'बीजेपी 370 सीटें जीतेगी', पीएम मोदी के इस आत्मविश्वास के मायने क्या हैं?- प्रेस रिव्यू

पीएम मोदी

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पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जब लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर क़रीब 100 मिनट का संबोधन किया, तो उनके निशाने पर कांग्रेस रही.

संसद में पीएम मोदी के दिए संबोधन को दिल्ली से छपने वाले ज़्यादातर अख़बारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजेपी लोकसभा चुनावों के लिए तैयारी कर रही है. ऐसे में पीएम मोदी ने संसद के भीतर से जब अपने चुनावी लक्ष्य की बात कही तो इसने पार्टी कार्यकर्ताओं को ऊर्जा से भर दिया होगा.

पीएम मोदी ने सीटों को लेकर जो बातें कहीं, वो 2024 के चुनाव में जीत को लेकर बीजेपी के आत्मविश्वास को भी दिखाता है.

पीएम मोदी ने संसद में कहा, ''अब हमारी सरकार का तीसरा कार्यकाल भी दूर नहीं है. अबकी बार...''

बीजेपी सांसद जवाब देते हैं- 400 पार.

पीएम मोदी ने कहा, ''मैं ऐसे आँकड़ों में नहीं पड़ता. लेकिन मैं देख रहा हूं कि देश का मिजाज एनडीए को 400 सीटें पार करवाकर रहेगा. लेकिन बीजेपी को 370 सीट अवश्य देगा.''

बीजेपी इस बार चुनावों में 400 पार का नारा दे रही है. 2019 चुनावों में बीजेपी ने 303 सीटें जीती थीं.

संसद

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विपक्ष की छवि गढ़ने की पीएम मोदी कोशिश

पीएम मोदी ने कहा, ''कांग्रेस को 10 साल के दौरान अच्छा विपक्ष बनने का मौक़ा मिला लेकिन इसमें वो विफल रही. विपक्ष में भी कुछ होनहार लोगों को उभरने नहीं दिया.

कांग्रेस पर पीएम मोदी ने कहा कि उसने ख़ुद का भी, विपक्ष का भी, संसद का भी और देश का भी नुक़सान किया है.

पीएम मोदी ने कहा, ''एक ही प्रोडक्ट बार-बार लॉन्च करने के चक्कर में कांग्रेस की दुकान पर ताला लगने की नौबत आ गई है.''

पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष चुनाव लड़ने का साहस खो चुकी है तो कुछ लोग अपनी सीट बदल रहे हैं और कुछ राज्यसभा के रास्ते संसद आना चाह रहे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में लिखा है कि पीएम मोदी अपने संबोधन में ये संदेश देना चाहते हैं कि केंद्र में बीजेपी का कोई विकल्प नहीं है.

कांग्रेस कई मुद्दों पर पीएम मोदी की आलोचना करती रही है. इन आलोचनाओं पर पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस कैंसल कल्चर में फँस गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में लिखा है कि पीएम मोदी सदन से अपने संबोधन में ये संदेश देना चाहा कि विपक्ष देश की उपलब्धियों में गर्व महसूस नहीं करता है.

राहुल गांधी

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कांग्रेस ज़्यादा निशाने पर क्यों रही?

पीएम मोदी अपने संबोधन में कांग्रेस पर ज़्यादा हमलावर दिखे. अतीत में वो इंडिया गठबंधन पर बोलते रहे हैं.

इसकी वजह के बारे में इंडियन एक्सप्रेस ने एक कांग्रेस नेता के हवाले से लिखा है.

कांग्रेस के एक नेता ने इंडियन एक्सप्रेस से बताया, ''पीएम मोदी कांग्रेस बनाम बीजेपी या एनडीए बनाम यूपीए पर ज़ोर दे रहे हैं. ये एक ऐसी चीज़ है, जिसका अतीत में बीजेपी को फ़ायदा मिलता रहा है.''

कांग्रेस के दूसरे नेता ने अख़बार से कहा कि हिंदी भाषी राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस क़रीब 200 सीटों पर आमने सामने हैं. ऐसे में मोदी को राहुल और कांग्रेस पर हमला बोलना ही था.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में लोकसभा चुनाव का आगाज़ करते जान पड़ते हैं.

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बीते हफ़्ते कई अहम बैठकें की थीं. इस महीने के अंत तक नेशनल काउंसिल की बैठक भी होनी है.

बाइडन और मोदी

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अमेरिका: राष्ट्रपति चुनाव के बाद होगी क्वॉड बैठक

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क्वॉड देशों की बैठक भारत में जल्दी होने की संभावनाएं नहीं दिख रही हैं.

क्वॉड देशों के समूह में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका शामिल हैं.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले क्वाड बैठक होने की संभावना कम है.

इस बारे में अमेरिका राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि क्वाड का एजेंडा 2024 के अंत तक ''अधिक प्रोडक्टिव'' होगा.

एरिक ने कहा, ''चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के कारण जो बाइडन का दिल्ली आना मुश्किल होगा.''

इस साल गणतंत्र दिवस में जो बाइडन को निमंत्रण भेजा गया था. मगर वो इस समारोह में शामिल नहीं हुए थे.

माना जा रहा था कि गणतंत्र दिवस समारोह के बाद क्वाड की बैठक करवाई जाएगी. एरिक ने कहा कि ये बैठक अब राष्ट्रपति चुनावों के बाद होगी.

क्वाड जैसे समूह को बनाने की बात पहली बार 2004 की सुनामी के बाद हुई थी जब भारत ने अपने और अन्य प्रभावित पड़ोसी देशों के लिए बचाव और राहत के प्रयास किए और इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान भी शामिल हो गए थे.

चीन शुरू से ही क्वाड को चार विरोधी देशों का समूह मानता रहा है.

कतर और भारत

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क़तर भारत की डील 20 साल के लिए बढ़ सकती है

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत क़तर के साथ अपनी एलएनजी डील को 20 सालों के लिए और बढ़ा सकता है.

दोनों देशों के बीच मंगलवार को इस डील पर सहमति बन सकती है.

क़तर से एलएनजी आयात करने की डील 2048 तक के लिए बढ़ाई जा सकती है और ये अब तक की सबसे कम कीमत पर होने वाली डील होगी.

दो समझौतों के तहत पेट्रोनेट क़तर से 8.5 मिलियन टन एलएनजी एक साल में आयात करता है.

दोनों देशों के बीच जो 25 साल की डील है वो 2028 में ख़त्म हो रही है.

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