|
मित्तल और आर्सेलर की साझेदारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोप की स्टील कंपनी आर्सेलर के निदेशक भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल की स्टील कंपनी मित्तल स्टील के साथ साझेदारी करने पर सहमत हो गए हैं. मित्तल स्टील विश्व की सबसे बड़ी स्टील कंपनी है. ये फ़ैसला पाँच महीने तक दोनो पक्षों के बीच चली खींचतान के बाद हुआ है और इसका मकसद दुनिया के स्टील जगत के दो बड़े औद्योगिक समूहों का विलय है. इन दोनो कंपनियाँ की प्रति वर्ष एक करोड़ टन कच्चा स्टील बनाने की क्षमता है जो पूरे विश्व के स्टील उत्पाद का दस प्रतिशत है. इन कंपनियों में लगभग तीन लाख बीस हज़ार लोग काम करते हैं. आर्सेलर के वरिष्ठ अधिकारी लक्ज़म्बर्ग में नौ घंटे तक इस विषय पर चर्चा करते रहे कि वे मित्तल स्टील की पेशकश मानें या फिर उसकी प्रतिद्वंद्वी रूस कंपनी सर्वेस्टॉल की पेशकश को स्वीकार करें. सर्वेस्टॉल रूस के अरबपति एलेक्सेई मोर्दाशॉफ़ की स्टील कंपनी है. माना जा रहा है कि इस साझेदार के लिए मित्तल स्टील ने अपनी पहली 33 अरब डॉलर की पेशकश में काफ़ी वृद्धि की. अब मित्तल स्टील और आर्सेलर के बीच साझेदारी का अंतिम निर्णय आर्सेल के शेयरधारक करेंगे और माना जाता है कि इनमें से अधिकतर इस साझेदारी के हक में है. इससे पहले शेयरधारकों ने ही निदेशकों को मजबूर किया था कि वे रूसी स्टील कंपनी सर्वेस्टॉल की पेशकश को ठुकरा दें. | इससे जुड़ी ख़बरें मित्तल की नज़र एक और कंपनी पर27 जनवरी, 2006 | कारोबार मित्तल ने दिए आर्सेलर को लेकर आश्वासन 30 जनवरी, 2006 | कारोबार 'आर्सेलर को ख़रीदने में कामयाब होंगे'20 मार्च, 2006 | कारोबार मित्तल की आर्सेलर बोली को हरी झंडी18 मई, 2006 | कारोबार बोली बढ़ाने से मित्तल कंपनी का इनकार12 जून, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||