अजित पवार को मिलने वाले विभागों से शिंदे खेमे में खलबली- प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, ANI
महाराष्ट्र में अजित पवार के शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद मंत्रालयों के बँटवारे के लेकर खींचतान अब थमती नज़र आ रही है.
टाइम्स ऑफ इंडिया ने मंत्रालयों की बँटवारे में शामिल एनसीपी के सूत्रों के हवाले से बताया है कि अजित पवार के गुट को वित्त, योजना, सहकारिता और कृषि जैसे अहम मंत्रालय दिए जाएंगे.
मंत्रालयों के बँटवारों का जल्द ही एलान हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक़ अजित पवार वित्त मंत्रालय ख़ुद अपने पास रखेंगे.
अख़बार ने लिखा है कि अजित पवार को वित्त मंत्रालय दिया जाना काफ़ी अहम फ़ैसला है क्योंकि भरत गोगावाले के नेतृत्व में शिंदे गुट के विधायक इसका विरोध कर रहे थे. प्रहार पार्टी के विधायक बच्चू कडू भी अजित पवार गुट को वित्त मंत्रालय देने के ख़िलाफ़ थे.
इन लोगों ने कहा था कि महाविकास अघाड़ी सरकार में जब पवार वित्त मंत्री थे तो उन्होंने उनके फंड रोक दिए थे. उनके रवैये की वजह से उद्धव ठाकरे की नेतृत्व वाली सरकार से उन्होंने समर्थन वापस ले लिया था.
लेकिन एनसीपी सूत्रों का कहना है कि अजित पवार गुट के शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल होने के पहले ही सौदा हो गया था.
टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्र के हवाले से लिखा है कि मंत्रालयों का बँटवारा आसानी से हो गया. इसमें कोई दिक्क़त नहीं आई. इस सूत्र ने कहा है कि मंत्रालयों के बँटवारे को लेकर कोई झगड़ा नहीं था.
इस सूत्र ने अख़बार से कहा, ’’क्या आप ये समझ रहे हैं कि इस तरह के फ़ैसले बगैर विचार-विमर्श और मतभेदों के बगैर लिए गए होंगे.’’

इमेज स्रोत, Getty Images
सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इंडिया से इस बात की पुष्टि की है कि अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल एनडीए की नई दिल्ली में की बैठक में हिस्सा लेंगे. ये बैठक 18 जुलाई को होगी.
इससे इस बात की पुष्टि होगी कि अजित पवार का गुट एनडीए का हिस्सा है.
टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा है कि भले ही कुछ अहम मंत्रालय एनसीपी के अजित गुट को दिए जाने पर सहमति बनी हो लेकिन आगे के मंत्रिमंडल विस्तार पर अनिश्चितता बनी हुई है.
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तुरंत कैबिनेट विस्तार को अंजाम देना चाहते हैं लेकिन बीजेपी का मानना है के ये 17 जुलाई को महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र के बाद होना चाहिए.
फडणवीस ने बुधवार को कहा था कि वित्त और योजना मंत्रालय किसे दिया जाए इसे लेकर विवाद सुलझा लिया गाय है. ये दोनों मंत्रालय फडणवीस के पास थे.
मंत्रालय के बँटवारे को लेकर इस खींचतान पर महाराष्ट्र में कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा था कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार को बर्खास्त करना चाहिए.
फडणवीस ने बुधवार को कहा था कि वित्त और योजना मंत्रालय किसे दिया जाए इसे लेकर विवाद सुलझा लिया गया है. ये दोनों मंत्रालय फडणवीस के पास थे.
मंत्रालय के बँटवारे को लेकर इस खींचतान पर महाराष्ट्र में कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा था कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार को बर्खास्त करना चाहिए.
द हिंदू में छपी एक ख़बर के मुताबिक नाना पटोले ने कहा कि मंत्रालय को बँटवारे को लेकर जिस तरह का झगड़ा चल रहा है वो महाराष्ट्र पर धब्बा है.
इस पर बीजेपी के महाराष्ट्र प्रमुख चंद्रशेखर बावाकुले ने पलटवार करते हुए कहा कि पटोले कांग्रेस में अंदर चल रही खींचतान से परेशान है. पटोले को डर है कि कांग्रेस के विधायक बीजेपी में जा सकते हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
यूपी : लोकसभा चुनाव में बीजेपी के कितने सांसदों का टिकट कटेगा?
उत्तर प्रदेश में 2024 के चुनाव में बीजेपी के 25 फीसदी सांसदों के टिकट कट सकते हैं.
इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि बीजेपी राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाने में जुट गई है.
लेकिन विपक्षी पार्टियों की एकता की कोशिशों, सहयोगी पार्टियों को जगह देने और सत्ता विरोधी रुझान को रोकने के लिए वो अपने एक चौथाई मौजूदा सांसदों के टिकट काट सकती है.
अख़बार ने पार्टी के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि जिन सांसदों के टिकट कट सकते हैं उनमें कैबिनेट मंत्री भी शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीजेपी सांसद हो सकते हैं.
अख़बार ने लिखा है कि कहा जा रहा है जिन सांसदों के टिकट कटेंगे उनकी लिस्ट तैयार की जा रही है.
इसने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि जिन नेताओं की उम्र 75 साल के पार हो गई है और जो जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क रखने में नाकाम रहे हैं, उनका पत्ता कट सकता है.
इसके साथ ही मौजूदा विधायकों की भी एक लिस्ट तैयार की जा रही है.

इमेज स्रोत, Getty Images
उत्तर प्रदेश सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए इस लिस्ट में शामिल नेताओं को लोकसभा चुनाव के टिकट देने में तवज्जो दी जाएगी.
अख़बार ने एक बीजेपी नेताओं के हवाले से कहा गया यूनियन कैबिनेट में शामिल जिन नेताओं का टिकट कटेगा उन्हें बाद में राज्यसभा भेज कर मनाया जा सकता है.
अख़बार ने लिखा है कि बीजेपी ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव समाज पार्टी से गठबंधन कर सकती है. पार्टी कम से कम एक सीट उसे दे सकती है.
एक सीट निषाद पार्टी को भी मिल सकती है. जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी के लिए बीजेपी अपने दरवाजे बंद नहीं किए हैं.
पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी यहां 80 सीटों से 62 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं सहयोगी दल अपना दल (एस) ने दो सीटें जीती थीं.

इमेज स्रोत, Getty Images
दिल्ली-एनसीआर में बिकेगा 90 रुपये किलो टमाटर
टमाटर की आसमान छूती कीमतों को देखते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ ने लोगों को शुक्रवार से 90 रुपये किलो टमाटर मुहैया कराने का एलान किया है.
अमर उजाला ने संघ के अधिकारी के हवाले से लिखा है कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में मोबाइल वैन के माध्यम से 90 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दरों पर टमाटर बेचा जाएगा.
उन्होंने टमाटर बिकने वाली जगहों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नोएडा में रजनीगंधा चौक पर मौजूद एनसीसीएफ ऑफिस में टमाटर बेचा जाएगा.
इसके अलावा ग्रेटर नोएडा और अन्य स्थानों पर मोबाइल वैन के जरिये से टमाटर बेचे जाएंगे.
अधिकारी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के अलावा सहकारी संस्था वीकेंड पर लखनऊ, कानपुर और जयपुर जैसे अन्य शहरों में भी टमाटर की बिक्री शुरू करेगी.
फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में टमाटर का भाव 140 से लेकर 200 रुपये किलो तक जा पहुंचा है.
लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने सहकारी समितियों, एनसीसीएफ और नाफेड को टमाटर बेचने का आदेश दिया है.

इमेज स्रोत, Getty Images
क्रेडिट कार्ड से खर्च 1.4 लाख करोड़ रुपये के पार
भारत में क्रेडिट कार्ड से खर्च पहली बार 1.4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. हालांकि 2022-23 में क्रेडिट कार्ड से खर्च निश्चित दायरे में रहा था. यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक की ओर हाल में जारी आंकड़ों से मिली है.
बिजनेस स्टैंडर्ड ने आरबीआई के आंकड़ों के हवाले से कहा है कि क्रेडिट कार्ड की संख्या मई में फिर बढ़कर उच्चतम स्तर 8.74 करोड़ पर पहुंच गई थी जबकि इससे पहले अप्रैल में भी यह संख्या 8.65 करोड़ पर थी.
इस वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में क्रेडिट कार्ड करीब 20 लाख बढ़े
अख़बार में कहा गया है कि आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘क्रेडिट कार्ड से होने वाला खर्च वित्त वर्ष 23 में 1.1 लाख करोड़ से 1.3 लाख करोड़ रुपये के दायरे में रहा था.
मई, 2023 में पहली बार क्रेडिट कार्ड से खर्च 1.4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा.

इमेज स्रोत, Getty Images
मई, 2023 में पहली बार क्रेडिट कार्ड से खर्च 1.4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा.
मई में प्रति क्रेडिट कार्ड खर्च राशि करीब 16,144 करोड़ रुपये रही थी. सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के सबसे ज्यादा क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल हो रहे हैं.
मई में एचडीएफसी बैंक के कार्ड की संख्या 1.812 करोड़ थी. इसके क्रेडिट कार्डों की कुल हुए खर्च में हिस्सेदारी 28.5 फीसदी थी.
ये भी पढ़ें : -
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर,इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












