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मंगलवार, 19 दिसंबर, 2006 को 06:28 GMT तक के समाचार
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पोस्को के ख़िलाफ़ बढ़ रहा विरोध

नवीन पटनायक
पोस्को के विरोध के लिए 'पोस्को प्रतिरोध संग्रम समिति' का गठन किया गया है
उड़ीसा में दक्षिण कोरियाई स्टील कंपनी पोस्को के प्रस्तावित विशेष आर्थिक ज़ोन यानी एसईजेड का विरोध तेज़ हो रहा है. किसान उपजाऊ ज़मीन देने को तैयार नहीं है.

विभिन्न संगठनों ने पोस्को के विरोध के लिए बाकायदा 'पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति' का गठन किया है.

पारादीप में बनने वाले इस एसईजेड के लिए केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है. हालाँकि सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है.

 हमनें सुनिश्चित किया है कि एसईजेड के लिए उपजाऊ ज़मीन कम से कम ली जाए. जितनी ज़मीन का अधिग्रहण किया जाना है, उसमें सिर्फ़ 10 प्रतिशत उपजाऊ है
उद्योग मंत्री विश्व भूषण हिरचंदन

योजना के मुताबिक पोस्को का एसईजेड चार हज़ार चार एकड़ क्षेत्र में बनेगा. इनमें से 1135 एकड़ ज़मीन सरकार की है लेकिन मुख्य समस्या आम लोगों की ज़मीनों के अधिग्रहण में हो रही है.

पोस्को के प्रस्तावित संयंत्र से सालाना 20 लाख टन इस्पात का उत्पादन होगा.

प्रस्ताव

राज्य सरकार ने पोस्को सहित 14 एसईजेड प्रस्तावों को हरी झंडी दी है. इनमें पाँच प्रस्तावों को केंद्र सरकार की औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है.

टाटा स्टील गोपालपुर में 1173 एकड़ भूभाग में एसईजेड बनाने की योजना बना रही है लेकिन अभी इसे मंजूरी नहीं मिली है.

आकलन के मुताबिक सभी 14 एसईजेड बनने से 26 हज़ार एकड़ कृषि योग्य ज़मीन का नुकसान होगा. साथ ही हज़ारों लोग विस्थापित होंगे जो विवाद का अहम हिस्सा है.

विरोध

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जनार्दन पति कहते हैं, "यह कुछ नहीं बस ज़मींदारों का नया वर्ग तैयार करने की कोशिश है. खुद कृषि मंत्री विधानसभा में कह चुके हैं कि खेतिहर ज़मीन साल दर साल कम हो रही है. ऐसे में एसईजेड के लिए ज़मीन देना अपराध है."

 यह कुछ नहीं बस ज़मींदारों का नया वर्ग तैयार करने की कोशिश है. खुद कृषि मंत्री विधानसभा में कह चुके हैं कि खेतिहर ज़मीन साल दर साल कम हो रही है. ऐसे में एसईजेड के लिए ज़मीन देना अपराध है
जनार्दन पति

दूसरी ओर राज्य सरकार का कहना है कि मामलों को बेवजह बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जा रहा है. राज्य के उद्योग मंत्री विश्व भूषण हरिचंदन कहते हैं, "हमनें सुनिश्चित किया है कि एसईजेड के लिए उपजाऊ ज़मीन कम से कम ली जाए. जितनी ज़मीन का अधिग्रहण किया जाना है, उसमें सिर्फ़ 10 प्रतिशत उपजाऊ है."

एसईजेड के विरोधियों का कहना है कि इससे राज्य सरकार को लगभग एक लाख करोड़ रूपए के बराबर राजस्व की हानि होगी. दूसरी ओर वित्त मंत्री प्रफुल्ल चंद्र का कहना है, "शुरू में ज़रूर कुछ हानि होगी लेकिन ये कमी 18 हज़ार करोड़ रूपए के निवेश से दूर हो जाएगी. साथ ही लगभग एक लाख लोगों को रोज़गार मिलेगा."

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