| 'सोनिया को स्वीकार नहीं किया जा सकता' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री पद की ओर बढ़ने के साथ ही विपक्षी दलों की ओर से उनके विदेशी मूल के मुद्दे को लेकर विरोध में कुछ आवाज़ें सामने आने लगी हैं. भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज के राज्यसभा से इस्तीफ़े के फ़ैसले के बाद अब भाजपा के पूर्व महासचिव और नीति निर्धारक केएन गोविंदाचार्य का कहना है कि सोनिया गाँधी को कभी प्रधानमंत्री स्वीकार नहीं किया जा सकता. सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री बनने पर 'राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन' शुरू कर रहे गोविंदाचार्य ने कहा, "सोनिया गाँधी भारतीय नहीं हैं इसलिए उन्हें माँ मानने के बावजूद उनकी रानी माँ होने की कोशिश भारत देश और समाज के हित में नहीं है." उनका कहना था, "उन्हें स्वाभाविक रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता. बतौर प्रधानमंत्री उनकी कल्पना को मैं कष्टकर मानता हूँ." उन्होंने कांग्रेस के गठबंधन में शामिल हो रहे दलों के साथ ही सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे किसी और को नेता तय करें. गोविंदाचार्य ने कहा, "भारत के लोग इसे आकस्मिक और अनपेक्षित त्रासदी के रूप में देख रहे हैं." उन्होंने कहा, "सोनिया गाँधी व्यक्ति के रूप में मुद्दा नहीं हैं मगर शासन चलाने के लिए वह अवश्य एक राष्ट्रीय मुद्दा हैं." |
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