनकी सच बोलने की आदत. उनके सेक्रेटरी तिवारी को किसी ने कहा कि उनका मोबाइल फ़ोन 24 घंटे व्यस्त ही रहता है.
इस पर रितेश के अलावा फ़रदीन ख़ान और ज़ायेद ख़ान का भी काम देखने वाले तिवारी ने कहा- क्या करूँ. मैं इतना व्यस्त इसलिए रहता हूँ क्योंकि मेरी कोशिश है कि मेरे हीरो भी शाहरुख़ ख़ान बनें. इस पर साथ खड़े रितेश बोल पड़े- फिर तो तिवारी जी का फ़ोन ज़िंदगी भर व्यस्त ही रहेगा क्योंकि इन्होंने जो पाने की इच्छा की है, वो नामुमकिन है. (कोमल नाहटा का ये कॉलम आपको कैसा लग रहा है. हमें अपनी राय से ज़रूर अवगत कराए. पता है- hindi.letters@bbc.co.uk) |
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