BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 15 मई, 2004 को 19:05 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सोनिया प्रधानमंत्री पद के और क़रीब
सोनिया गाँधी
सोनिया गाँधी को नेता चुने जाने के बाद सांसदों ने फूलों से लाद दिया
कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुने जाने के साथ ही सोनिया गाँधी प्रधानमंत्री पद के और नज़दीक़ हो गई हैं.

उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया. उधर वामपंथी दलों के साथ ही कई और पार्टियों ने भी घोषणा कर दी है कि सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री बनने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

इस तरह उनका प्रधानमंत्री बनना अब औपचारिकता भर ही रह गई है.

कांग्रेस लोकसभा में सबसे बड़े दल के रूप में उभरा है. उसके 145 सांसद हैं और संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में सभी ने हाथ उठाकर उनके नेता चुने जाने का समर्थन किया.

पार्टी के वरिष्ठ नेता मनमोहन सिंह ने पत्रकारों को बताया कि सोनिया को सर्वसम्मति से संसदीय दल का नेता चुन लिया गया और किसी अन्य व्यक्ति का नाम चर्चा के लिए सामने नहीं आया.

सोनिया के नाम का प्रस्ताव प्रणब मुखर्जी ने रखा और उसका समर्थन महावीर प्रसाद यादव ने किया.

जब मनमोहन सिंह ने सांसदों से ये पूछा कि क्या सोनिया गाँधी के अलावा किसी और का नेता पद के लिए प्रस्ताव है तो सभी एक साथ चिल्लाए, 'नहीं-नहीं'. इनमें उनके पुत्र राहुल गाँधी भी थे.

'स्थाई और मज़बूत सरकार'

इस बैठक के बाद सोनिया गाँधी ने कहा कि बहुत ही जल्दी कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन देश को एक स्थाई और मज़बूत सरकार देगा.

सोनिया गाँधी
सभी कांग्रेस सांसदों ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से सोनिया को नेता चुना

नेता चुने जाने के बाद सोनिया ने कहा, "हम लोगों की आकाँक्षाएँ पूरी करने के लिए चुने गए हैं न कि अपनी."

उन्होंने ये भी कहा कि नई सरकार किसानों और कमज़ोर वर्ग के साथ ही रोज़ग़ार पर भी ध्यान देगी.

सोनिया गाँधी का ये भी कहना था कि इस चुनाव ने भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नीतियों के विरुद्ध मतदान किया था.

इस बैठक के बाद वह सीधे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ज्योति बासु से मिलने गईं और पार्टी को सरकार में शामिल होने के लिए कहा.

बासु की प्रतिक्रिया के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा मगर माकपा के पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद इस बारे में कोई भी फ़ैसला होगा.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी महासचिव एबी बर्धन ने सोनिया गाँधी को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन देते हुए कहा है कि सरकार में शामिल होने के बारे में रविवार को फ़ैसला किया जाएगा.

उधर द्रविड़ मुनेत्र कझगम ने कहा है कि वह फिलहाल सरकार में शामिल नहीं होगा. पार्टी के अनुसार सरकार में शामिल होने के बारे में केंद्र सरकार के स्थिर होने के बाद ही फ़ैसला होगा.

इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा ने समर्थन का पत्र कांग्रेस को सौंप दिया है.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>