|
सरकार में शामिल होने पर विचार-विमर्श | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी काँग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने या नहीं होने के बारे में अभी तक कोई फ़ैसला नहीं किया है. पार्टी महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत ने कहा है कि इस बारे में सोमवार को फ़ैसला किया जाएगा. पार्टी की शीर्ष समिति पोलित ब्यूरो की शनिवार को दिल्ली में बैठक हुई जिसमें सीपीएम के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया. पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु, मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य, राज्य में वाममोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार बैठक में शामिल हुए. सीपीआई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीआई ने भी अभी तक कांग्रेस के नेतृतव वाली सरकार में अपनी भूमिका को लेकर कोई फ़ैसला नहीं किया है. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस बात पर चर्चा हो रही है कि सरकार को बाहर से समर्थन दिया जाए या उसमें शामिल हुआ जाए. दोनों ही वामपंथी पार्टियों ने वैसे सोनिया गांधी को देश की अगली प्रधानमंत्री बनाए जाने का समर्थन किया है. वामपंथी दलों के आर्थिक नीतियों पर मतभेद रहे हैं मगर उनका कहना है कि एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम बनाकर सरकार चलाई जाएगी जिसमें सभी दलों की राय शामिल की जाएगी. डीएमके-पीएमके गठजोड़ तमिलनाडु में काँग्रेस के सहयोगी गठबंधन डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव एलायंस ने सरकार में शामिल होने के बारे में अलग-अलग फ़ैसला किया है. द्रमुक का निर्णय है कि वह फ़िलहाल सरकार में शामिल नहीं होगा और सरकार का कामकाज देखने के बाद ही कोई फ़ैसला होगा. इस बारे में बाद में कोई फ़ैसला करने के लिए पार्टी प्रमुख एम करुणानिधि को अधिकृत किया गया है. करूणानिधि रविवार को दिल्ली में सोनिया गाँधी से मुलाक़ात कर सकते हैं. उधर पीएमके ने सरकार में शामिल होने का फ़ैसला किया है. कांग्रेस और उसके साझीदार दलों राज्य की सभी 39 सीटें जीत ली हैं जबकि एनडीए की साझीदार एआईडीएमके को एक भी सीट हासिल नहीं हुई है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||