| मित्तल अब तेल क्षेत्र में हाथ आजमाएँगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) और दुनिया के सबसे बड़े इस्पात निर्माता मित्तल ग्रुप ने तेल और गैस के कारोबार के लिए दो संयुक्त उद्यम कंपनियाँ स्थापित की हैं. इस आशय के एक समझौते पर शनिवार को दिल्ली में हस्ताक्षर हुए. समझौते के अनुसार नवगठित ओएनजीसी-मित्तल एनर्जी लिमिटेड और ओएनजीसी-मित्तल एनर्जी सर्विसेस लिमिटेड में ओएनजीसी विदेश की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और मित्तल इनवेस्टमेंट की 49 प्रतिशत होगी. इस मौक़े पर ओएनजीसी के चेयरमैन सुबीर राहा और मित्तल स्टील के चेयरमैन लक्ष्मी मित्तल और भारत के पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर मौजूद थे. लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि हमारा ज्यादातर कारोबार तेल उत्पादक देशों में है और हमसे तेल व्यवसाय की ओर ध्यान देने को कहा जा रहा था. ओएनजीसी और हम संयुक्त रूप से इस क्षेत्र में अहम भूमिका निभा सकते हैं. सबसे धनी व्यक्ति भारतीय मूल के लक्ष्मी मित्तल ब्रिटेन के सबसे धनी व्यक्ति घोषित किए गए हैं. राजस्थान में जन्मे 54 वर्षीय मित्तल की कुल संपदा 14.8 अरब पाउंड की संपत्ति आँकी गई है. लक्ष्मी मित्तल इस समय दुनिया के सबसे बड़े इस्पात उत्पादक औद्योगिक समूह के मालिक हैं और पिछले वर्ष ही उन्होंने अमरीका की एक बड़ी इस्पात कंपनी का अधिग्रहण किया है. इस समय मित्तल की कंपनी में एक लाख पैंसठ हज़ार लोग काम करते हैं. उनके सबसे अधिक कर्मचारी कज़ाकस्तान में हैं जिनकी संख्या पचास हज़ार के करीब है. दुनिया के 20 से अधिक देशों में उनका कारोबार है और उनकी कंपनियों की कुल उत्पादन क्षमता दुनिया भर में सबसे अधिक, लगभग छह करोड़ टन इस्पात की है. मित्तल की कंपनी, मित्तल स्टील ने पिछले वर्ष अपने मुनाफ़े में तीन गुना वृद्धि की है. उन्होंने लगभग 22 अरब डॉलर का कारोबार करके तकरीबन पौने पाँच अरब डॉलर का लाभ कमाया. |
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