BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 30 अप्रैल, 2005 को 10:12 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
फ़िल्म 'काल' पर अदालत के सवाल

काल का पोस्टर
'काल' की कॉर्बेट नेशनल पार्क में शूटिंग पर सवाल उठाए गए हैं
शाहरुख ख़ान और करन जौहर की थ्रिलर फ़िल्म 'काल' रिलीज़ होने के साथ ही विवाद में फंस गई है.

सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तरांचल सरकार, फ़िल्म के निर्माता-निर्देशक और केंद्रीय वन मंत्रालय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि कॉर्बेट नेशनल पार्क में फ़िल्म की शूटिंग कैसे की गई.

अदालत ने ये नोटिस एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया है. 'काल' फिल्म का एक बड़ा हिस्सा उत्तरांचल के मशहूर कॉर्बेट नेशनल पार्क में फ़िल्माया गया है.

सर्वोच्च न्यायालय के कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि कॉर्बट नेशनल पार्क वन्य जीवों के संरक्षण के लिहाज से बेहद संवेदनशील वन क्षेत्र है. लिहाजा यहां फिल्म की शूटिंग करना वन्य जीव कानून का उल्लंघन है.

अदालत ने इस बाबत करन जौहर, उत्तरांचल सरकार और केंद्र सरकार को जल्द से जल्द जवाब दाखिल करने के लिए कहा है.

इस संबंध में उत्तरांचल के वन मंत्री नवप्रभात का कहना है कि अगर कहीं क़ानून का उल्लंघन हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी.

काल एक थ्रिलर फ़िल्म बताई जा रही है. इस फ़िल्म में अजय देवगन, विवेक ओबरॉय, ईशा देओल जैसे जाने-माने सितारे हैं.

धर्मा प्रोडक्शन की इस फिल्म के निर्देशक और लेखक सोहम हैं जिनकी ये पहली फ़िल्म है.

इस फ़िल्म की शूटिंग कॉर्बेट नेशनल पार्क और आसपास के रामनगर वन प्रभाग में पिछले साल करीब 45 दिनों तक चली थी .

शूटिंग

बाघों के लिए मशहूर कॉर्बेट नेशनल पार्क उत्तरांचल के नैनीताल और पौड़ी जिलों में करीब 520 वर्ग किमी इलाके में फ़ैला हुआ है.

काल का पोस्टर
अधिकारियों का कहना है कि 'काल' के कई दृश्य कॉर्बेट में नहीं फ़िल्माए गए हैं

अदालत के नोटिस के बाद उत्तरांचल सरकार बचाव की मुद्रा में नजर आ रही है.

कॉर्बेट के निदेशक राजीव भर्तहरि ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के लिए अनुमति की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं और कॉर्बट के अंदर सिर्फ दो जगहों ढिकाला और क्रोतोडाइल प्वाइंट पर ही शूटिंग की इजाजत दी गई थी.

उनका कहना है कि इस दौरान उनपर इस बात को लेकर कड़ी निगरानी भी रखी गई थी कि जानवर परेशान न हों और पार्क में फोटोग्राफी के दौरान उन्हें गाड़ी से उतरने की तक की इज़ाजत भी नहीं थी.

फिल्म में बाघ और उनकी मांद, आवास स्थल और दूसरे जानवरों के क़रीब से खींचे गए कई दृश्य हैं.

लेकिन कॉर्बेट के अधिकारियों का दावा है कि ये दृश्य कॉर्बेट के नहीं बल्कि कहीं और के हैं और उन्हें फिल्म में जोड़ा गया है. बतौर उनके ज्यादातर फ़िल्मांकन कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के गेट पर और आसपास के जंगलों में हुआ था.

वैसे ये पहला मौका नहीं है जब कॉर्बेट में व्यावसायिक फोटोग्राफी हुई है. इसके पहले भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय टी.वी. चैनलों के लिए यहां कई डॉक्यूमेंटरी बन चुकी हैं.

बहरहाल इस विवाद ने फिल्म को सुर्खियों में ला दिया है.

भले ही इसकी वजह फ़िल्म की कहानी, निर्देशन या सितारों का अभिनय न होकर कुछ और है. और शायद अब कई लोग सिर्फ़ इसी वजह से फ़िल्म देखने पंहुचेंगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>