कियारा आडवाणी: 'पहले जो कतराते थे अब उन्हीं से ऑफर आते हैं'

कियारा आडवाणी

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कबीर सिंह, शेरशाह, भूलभुलैया-2 और अब जुग-जुग जियो जैसी एक के बाद एक हिट फ़िल्म देने वाली कियारा आडवाणी को लगता है कि अब इंडस्ट्री के बहुत सारे लोगों का नज़रिया उनके लिए बदला है.

कियारा कहती हैं कि पहले जो लोग उनसे मिलने में कतराते थे, अब वही लोग फ़िल्म ऑफर करते हैं.

बीबीसी हिन्दी से ख़ास बातचीत में कियारा ने अपने अब तक के फ़िल्मी सफ़र पर लेकर खुलकर बातचीत की है.

हेमा मालिनी से तुलना पर क्या बोलीं कियारा आडवाणी?

कियारा आडवाणी की तुलना कुछ लोग हेमा मालिनी से भी करते हैं और उन्हें ''ड्रीम गर्ल'' का टैग भी देते हैं. ऐसी तुलना को कियारा आडवाणी अपनी सबसे बड़ी तारीफ़ मानती हैं. वो कहती हैं कि उन्हें ये सुनकर अंदर से ख़ुशी मिलती है.

कियारा का कहना है, ''ड्रीम गर्ल का जो टाइटल दिया जाता है ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. ये हेमाजी का टाइटल है, मैंने बहुत सुना है कि हम दोनों में समानता की बात लोग करते हैं. मैं हेमाजी की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं. मुझे ये समानता सुनकर अंदर से ख़ुशी मिलती है.''

कियारा आडवाणी

'स्टारडम अस्थायी है'

करियर की शुरुआत से स्टार बनने के इस तेज़ सफ़र को कियारा आडवाणी कैसे देखती हैं, क्या उन पर कभी स्टारडम हावी हुआ?

इस सवाल के जवाब में कियारा कहती हैं कि वो कभी नहीं बदलीं और वो इसका श्रेय अपने परिवार और टीम को देती हैं.

वह कहती हैं, ''मैं मानती हूँ कि ये सब लोग मुझे तब से जानते थे जब मैंने शुरुआत की थी, तो एक ऐसा रिश्ता बन गया कि हम आपस में बहुत खुले हुए हैं, वो लोग मेरे लिए नहीं बदले तो मैं भी कभी नहीं बदली. जब आपने अपनी लाइफ़ में उतार-चढ़ाव देखा हो तो एक अहसास होता है कि ये सब अस्थायी है और मोटिवेशन मिलता है कि बस काम करते रहो, अच्छा काम करो.''

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'मेरे किरदार लोगों से कनेक्ट करते हैं'

कियारा आडवाणी कहती हैं कि वो अपनी फ़िल्में भी दिल से तय करती हैं. वो कहती हैं, ''शेरशाह, भुलभुलैया-2 और अब जुग-जुग जियो, ये जिस तरीक़े की फ़िल्म मैंने पसंद की हैं, उसमें मुझे ख़ूब सारा प्यार मिला है. मैं हमेशा यही करती हूँ कि जो फ़िल्म मुझे दिल से अच्छी लगती है वो मैं साइन कर लेती हूँ. दिल से कनेक्ट हुआ तो फ़िल्म कर लेती हूं.''

कियारा का कहना है कि उनके किरदारों को दर्शकों का पूरा प्यार मिलता है. कियारा बताती हैं, ''मुझे ऐसा भी लगता है कि धोनी की साक्षी हो, डिंपल, प्रीति हो या अब नैना. हिंदुस्तान को ऐसा लगता है कि ये अपने घर की बेटी है. जब मैं प्रमोशन पर जाती हूँ या बाहर जाती हूँ तो जो लोग मिलते हैं वो कहते हैं-'हमें ऐसा लगता है कि हम आपको पहले से जानते हैं.' मुझे लगता है कि इस चीज़ से काफी वेलिडेशन मिलता है.''

कियारा आगे कहती हैं, ''कबीर सिंह को किए हुए तीन साल हो गए हैं. लेकिन अब भी जितने भी शहर में हम जुग-जुग जियो को प्रमोट कर रहे थे, जब भी मैं एंट्री करती थी तो लोग 'प्रीति-प्रीति' करने लगे थे.'' बता दें कि शाहिद कपूर और कियारा आडवाणी की फ़िल्म कबीर सिंह ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी, फ़िल्म में कियारा आडवाणी के किरदार का नाम प्रीति सिक्का था.

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ये सीख हमेशा याद रखती हैं कियारा

कियारा आडवाणी से ये पूछा गया कि जब किसी फ़िल्म में लीड कैरेक्टर मेल होता है, ऐसी फ़िल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए वो क्या करती हैं? इस पर कियारा कहती हैं कि उन्हें अपने दादा से हासिल की गई सीख हमेशा याद रहती है.

कियारा कहती हैं, ''मैंने धोनी के समय ये सोचा था कि ये बायोग्राफी है, जिसमें पुरुष किरदार पर फ़िल्म बनाई जा रही है. वो ऐसा दौर था जब मेरे ग्रैंड अंकल सईद जाफरी का निधन हुआ था. तब मैंने उन पर (सईद जाफरी) काफ़ी कुछ पढ़ा था और इस दौरान जो मैंने एक सीख हासिल की, वो अब तक मेरे साथ है, वो ये था कि कोई रोल छोटा या बड़ा नहीं होता. दो मिनट का सीन हो या 10 मिनट का सीन हो. आप उस किरदार पर ख़ूब रिसर्च कीजिए, फिर पीछे मुड़कर मत देखिए लोग आपको याद रखेंगे.''

वो आगे कहती हैं, ''मैंने ये याद रखा और फिर धोनी फ़िल्म की. मुझे अपने किरदार के लिए ख़ूब प्यार भी मिला. लेकिन इसके बाद से ये जो लाइन है वो हमेशा मेरे साथ है. जितने भी किरदार मैंने निभाए हैं, ये मेरा थंब रूल बन गया है, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देती हूं.''

क्लाइमेक्स पर क्यों फ़ोकस करती हैं कियारा?

'जुग-जुग जियो' फ़िल्म में कियारा और वरुण धवन के एक सीन की जमकर तारीफ़ें हुई हैं. इस सीन में कियारा और वरुण धवन बहस करते दिखते हैं. कियारा कहती हैं कि सीन को बहुत अच्छी तरह से लिखा गया था लेकिन वरुण और उन्होंने कहा कि सीन में महिला और पुरुष दोनों के नज़रिए को समान जगह मिलनी चाहिए.

वो कहती हैं कि ये सीन उनके करियर का अब तक का सबसे पसंदीदा सीन है. ''मेरे ज़्यादातर क्लाइमेक्स सीन ही मेरे लिए सबसे अच्छे साबित हुए हैं. मैंने कभी ये बोला नहीं लेकिन मैं जो भी स्क्रिप्ट पढ़ती हूँ, उसमें सबसे पहले क्लाइमेक्स देखती हूँ कि क्लाइमेक्स में मैं क्या करूंगी. लोग क्लाइमेक्स के साथ ही जाते हैं, उसके बारे में सोचते हैं''

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वरुण, कार्तिक, सिद्धार्थ, सुशांत, विकी कौशल के बारे में क्या सोचती हैं?

बीबीसी के लिए नयदीप रक्षित ने कियारा से उनके साथ काम कर चुके एक्टर्स के बारे में भी पूछा. जब कियारा से ये पूछा गया कि वरुण धवन, कार्तिक आर्यन, सिद्धार्थ मल्होत्रा, सुशांत सिंह और विकी कौशल के बारे में क्या ख़़ास है और ये किस तरह से एक दूसरे अलग हैं तो वो कहती हैं कि ये सभी बेहतरीन एक्टर्स हैं इनके काम करने का तरीक़ा बिल्कुल अलग-अलग है.

कियारा आडवाणी का कहना है-

  • ''सुशांत रिसर्च पार्ट में बहुत अंदर तक जाते थे. वो किसी एक फ़िल्म के लिए जो तैयारी करते थे मैंने कभी ऐसा किसी और को करते नहीं देखा है. ये कुछ ऐसा है जो मैं अपने साथ रखना चाहूंगी.'
  • ''विकी कौशल एक बहुत अच्छे डांसर है, हमारी अगली फ़िल्म में आप देखेंगे.''
  • ''वरुण धवन एक टीम प्लेयर हैं.''
  • ''कार्तिक धवन का सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत अच्छा है.''
  • ''सिद्धार्थ बहुत ईमानदार एक्टर हैं. उनकी आंखों में वो ईमानदारी दिख जाती है.''

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