BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 08 अक्तूबर, 2005 को 16:41 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
झारखंड के लिए मित्तल की बड़ी परियोजना
भारत में इस्पात की माँग बढ़ी है
दुनिया की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी मित्तल स्टील ने भारतीय राज्य झारखंड में नौ अरब डॉलर की लागत से एक इस्पात परियोजना शुरू करने का समझौता किया है.

भारतीय इस्पात सेक्टर में यह दूसरा सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा.

कंपनी 2,400 मेगावाट क्षमता की एक बिजली परियोजना और अपने कर्मचारियों के लिए एक टाउनशिप के निर्माण की संभावनाओं का भी अध्ययन करेगी.

मित्तल स्टील के चेयरमैन एलएन मित्तल ने कहा है कि झारखंड की परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी. प्रत्येक चरण में 60 लाख टन इस्पात उत्पादन की क्षमता हासिल की जाएगी.

उनके अनुसार विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर सहमति बनने के चार साल के भीतर पहला चरण पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण को पूरा करने में साढ़े चार साल लगेंगे.

 भारत में अगले दशक में इस्पात की खपत में भारी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है, ऐसे में मित्तल स्टील के लिए वहाँ अपनी उत्पादन इकाई लगाना स्वभाविक ही है.
एलएन मित्तल

मित्तल ने कहा, "भारत में अगले दशक में इस्पात की खपत में भारी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है, ऐसे में मित्तल स्टील के लिए वहाँ अपनी उत्पादन इकाई लगाना स्वभाविक ही है."

उन्होंने कहा, "झारखंड कच्चे माल की बहुतायत के लिए जाना जाता है. वहाँ बुनियादी ढाँचा भी अच्छी स्थिति में है. ऐसी परियोजना के लिए झारखंड एक उपयुक्त जगह है."

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मित्तल ने कहा कि विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होने के बाद परियोजना पर अंतिम समझौता किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले दक्षिण कोरियाई इस्पात निर्माता कंपनी पोस्को पूर्वी भारत के ही एक अन्य राज्य उड़ीसा में 12 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुकी है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>