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'ऐश्वर्या ख़ूबसूरत हैं पर मैं मैं ही हूँ' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नई अभिनेत्री और ऐश्वर्या राय की हमशक्ल स्नेहा उल्लाल का मानना है कि अगर कोई रोल उन्हें मुश्किल लगता है तो वह है कॉमेडी. स्नेहा का कहना है कि लोगों को हँसाना सचमुच बड़ा मुश्किल काम है. 'लकी' से अपनी पहचान बना रहीं स्नेहा कहती हैं कि वह सचमुच लकी हैं. "इस फ़िल्म के लिए 1300 लड़कियों का ऑडीशन हुआ था लेकिन चयन मेरा ही हुआ". वह इस बात से ख़ुश तो हैं कि लोग उनकी तुलना ऐश्वर्या से कहते हैं लेकिन वह अपनी ख़ुद की पहचान क़ायम करना चाहती हैं. स्नेहा का कहना है, "मैं आठ साल की थी जब ऐश्वर्या मिस वर्ल्ड बनीं. वह सचमुच बहुत ख़ूबसूरत हैं लेकिन मैं स्नेहा उल्लाल ही बनी रहना चाहती हूँ". वह सलमान से बेहद प्रभावित हैं और उनका कहना है कि वह अपनी अगली फ़िल्म साइन करने से पहले भी सलमान से मशविरा करेंगी. सलमान और ऐश्वर्या की 'हम दिल दे चुके सनम' को वह अपनी पसंदीदा फ़िल्म बताती हैं. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * फ़िल्म का हीरो भूत आजकल लगता है सुपरनैचुरल और थ्रिलर फ़िल्मों का ज़माना है.
शाहरुख़ ख़ान की नई भुतहा फ़िल्म 'पहेली' बन कर तैयार है और आजकल ज़ोरशोर से उसका प्रचार जारी है. इस फ़िल्म का नाम पहले 'घोस्ट का दोस्त' रखा गया था लेकिन फिर कुछ कारणों से इसका नया नामकरण हुआ-'पहेली'. फ़िल्म की कास्ट ज़बरदस्त है-शाहरुख़ का साथ दे रही हैं रानी मुखर्जी और अन्य कलाकार हैं अमिताभ बच्चन और जूही चावला. फ़िल्म में सुनील शेट्टी भी एक विशिष्ट भूमिका में नज़र आएँगे. शाहरुख़ ख़ान और रानी मुखर्जी की जोड़ी 'चलते-चलते' में दर्शकों ने काफ़ी पसंद की थी और यह सभी मानते हैं कि दोनों की केमिस्ट्री ज़बरदस्त है. निर्देशक अमोल पालेकर अपनी इस फ़िल्म से बहुत उम्मीदें लगाए हुए हैं. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * अब परदे पर भी कई हीरो ऐसे हैं जो अपने करियर में कुछ अरसा गुज़ारने के बाद परदे के पीछे चले जाते हैं यानी निर्देशन की बागडोर संभाल लेते हैं.
लेकिन 'दिल चाहता है' जैसी कामयाब और 'लक्ष्य' जैसी कम कामयाब फ़िल्मों के निर्देशन के बाद फ़रहान अख़्तर अब रुपहले परदे पर क़दम रख रहे हैं. 'द फ़क़ीर' एक कॉमेडी फ़िल्म है जिसमें वह अपने अभिनय के जौहर दिखाने जा रहे हैं. फ़रहान कहते हैं कि एक अच्छे निर्देशक की पहचान यही है कि वह अपनी फ़िल्म के अभिनेताओं को समझ पाए और फ़िल्म में ख़ुद काम करने के बाद उनकी यह समझ और बढ़ेगी. फ़िल्म एक सच्ची कहानी पर आधारित है और इसमें अन्य भूमिकाओं में नज़र आने जा रहे हैं अन्नू कपूर और कमल सिद्धू. फ़िल्म का निर्देशन कर रहे हैं फ़रहान के पुराने दोस्त आनंद सुरापूर. |
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