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सबसे बड़ी इस्पात कंपनी का जन्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी का जन्म होने वाला है, इंटरनेशनल स्टील ग्रुप और मित्तल स्टील के विलय के बाद बनने वाली कंपनी की उत्पादन क्षमता सात करोड़ टन होगी. इस नई कंपनी का नाम मित्तल स्टील कंपनी होगा और इसे दुनिया के कई स्टॉक एक्सचेंजों में कारोबार के लिए रजिस्टर कराया जाएगा. मित्तल स्टील के एक बयान के अनुसार इस विलय के बाद मित्तल स्टील का कारोबार 14 देशों में होगा जिनमें एक लाख 65 हज़ार कर्मचारी काम करेंगे. एक अनुमान के मुताबिक़ इस नई कंपनी का कुल कारोबार लगभग 30 अरब डॉलर का होगा और वह दुनिया में सबसे अधिक मुनाफ़ा कमाने वाली स्टील कंपनी बन सकती है. बड़ा क़दम नई कंपनी के चेयरमैन लक्ष्मी निवास मित्तल होंगे जबकि इंटरनेशनल स्टील ग्रुप के विल्बर रॉस को मित्तल स्टील कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल किया जाएगा.
विलय से पहले लक्ष्मी मित्तल ने कहा, "इसके बाद दुनिया में इस्पात उद्योग का चेहरा बदल जाएगा, इंटरनेशनल स्टील ग्रुप अमरीका की सबसे बड़ी स्टील कंपनी है, इस नए कंपनी के बनने से स्टील उद्योग के ग्लोबलाइज़ेशन की शुरूआत होगी." इससे पहले इंटरनेशनल स्टील ग्रुप और इस्पात इंटरनेशनल दुनिया की दस बड़ी स्टील कंपनियों मे थीं. लक्ष्मी मित्तल भारतीय मूल के नामी उद्योगपति हैं और यूरोप के आठ देशों में उनकी कंपनी का कारोबार रहा है. इस विलय के बाद इंटरनेशनल स्टील ग्रुप के शेयरधारकों को नई कंपनी के शेयर दिए जाएँगे या फिर उन्हें नक़द भुगतान पाने का भी हक़ होगा. इन दोनों कंपनियों के विलय से पहले मज़दूर संगठनों की राय भी ली गई थी, यूनाइटेड स्टील वर्कर्स ऑफ़ अमेरिका और इंडिपेंडेट स्टील वर्क्स यूनियन के साथ एक करारनामे पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं. |
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