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इतनी गंभीर भी नहीं हैं विद्या बालन... | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोई भी नया कलाकार अगर किसी फ़िल्म में प्रभावित करता है तो उसे आमतौर पर उसी तरह के रोल ऑफ़र किए जाने लगते हैं और वह एक इमेज में बँध कर रह जाता है. 'परिणीता' में जिन्होंने भी विद्या बालन को देखा है उन्हें एक बहुत ही मैच्योर, समझदार और गंभीर अभिनेत्री नज़र आई. इस फ़िल्म के लिए उन्होंने कई पुरस्कार भी हासिल किए और समीक्षकों ने दिल खोल कर उनकी तारीफ़ की. उसके बाद उन्होंने जो फ़िल्में साइन कीं उनमें भी उन्हें अपनी अदाकारी दिखाने के कई मौक़े मिलेंगे. लेकिन अपने करियर के शुरुआती दौर में ही विद्या बालन को एक कॉमेडी फ़िल्म में काम करने का मौक़ा मिलना एक सुखद आश्चर्य ही कहा जा सकता है. दीपा मेहता की इस फ़िल्म को नाम दिया गया है-'स्टेला' और विद्या इसमें एक हलकी फुलकी भूमिका निभाने जा रही हैं. उनकी आने वाली अन्य फ़िल्मों में 'एकलव्य' प्रमुख है जिससे विद्या को भी बहुत उम्मीदें हैं. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * एक साफ़-सुथरी फ़िल्म नई फ़िल्म 'बनारस-ए मिस्टिक लव स्टोरी' एक आम फ़िल्म नहीं है. यानी, शायद यह उन दर्शकों को पसंद न आए जो ऐसी फ़िल्म की तलाश में रहते हैं जिसमें चमक-दमक हो, नाच-गाने हों और हँसी-मज़ाक़ भी.
'बनारस...'समीक्षकों और समालोचकों को पसंद आएगी, इसमें दो राय नहीं हैं. उर्मिला मातोंडकर 'भूत', 'हसीना मान जाएगी' और 'मैंने गांधी को नहीं मारा' के बाद एक बार फिर अपने अभिनय का सिक्का मनवाने वाली हैं. फ़िल्म की एक और ख़ूबी है उसका छायांकन. सिनेमाटोग्राफ़र नीरव शाह ने बनारस के दिलकश नज़ारों को कैमरे में जिस तरह क़ैद किया है वह देखने की चीज़ है. फ़िल्म में उर्मिला के अलावा नसीरुद्दीन शाह, डिंपल कपाड़िया, अश्मित पटेल और राज बब्बर अन्य अहम किरदार निभा रहे हैं. हिमेश रेशमिया अपने गाए गीतों की वजह से पहले ही सुर्ख़ियों में हैं. 'बनारस...' का संगीत निर्देशन उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा, इसमें शक नहीं है. पंकज पराशर की इस फ़िल्म को देखने के लिए अच्छी फ़िल्मों के दर्शक काफ़ी समय से बेताब थे. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * लोकप्रिय जोड़ी की वापसी 'ग़दर' की सफल जोड़ी सनी देओल और अमीशा पटेल फिर एक बार 'तीसरी आँख' में दिखाई देंगे.
हैरी बावेजा की इस फ़िल्म में अमीशा एक बहरी लड़की का रोल कर रही हैं. अमीशा इसके लिए बहुत तैयारी कर रही हैं. उन्होंने इशारों की भाषा सीखनी शुरू कर दी है. वह कहती हैं, "मैं संगीता से साइन लैंग्वुएज सीख रही हूँ. यह वही हैं जिन्होंने ब्लैक के लिए रानी को ट्रेनिंग दी थी". उनका कहना है, "यह मेरे लिए आसान नहीं था क्योंकि पहले कभी मैंने विकलांग लड़की की भूमिका नहीं निभाई है". सनी इस फ़िल्म में एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका में हैं जो क़दम-क़दम पर अमीशा का साथ देता है. 'ग़दर' में यह जोड़ी लोकप्रियता के नए आयाम छू चुकी है और अब दोनों को ही 'तीसरी आँख' से बहुत उम्मीदें हैं. |
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