लोकसभा चुनाव 2024: सातवें चरण में 59.45 फ़ीसदी मतदान

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एक जून को सातवें और आख़िरी चरण का मतदान ख़त्म होने के साथ भारत में लोकसभा चुनाव संपन्न हो गए हैं और कुल 543 सीटों के लिए उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में क़ैद हो गई है.
सातवें चरण में आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 57 सीटों पर वोट डाले गए.
शनिवार देर शाम जारी एक बयान में चुनाव आयोग ने बताया कि आख़िरी चरण में रात 8.45 बजे तक 59.45 फ़ीसदी मतदान हुआ.
आख़िरी चरण में 8.45 बजे तक पंजाब की सभी 13 सीटों पर 55.86 फ़ीसदी मतदान हुआ. वहीं उत्तर प्रदेश की 13 लोकसभा सीटों पर 55.60 फ़ीसदी वोट डाले गए. बिहार की 8 लोकसभा सीटों पर 50.79 फ़ीसदी और पश्चिम बंगाल की 9 लोकसभा सीटों पर 69.89 फ़ीसदी मतदान हुआ.
वहीं ओडिशा की 6 लोकसभा सीटों पर 63.57 फ़ीसदी और हिमाचल प्रदेश की चार लोकसभा सीटों पर 67.53 फ़ीसदी वोट डाले गए. झारखंड की तीन सीटों पर 69.59 फ़ीसदी मतदान हुआ. केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ में एक सीट पर 62.80 फ़ीसदी वोट डाले गए.
लोकसभा चुनाव के साथ सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश और ओडिशा विधानसभा चुनाव के लिए भी मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई है.
लोकसभा चुनाव के नतीजे चार जून को घोषित किए जाएंगे.

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आख़िरी चरण में क़रीब 10.06 करोड़ मतदाताओं ने देशभर के 10.9 लाख पोलिंग स्टेशन पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इसमें 5.24 करोड़ पुरुष और 4.82 करोड़ महिला वोटर हैं.
इस चरण में जिन 8 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदान हुआ वो हैं- बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़.
इस चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रविशंकर प्रसाद, अनुराग ठाकुर, कंगना रनौत, रवि किशन जैसे नेता मैदान में हैं. आइए जानते हैं सातवें चरण से जुड़ी कुछ ख़ास बातें.

लोकसभा चुनाव 2024: इन सीटों पर हुआ मतदान
- बिहार (08 सीटें) - नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकाट और जहानाबाद
- हिमाचल प्रदेश (04 सीटें) - कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, शिमला
- झारखंड (03 सीटें) - राजमहल, दुमका, गोड्डा
- ओडिशा (06 सीटें)- मयूरगंज, बालासौर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर
- पंजाब (13 सीटें)- गुरदासपुर, अमृतसर, खडूरसाहिब, जालंधर, होशियारपुर, आनंदपुर साहिब, लुधियाना, फ़तेहगढ़ साहिब, फ़रीदकोट, फ़िरोज़पुर, बठिंडा, संगरूर, पटियाला
- उत्तर प्रदेश (13 सीटें) - महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, ग़ाज़ीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्ज़ापुर, रॉबर्ट्सगंज
- पश्चिम बंगाल (09 सीटें) - दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयानगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जादवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर
- चंडीगढ़ (01 सीट) - चंडीगढ़
लोकसभा चुनाव 2024: मैदान में हैं ये दिग्गज

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नरेंद्र मोदी
उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मैदान में हैं. साल 2014 से ही वाराणसी उनका संसदीय क्षेत्र है. 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी को यहां से 6 लाख 74 हज़ार से ज़्यादा वोट मिले थे. दूसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी शालिनी यादव रही थीं और तीसरे स्थान पर कांग्रेस के अजय राय.
इस बार प्रधानमंत्री मोदी का मुक़ाबला इंडिया गठबंधन और कांग्रेस के नेता अजय राय से है. बीते दो लोकसभा चुनावों में अजय राय मोदी के ख़िलाफ़ दूसरे नंबर पर भी नहीं पहुंच पाए हैं.
2014 के लोकसभा चुनाव में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार यहां चुनाव लड़ने आए थे, उन्हें पांच लाख 81 हज़ार से ज़्यादा वोट मिले थे, जबकि आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने दो लाख से ज़्यादा वोट हासिल किया था. अजय राय को 75 हज़ार के क़रीब वोट मिले थे.
अनुराग ठाकुर
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं. यहां से वो चार बार जीतकर लोकसभा पहुंच चुके हैं, चारों बार उन्होंने कांग्रेस के अलग-अलग उम्मीदवारों को हराया था. इस बार उनका मुक़ाबला कांग्रेस के सतपाल रायज़ादा से है.
पिछले लोकसभा चुनाव में अनुराग ठाकुर ने 6 लाख 80 हज़ार से ज़्यादा वोट हासिल किए थे और कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर को क़रीब 4 लाख वोटों से हराया था.
कांग्रेस उम्मीदवार सतपाल रायज़ादा ने पहली बार साल 2017 में विधानसभा का चुनाव जीता था. 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी के सतपाल सत्ती से हार का सामना करना पड़ा.

मीसा भारती
बिहार की पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती चुनाव लड़ रही हैं. उनका मुक़ाबला बीजेपी के रामकृपाल यादव से है. दोनों का आमना-सामना पिछले चुनावों में भी हो चुका है, जिसमें रामकृपाल यादव ने बाज़ी मारी थी.
रामकृपाल यादव किसी ज़माने में लालू प्रसाद यादव के क़रीबी माने जाते थे. उस दौर में रामकृपाल यादव और मीसा भारती को 'चाचा-भतीजी' के तौर पर भी जाना जाता था.
साल 2014 में पहली बार चाचा-भतीजी की यह जोड़ी चुनाव मैदान में आमने सामने थी, उस वक़्त भी रामकृपाल यादव ने मीसा भारती को चुनावों में मात दी थी.
अभिषेक बनर्जी
पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी चुनाव लड़ रहे हैं. 2014 लोकसभा चुनाव से ही अभिषेक यहां से जीतते आ रहे हैं. अभिषेक बनर्जी ने 2019 लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 3 लाख 20 हज़ार से ज़्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी.
डायमंड हार्बर संसदीय सीट साल 2009 में पहली बार तृणमूल कांग्रेस की झोली में आई थी. उस साल वहां प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोमेन मित्रा टीएमसी के टिकट पर जीते थे. साल 2014 में अभिषेक पहली बार यहां से चुनाव लड़ कर क़रीब 71 हज़ार वोटों से जीते थे.
तब अभिषेक ने बीजेपी के अभिजीत दास उर्फ बॉबी को उम्मीदवार बनाया था. इस बार फिर उनका मुक़बला बॉबी से है. कांग्रेस के साथ तालमेल के तहत यहां सीपीएम ने छात्र नेता प्रतीक उर रहमान को टिकट दिया है.

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कंगना रनौत
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से कंगना रनौत चुनाव लड़ रही हैं. उनका मुक़ाबला कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह से है, जो राज्य में लोक निर्माण मंत्री भी हैं. हिमाचल प्रदेश की रहने वाली कंगना रनौत जानी मानी फ़िल्म अभिनेत्री हैं. वो अपनी बयानबाज़ी को लेकर भी सुर्ख़ियों में रहती हैं और पहली बार चुनाव लड़ रही हैं.
बता दें कि साल 2014 और 2019 के आम चुनावों में हिमाचल प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर बीजेपी जीती थी. कांग्रेस की प्रतिभा सिंह 2021 में हुए उपचुनाव को जीतकर मंडी लोकसभा सीट को अपने खाते में ले आईं लेकिन इस बार उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला किया.
रवि किशन
उत्तर प्रदेश की गोरखपुर लोकसभा सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ मानी जाती है. यहां से मौजूदा सांसद रवि किशन एक बार फिर बीजेपी के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. उनका मुक़ाबला इंडिया गठबंधन और समाजवादी पार्टी की नेता काजल निषाद से है.
रवि किशन भोजपुरी और बॉलीवुड फ़िल्मों के मशहूर अभिनेता हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में रवि किशन ने समाजवादी पार्टी के नेता रामभुआल निषाद को क़रीब 3 लाख वोटों से हराया था. वहीं काजल निषाद भी भोजपुरी फ़िल्मों की अभिनेत्री रही हैं और विधायक, मेयर का चुनाव लड़ चुकी हैं.
गोरखपुर लोकसभा सीट से साल 1996 से लेकर 2014 के लोकसभा चुनाव तक योगी आदित्यनाथ जीतते आए. उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव हुआ था जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता प्रवीण निषाद ने जीत दर्ज की थी. बाद में 2019 लोकसभा चुनाव में ये सीट फिर से बीजेपी के खाते में चली आई.
रवि शंकर प्रसाद
बिहार की पटना साहिब लोकसभा सीट से बीजेपी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद चुनावी मैदान में हैं. उनका मुक़ाबला कांग्रेस के प्रत्याशी अंशुल अविजीत से है.
रविशंकर प्रसाद इस सीट से मौजूदा सांसद हैं जबकि अंशुल अविजीत कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीरा कुमार के बेटे हैं.
साल 2019 में इस सीट से कांग्रेस ने बीजेपी के बाग़ी नेता शत्रुघ्न सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया था. शत्रुघ्न सिन्हा इस सीट से साल 2009 और साल 2014 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे.

पवन सिंह
बिहार की काराकाट लोकसभा सीट पर भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं.
काराकाट के चुनावी मैदान में पवन सिंह के सामने एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा हैं. वहीं इंडिया गठबंधन ने राजा राम सिंह को उम्मीदवार बनाया है.
काराकाट सीट से साल 2009 में जनता दल यूनाइटेड के महाबली सिंह चुनाव जीते थे. साल 2019 में भी इस सीट से महाबली सिंह की जीत हुई थी. लेकिन इस बार जेडीयू को एनडीए के दलों के बीच साझेदारी में अपनी यह सीट छोड़नी पड़ी है.
चरणजीत सिंह चन्नी
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. वो जालंधर सीट से चुनावी मैदान में हैं.
जालंधर में इस बार प्रत्याशियों के बीच जमकर दल-बदल देखने को मिली है. यहां बीजेपी ने सुशील रिंकू को उतारा है. सुशील, कांग्रेस विधायक रहे हैं, लेकिन 2023 में हुए उपचुनाव में वो आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए और उपचुनाव में जीत दर्ज की. अब वो बीजेपी में शामिल हो गए हैं और इस बार यहां से प्रत्याशी हैं.
वहीं, शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर मोहिंदर सिंह केपी भी मैदान में हैं. मोहिंदर सिंह भी पहले कांग्रेस में रह चुके हैं. 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने वाले संतोख सिंह चौधरी की पत्नी करमजीत कौर बीजेपी में शामिल हो गई हैं.
अफ़ज़ाल अंसारी
उत्तर प्रदेश की ग़ाज़ीपुर लोकसभा सीट से मुख़्तार अंसारी के भाई अफ़ज़ाल अंसारी चुनाव लड़ रहे हैं. वो समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं.
पिछले लोकसभा चुनाव में अफ़ज़ाल ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा को एक लाख से ज़्यादा वोटों से हराया था. इस बार बीजेपी ने पारसनाथ राय को यहां से टिकट दिया है. उन्हें मनोज सिन्हा का क़रीबी माना जाता है.
ग़ाज़ीपुर लोकसभा सीट से मनोज सिन्हा 1996, 1999 और 2014 में चुनाव जीते थे. इस बार उनके क़रीबी चुनाव मैदान में हैं. जबकि अफ़ज़ाल 2019 से पहले 2004 में यहां से सांसद रहे.
आज शाम को जारी होंगे एग्ज़िट पोल के अनुमान
आज सांतवें चरण का मतदान ख़त्म होने के साथ ही सभी पोल एजेंसियां और न्यूज़ चैनल एग्ज़िट पोल जारी कर देंगे. बता दें कि चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से लेकर आख़िरी चरण के मतदान ख़त्म होने के आधे घंटे बाद तक एग्ज़िट पोल को प्रसारित नहीं किया जा सकता है.
पिछले लोकसभा चुनाव में और हालिया विधानसभा चुनाव में एग्ज़िट पोल के अनुमान कितने सही रहे, ये जानने के लिए यहां क्लिक करें.
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