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सबसे बढ़ कर हैं बिपाशा बसु | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक निजी टेलीविज़न चैनेल और एक वेबसाइट के भारत की सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली महिला के लिए किए गए एक सर्वेक्षण में बिपाशा बसु ने यह ख़िताब जीता है. इस श्रेणी में पचास महिलाएँ शॉर्टलिस्ट की गई थीं और बिपाशा के अलावा ऐश्वर्या राय, प्रियंका चोपड़ा, मल्लिका शेरावत और सुष्मिता सेन पहली पाँच के लिए चुनी गईं. बिपाशा इस कामयाबी पर कहती हैं, "मेरी नज़र में ऐश्वर्या सबसे सुंदर महिला हैं. हालाँकि अभिनय की दृष्टि से मैं रानी मुखर्जी को सबसे बेहतर मानती हूँ लेकिन सुंदरता के हिसाब से ऐश्वर्या का जवाब नहीं है". "मेरा चयन शायद इस आधार पर हुआ हो कि मेरा चेहरा हर तरह के रंग में ढल सकता है. मैं भारतीय के साथ-साथ पश्चिमी भूमिकाओं में भी पूरी तरह खप सकती हूँ". बिपाशा का कहना है कि वह इस चयन से इसलिए भी बहुत उत्साहित हैं क्योंकि इसमे शारीरिक सुंदरता के साथ-साथ बुद्धिमत्ता और संपूर्ण व्यक्तित्व को ध्यान में रखा गया था. बिपाशा अपनी कुछ समय पहले रिलीज़ हुई फ़िल्मों 'नो एंट्री' और 'बरसात' की सफलता से भी बहुत ख़ुश हैं. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * अपनी अलग पहचान अमृता अरोड़ा अभी तक ऐसे किसी रोल में नहीं नज़र आई थीं जो उन्हें दर्शकों की पहली पसंद बना दे.
बल्कि यह भी कहा जा सकता है कि वह अब तक अपनी बड़ी बहिन और 'छैयाँ छैयाँ गर्ल' के नाम से मशहूर मलाइका अरोड़ा की छाया में ही रहीं. लेकिन अब उनकी आने वाली एक फ़िल्म 'फ़ाइट क्लब' से शायद वह लोगों की नज़रों में अपनी एक अलग पहचान बना सकेंगी. फ़िल्म 'फ़ाइट क्लब' का उन पर फ़िल्माया गया 'गीत दिल बोले...' पहले से ही लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गया है. इस फ़िल्म में अमृता ने एक ग्लैमरस गायिका और नर्तकी की भूमिका निभाई है और कहा जा रहा है कि उन्होंने इस रोल में एक नई जान डाल दी है. फ़िल्म में सुनील शेट्टी, दीनो मोरिया, सोहेल ख़ान, ज़ायेद ख़ान और ऋतेष देशमुख जैसे अभिनेताओं के बीच अमृता अरोड़ा कहीं भी दबी हुई नज़र नहीं आतीं. फ़िल्म के प्रोड्यूसर हैं सोहेल ख़ान और इसका निर्देशन विकी कपूर ने किया है. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * एक नई तरह की भूमिका अनुपम खेर भी उन गिनेचुने अभिनेताओं में हैं जो हर तरह की भूमिका में ख़ुद को ढाल सकते हैं.
जितने अलग-अलग तरह के रोल अनुपम ने निभाए हैं वे शायद ही किसी और के हिस्से में आए हों. 'सारांश' से लेकर 'मैंने गांधी को नहीं मारा' तक, अनुपम खेर ने हर उम्र के किरदार को जिया है. अब उनके करियर में एक और मील का पत्थर साबित होने जा रही है 'जानेमन' जिसमें अनुपम खेर एक बौने की भूमिका में नज़र आएँगे. आपको याद होगा पहले 'अप्पू राजा' में कमल हासन इसी तरह का एक किरदार निभा चुके हैं. अनुपम खेर का कहना है कि यह भूमिका उनके लिए एक चुनौती थी जो उन्होंने स्वीकार की क्योंकि उन्हें इस तरह के मुश्किल किरदार निभाना बेहद पसंद है. फ़िल्म की काफ़ी शूटिंग हो चुकी है और दर्शक अपने चहीते अभिनेता को जल्द ही एक नए रूप में देख पाएँगे. |
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