मध्य प्रदेश: उज्जैन में नाबालिग से रेप, लड़की ढाई घंटे तक मदद के लिए भटकती रही

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- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में एक बच्ची से रेप के मामले में पुलिस ने गुरुवार को चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.
एक ऑटो ड्राइवर को घटना के अगले दिन ही हिरासत में लिया गया था. इस मामले में अब कुल पांच लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है. वहीं, एक अभियुक्त गुरुवार को घायल हो गया. अभियुक्त ऑटो चालक है. पुलिस अभियुक्त को लेकर क्षेत्र में घटना स्थल दिखाने पहुंची थी. तभी उसने भागने की कोशिश की और दीवार से टकरा गया. पुलिस अभियुक्त को जिला अस्पताल लेकर पहुंची है.
उज्जैन में 25 सितंबर को एक नाबालिक बच्ची से रेप का मामला सामने आया था.
महाकाल थाने के इलाके में बड़नगर रोड पर दंडी आश्रम के पास यह बच्ची सोमवार की शाम घायल अवस्था में मिली थी. उसके कपड़े ख़ून से सने थे.
पुलिस ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह बच्ची आधे अधूरे कपड़े में सांवराखेड़ी सिंहस्थ बाइपास की कॉलोनियों में क़रीब ढाई घंटे भटकती रही लेकिन स्थानीय लोगों से उसे कोई मदद नहीं मिली. पुलिस ने सभी संबंधित सीसीटीवी फ़ुटेज जुटा लिए हैं.
सीसीटीवी फ़ुटेज में क्या है

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इन फ़ुटेज में ही यह नाबालिग लड़की तीन ऑटो ड्राइवर और दो लोगों के साथ बात करती दिखी. पुलिस उन सभी लोगों से पूछताछ कर रही है.
पुलिस के मुताबिक़ यह नाबालिग लड़की सतना की रहने वाली है. पुलिस ने पहले बच्ची की उम्र 12 साल बताई थी लेकिन एफ़आईआर की कॉपी में उनकी उम्र 15 साल दर्ज है.
उज्जैन के एसपी सचिन शर्मा ने बताया, "बच्ची सतना ज़िले के एक गांव की रहने वाली है. वो 24 सितंबर को घर से गायब हुई थी. उसके अपहरण की रिपोर्ट भी सतना के एक थाने में दर्ज है. बच्ची की मां बचपन में ही उसे छोड़कर चली गई थी और पिता अर्धविक्षिप्त हैं. बच्ची अपने दादा और बड़े भाई के साथ गांव में रहती है और वहीं के स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ती है. उसके लापता होने पर दादा ने 24 सितंबर को आईपीसी की धारा 363 के तहत केस दर्ज कराया था."
एसपी सचिन शर्मा ने बताया, "बच्ची बड़नगर रोड स्थित दंडी आश्रम के बाहर आश्रम के आचार्य राहुल शर्मा को जब मिली तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी और बच्ची को अस्पताल भिजवाया. प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को इंदौर के ज़िला चिकित्सालय पहुँचाया गया. जहाँ ऑपरेशन किया गया अब बच्ची की हालत में सुधार है."

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पुलिस ने यह भी बताया कि सतना से एक पुलिस टीम भी इंदौर के लिए रवाना हुई है. वहीं, पुलिस अभी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि वह लड़की उज्जैन कैसे पहुंची.
वहीं, सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह बघेल के मुताबिक़, उज्जैन में रेप का शिकार हुई बच्ची मंदबुद्धि है. वह गांव में अपने दादा और भाई के साथ रहती है.
बघेल ने पत्रकारों को बताया कि, वो स्कूल जाने के लिये निकली थी और शाम तक जब घर नही आयी तो उसकी तलाश की गई लेकिन जब नही मिली तो दूसरे दिन उसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई. उसकी तलाश की जा रही थी और सूचना सभी थानों में भेजी गई. फिर उज्जैन वाला मामला सामने आने पर उसका वीडियो दादा को दिखाया गया और उन्होंने उसे पहचान लिया.
इस घटना ने न केवल उज्जैन बल्कि पूरे मध्य प्रदेश और देश को झकझोर दिया है. लड़की मदद की तलाश करती रही लेकिन महाकाल की नगरी में कोई आगे नहीं आया.
वो शख़्स जिसने पुलिस को सूचना दी

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राहुल शर्मा वो शख़्स हैं जिन्होंने सबसे पहले पुलिस को इस बच्ची के बारे में जानकारी दी.
राहुल शर्मा ने बताया कि सूचना देने के 20 मिनट के भीतर ही पुलिस मौके पर पहुंच गई.
उन्होंने कहा, "मुझे खेद है कि उज्जैन जैसे शहर में उस लड़की को मदद नही मिल पाई जहां पर लोगों को आगे आना चाहिए था."
राहुल ने बताया कि उस समय लड़की खड़ी नहीं हो पा रही थी और जो भाषा बोल रही थी वो उन्हें समझ नहीं आ रही थी.
उन्होंने बताया कि तब लड़की की स्थिति ठीक नहीं थी और मेरी पहली प्राथमिकता उसका इलाज कराने की थी.

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वहीं, स्थानीय निवासी और पत्रकार जय कौशल ने बताया कि यह घटना वाकई दिल को दुखाने वाली है.
लेकिन लड़की को मदद नहीं मिल पाने पर वे कहते हैं, "लोगों में एक अविश्वास की भावना पैदा हो गई है."
उन्होंने कहा, "लोग मदद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं. शायद इस वजह से कि उन्हें लगता है कि पता नहीं हमें इसके लिए ज़िम्मेदार न मान लिया जाए. लोगों को लगता है कि कहीं पुलिस उन्हें ही मामले में न उलझा दे."
हालांकि वे कहते हैं, "महाकाल लोक बन जाने के बाद से यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है और यह घटना बताती है कि हम कितने असुरक्षित हैं."
उज्जैन के ही अमिताभ तिवारी कहते हैं, "बच्ची के साथ जो हुआ और उसके बाद लोगों का उसे सहायता नहीं देना मुझे भी हैरान करता है. ऐसा इस शहर में नहीं होना चाहिए. भगवान महाकाल दुनिया भर के लोगों के दुख दूर करने के लिए जाने जाते हैं. फिर इस मामले में हम इतने संवेदनहीन कैसे हो सकते हैं."
विपक्ष ने सरकार को घेरा
विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर हमला किया है.
राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश सरकार को लेकर कहा, "प्रदेश सरकार बच्चियों की सुरक्षा करने में अक्षम है. मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार के मामले सबसे ज़्यादा है."
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "यह घटना प्रशासन और समाज के लिए कलंक है. मैं मुख्यमंत्री से जानना चाहता हूं कि क्या आप सिर्फ़ चुनाव ही लड़ते रहेंगे और झूठी घोषणाएं ही करते रहेंगे."
वहीं, बीजेपी की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस घटना में एक नाबालिग बच्ची का ख़ून से लथपथ होकर सड़क पर भटकते रहने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि यह घटना हमारे समाज के लिए कलंक है.
उधर, राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में पत्रकारों को बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है और जांच के आधार पर इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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