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सोनिया पर फ़िल्म को लेकर विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इन दिनों काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी पर एक फ़िल्म बन रही है. नाम है “सोनिया, सोनिया.” राजनीतिज्ञ पर फ़िल्म है तो विवाद उससे कैसे दूर रह सकता है. फ़िल्म के आलोचकों का कहना है कि “सोनिया, सोनिया” क्या काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को महिमामंडित करने का प्रयास नहीं है. इस सवाल का जवाब देते हुए फ़िल्म के लेखक-निर्देशक ठाकुर दिनेश कुमार कहते हैं, “न तो ये मूर्तिपूजन है और न ही मूर्तिभंजन. ये शोध कर लिखी गई एक कहानी है जिसके केंद्र में सोनिया गाँधी का व्यक्तित्व है.” कुमार साफ़ कहते हैं कि वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हुए नहीं हैं. “सोनिया, सोनिया” के बारे में ठाकुर दिनेश कुमार कहते हैं, “ये एक राजनीतिक कहानी नहीं है – ये कहानी है एक लड़की की जो इटली से आई और उसके बाद जीवन के अलग अलग पड़ावों से गुज़रते हुए एक ऐसे मुकाम पर पहुँची जहाँ उसे भारत के प्रधानमंत्री का पद तक मिला लेकिन अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर वो पद छोड़ दिया.” “ये फ़िल्म इसी पर आधारित है कि इससे प्रभावित होकर एक अमरीकी सोनिया पर फ़िल्म बनाने भारत आता है.”
ठाकुर दिनेश कुमार कहते हैं कि जानी मानी व्यावसायिक पत्रिका “फ़ोर्ब्स” ने सोनिया गाँधी को दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर महिला बताया है तो ज़ाहिर है सोनिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानी मानी व्यक्तित्व हैं. उनका कहना है कि भारत ही नहीं दूसरे देशों में भी लोग उनके भारत के प्रधानमंत्री का पद न लेने के फ़ैसले से ख़ासे प्रभावित हुए हैं. यही कारण है कि फ़िल्म “सोनिया, सोनिया” को भी हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों ही भाषाओं में रिलीज़ किया जाएगा. “सोनिया, सोनिया” की शूटिंग इस साल अगस्त में शुरू हुई है और कहा जा रहा है कि दिसंबर 2004 तक ये बनकर तैयार हो जाएगी. ठाकुर दिनेश कुमार भारतीय राजस्व विभाग के अधिकारी रहे हैं और कुमार किरण के नाम से रचनात्मक कार्य करते रहे हैं, उन्होंने अपने अंदर के कलाकार को मौक़ा देने के लिए ही सरकारी नौकरी छोड़ दी. वे इस फ़िल्म को नौ दिसंबर को रिलीज़ कराना चाहते हैं जिस दिन सोनिया गाँधी का जन्मदिन है, वे इसके उदघाटन के लिए सोनिया गाँधी को आमंत्रित करने का भी इरादा रखते हैं. इससे पहले कुमार भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की ज़िंदगी पर भी एक फ़िल्म बनाई थी जो हिंदी में “जवाहर” और अंग्रेज़ी में “नेहरू, द ज्वेल ऑफ़ इंडिया” के नाम से बनी थी. |
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