BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 15 अक्तूबर, 2006 को 12:59 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
पोस्को का विरोध कर रहे गिरफ़्तार
इस्पात संयंत्र
स्थानीय लोग इस्पात कंपनी के लिए ज़मीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं
उड़ीसा में दक्षिण कोरियाई कंपनी पोस्को के प्रस्तावित इस्पात संयंत्र का विरोध कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर की अगुआई में आंदोलन कर रहे लोगों का आरोप है कि पारादीप में पोस्को की प्रस्तावित इस्पात इकाई से हज़ारों लोग विस्थापित होंगे.

ये आंदोलनकारी पिछले बीस दिनों से उड़ीसा विधानसभा भवन के आगे धरना पर बैठे हुए थे.

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को बातचीत के लिए बीस घंटे का समय दिया था.

यह समयसीमा ख़त्म होने के बाद सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में घुसने की कोशिश की.

इस दौरान लगभग 15 मिनट तक पुलिस और आंदोलनाकरियों में धक्कामुक्की हुई और लगभग 40 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया.

इसके बाद मुख्यमंत्री ने मेधा पाटकर को बातचीत का न्यौता दिया लेकिन उन्होंने गिरफ़्तार आंदोलनकारियों की रिहाई होने तक बात करने से इनकार कर दिया.

आंदोलनकारियों ने निकट भविष्य में पोस्को के ख़िलाफ़ आंदोलन तेज़ करने की धमकी दी है.

संयंत्र

पोस्को ने पिछले वर्ष उड़ीसा सरकार के साथ 30 लाख टन क्षमता वाली इस्पात इकाई बनाने के लिए समझौता किया था.

यह संयंत्र वर्ष 2010 तक तैयार होना है और इस पर 12 अरब डॉलर का निवेश होगा.

पोस्को पारादीप में ही फैक्ट्री के लिए अलग से एक बंदरगाह बनाने की योजना बना रही है

हालाँकि समझौता होने के बाद से ही स्थानीय आदिवासी समुदाय इसका विरोध कर रहा है.

इससे जुड़ी ख़बरें
उड़ीसा में विरोध प्रदर्शन जारी
03 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>