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झारखंड के लिए मित्तल की बड़ी परियोजना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी मित्तल स्टील ने भारतीय राज्य झारखंड में नौ अरब डॉलर की लागत से एक इस्पात परियोजना शुरू करने का समझौता किया है. भारतीय इस्पात सेक्टर में यह दूसरा सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा. कंपनी 2,400 मेगावाट क्षमता की एक बिजली परियोजना और अपने कर्मचारियों के लिए एक टाउनशिप के निर्माण की संभावनाओं का भी अध्ययन करेगी. मित्तल स्टील के चेयरमैन एलएन मित्तल ने कहा है कि झारखंड की परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी. प्रत्येक चरण में 60 लाख टन इस्पात उत्पादन की क्षमता हासिल की जाएगी. उनके अनुसार विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर सहमति बनने के चार साल के भीतर पहला चरण पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण को पूरा करने में साढ़े चार साल लगेंगे. मित्तल ने कहा, "भारत में अगले दशक में इस्पात की खपत में भारी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है, ऐसे में मित्तल स्टील के लिए वहाँ अपनी उत्पादन इकाई लगाना स्वभाविक ही है." उन्होंने कहा, "झारखंड कच्चे माल की बहुतायत के लिए जाना जाता है. वहाँ बुनियादी ढाँचा भी अच्छी स्थिति में है. ऐसी परियोजना के लिए झारखंड एक उपयुक्त जगह है." समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मित्तल ने कहा कि विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होने के बाद परियोजना पर अंतिम समझौता किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि इससे पहले दक्षिण कोरियाई इस्पात निर्माता कंपनी पोस्को पूर्वी भारत के ही एक अन्य राज्य उड़ीसा में 12 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुकी है. |
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