ट्रंप ने स्टील और एल्यूमीनियम पर लगाया 25% टैरिफ़, भारत पर क्या असर और किस देश को मिल सकती है छूट

ओवल ऑफ़िस में डोनाल्ड ट्रंप

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इमेज कैप्शन, टैरिफ़ की घोषणा के बाद ट्रंप के ने कहा है कि इससे अमेरिका को ही फ़ायदा होगा.
    • Author, सुरभि गुप्ता
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में आयात किए जाने वाले स्टील और एल्यूमीनियम पर 25% आयात शुल्क लगाने का आदेश दिया है.

इस टैरिफ़ की घोषणा के बाद अमेरिका में इन धातुओं के आयात की लागत बढ़ जाएगी. ट्रंप की ये घोषणा कनाडा के कुछ राजनेताओं की चेतावनियों के बावजूद आई है.

ग़ौरतलब है कि कनाडा से भारी मात्रा में ये धातुएं अमेरिका पहुँचती हैं.

इसके अलावा आयात पर निर्भर अमेरिकी व्यवसायों ने भी इस क़दम पर चिंताएं जताईं हैं लेकिन ट्रंप ने कहा है कि उनकी योजनाओं से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा.

उन्होंने चेतावनी दी कि इस आयात शुल्क से दुनिया के किसी भी देश को छूट नहीं मिलेगी.

ट्रंप के एलान से पहले ही सोमवार को अमेरिकी स्टील निर्माताओं के शेयर की क़ीमतें बढ़ गई थीं. स्टील और एल्यूमीनियमकी क़ीमतों में भी उछाल आया था.

साल 2018 में, अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ट्रंप ने स्टील पर 25% और एल्यूमीनियम पर 15% टैरिफ़ की घोषणा की थी. लेकिन अंततः ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मेक्सिको से बातचीत के बाद इन्हें हटा लिया गया था.

अमेरिका दुनिया में स्टील का सबसे बड़ा आयातक है. कनाडा, ब्राजील और मेक्सिको इसके शीर्ष तीन आपूर्तिकर्ता देश हैं.

पिछले वर्ष अमेरिका में आयातित एल्यूमीनियम का 50% से अधिक हिस्सा अकेले कनाडा से आया था.

ट्रंप रविवार को ही साफ़ कर चुके थे कि ये क़दम उठाने वाले हैं.

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ट्रंप की घोषणा से किन देशों पर असर पड़ेगा?

डोनाल्ड ट्रंप

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ट्रंप स्टील और एल्यूमीनियम पर 25 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने की घोषणा का सबसे ज़्यादा असर कनाडा और मेक्सिको पर पड़ेगा.

अमेरिका को स्टील या इसके उत्पाद निर्यात करने वाले टॉप 5 देश कनाडा, ब्राज़ील, मेक्सिको, दक्षिण कोरिया और जापान हैं.

अमेरिकन आयरन एंड स्टील इंस्टीट्यूट (एआईएसआई) के मुताबिक़, साल 2024 में अमेरिका में स्टील का सबसे ज़्यादा आयात कनाडा से हुआ. कनाडा के बाद ब्राज़ील, मेक्सिको और दक्षिण कोरिया ने अमेरिका में स्टील निर्यात किया.

इंटरनेशनल ट्रेड एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक़, अमेरिका में एल्यूमिनियम उत्पादों का भी सबसे ज़्यादा आयात कनाडा से होता है.

कनाडा के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, चीन, कोरिया, बहरीन, अर्जेंटीना, भारत भी अमेरिका को एल्यूमीनियम उत्पाद निर्यात करते हैं.

अपने पहले कार्यकाल के दौरान, ट्रंप ने कनाडा, मेक्सिको और यूरोपीय संघ से स्टील आयात पर 25% और एल्यूमीनियम आयात पर 10% टैरिफ़ लगाया था.

लेकिन एक साल बाद अमेरिका ने कनाडा और मेक्सिको के साथ उन टैरिफ़ को खत्म करने के लिए एक समझौता किया. हालांकि, यूरोपीय संघ पर ये टैरिफ़ 2021 तक लागू रहे.

कनाडा ने क्या कहा?

अमेरिका

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इमेज कैप्शन, ट्रंप कई देशों पर टैरिफ़ लगाने की चेतावनी दे रहे हैं

ट्रंप ने पहले ही टैरिफ़ के बारे में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे.

ट्रंप के इरादों पर कनाडा के इंडस्ट्री मिनिस्टर फ़्रांस्वा-फिलिप शम्पेन ने एक्स पर लिखा, "कनाडा का स्टील और एल्यूमिनियम अमेरिका में रक्षा, जहाज निर्माण और ऑटो जैसे प्रमुख उद्योगों को सपोर्ट करता है. हम कनाडा, हमारे श्रमिकों और हमारे उद्योगों का साथ देंगे."

इस महीने की शुरुआत में, ट्रंप ने कनाडाई और मेक्सिकन उत्पादों पर 25% का आयात शुल्क लगाने की धमकी दी थी, लेकिन बाद दोनों देशों के नेताओं से बात करने के बाद उस योजना को 30 दिनों के लिए टाल दिया.

वहीं अमेरिका आने वाले सभी चीनी सामान पर 10 फ़ीसदी का नया अमेरिकी शुल्क लगाया गया है. इसके बाद चीन ने भी अमेरिका से आयात होने वाली चीजों पर 10 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने का फैसला किया.

कनाडा में सख़्त प्रतिक्रिया

कनाडा के ओंटारियो प्रांत के प्रीमियर डग फ़ोर्ड टैरिफ़ लगाए जाने के घोर विरोधी हैं.

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इमेज कैप्शन, कनाडा के ओंटारियो प्रांत के प्रीमियर डग फ़ोर्ड टैरिफ़ लगाए जाने के घोर विरोधी हैं.

कनाडाई नेता ट्रंप की नई टैरिफ़ योजना की तीखी आलोचना करते हुए कह रहे हैं कि इससे सीमा के दोनों ओर नौकरियाँ ख़त्म हो जाएँगी.

कैनेडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रमुख कैंडेस लैंग ने कहा, "आज की ख़बर यह स्पष्ट करती है कि आने वाले समय में अनिश्चितता बनी रहेगी."

लैंग ने एक बयान में कहा, "व्यवसाय और निवेशक पहले से ही 30 दिनों तक टैरिफ़ टाले जाने के कारण अस्थिर स्थिति में हैं. अब अमेरिकी और कनाडाई दोनों अर्थव्यवस्थाओं की साझा सफलता के लिए महत्वपूर्ण स्टील और एल्यूमीनियम उद्योग पर सबसे पहले इसका असर पड़ रहा है."

ओंटारियो के कंज़र्वेटिव पार्टी के प्रमुख डग फ़ोर्ड, अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना करने वाले पहले कनाडाई राजनेताओं में से एक हैं.

उन्होंने लिखा कि ये टैरिफ़ अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंचाएंगे. उनका कहना है कि क़ीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी श्रमिकों की नौकरियां जाएंगी.

उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "अमेरिका का नुक़सान, कनाडा का नुक़सान, चीन का फ़ायदा.''

कनाडा अमेरिका में स्टील भेजने वाले निर्यातकतों में पहले नंबर पर है, और यह उद्योग कनाडा के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत ओंटारियो में केंद्रित है.

भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

कार्ड

ट्रंप की घोषणा का असर भारत की स्टील और एल्यूमीनियम इंडस्ट्री पर भी पड़ेगा.

अमेरिका जिन देशों से स्टील और एल्यूमीनियम आयात करता है, उनमें भारत भले ही टॉप लिस्ट में नहीं है लेकिन इंटरनेशनल ट्रेड एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक़, अमेरिका ने भारत से साल 2024 में 2 लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा स्टील उत्पाद आयात किया.

इसकी क़ीमत 4 लाख 71 हज़ार डॉलर से ज़्यादा थी.

अमेरिका ने भारत से साल 2024 में 1 लाख 60 हज़ार मीट्रिक टन से ज़्यादा एल्यूमीनियम उत्पाद आयात किया. इसकी कीमत 44 करोड़ डॉलर से ज़्यादा रही.

व्यापार मामलों के विशेषज्ञ बिस्वजीत धर बताते हैं कि भारत का जो आयरन, स्टील और एल्यूमीनियम निर्यात होता है, उसमें अमेरिका अहम है. वो बताते हैं कि पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत के कुल आयरन और स्टील निर्यात में सबसे ज्यादा अमेरिका को निर्यात हुआ.

बिस्वजीत धर कहते हैं, "पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत के कुल आयरन और स्टील निर्यात में 28.12 फ़ीसद निर्यात अमेरिका को किया गया. वहीं भारत की ओर से एल्यूमीनियम निर्यात में अमेरिका दूसरे नंबर पर रहा. भारत ने पिछले साल अपने कुल एल्यूमीनियम निर्यात का 12.4 फ़ीसद निर्यात अमेरिका को किया."

धर को लगता है कि टैरिफ़ लगने से भारतीय स्टील और एल्यूमीनियम इंडस्ट्रीज को नुक़सान पहुंचेगा.

टैरिफ़ ट्रंप की आर्थिक नीति का अहम हिस्सा है. इसे वो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने, नौकरियों की रक्षा करने और कर राजस्व बढ़ाने के तरीके के रूप में देखते हैं.

आर्थिक मामलों के जानकार और ऊर्जा नीति विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा के मुताबिक़, "ट्रंप अमेरिका में स्टील और एल्यूमीनियम इंडस्ट्री को बढ़ावा देना चाहते हैं. इसके लिए ज़रूरी हो जाता है कि जो विदेश से आता है, उस पर रोक लगाई जाए."

नरेंद्र तनेजा कहते हैं कि उसका एक ही तरीका होता है कि टैरिफ़ लगाया या बढ़ाया जाए.

क्या ऑस्ट्रेलिया को मिलेगी छूट

स्टील प्लांट

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इमेज कैप्शन, स्टील रोल्स की सांकेतिक तस्वीर

एक रिपोर्टर ने ट्रंप से पूछा कि क्या स्टील और एल्यूमीनियम टैरिफ़ पर ऑस्ट्रेलिया को छूट मिलेगी?

ट्रंप ने रिपोर्टर को बताया कि ऑस्ट्रेलिया के साथ अमेरिका का ट्रेड सरप्लस है इसलिए वह छूट पर विचार कर रहे हैं.

ट्रंप ने कहा, "इसका कारण यह है कि वे हमसे बहुत सारे हवाई जहाज़ खरीदते हैं."

उनका कहना है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से कहा है कि वो इसपर विचार कर रहे हैं.

इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई फ़ोन कॉल के बारे में संवाददाताओं को बताया.

उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान उन्होंने टैरिफ़ के बारे में चिंता जताई और सुझाव दिया कि ऑस्ट्रेलिया को छूट दी जा सकती है.

अल्बानीज़ ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों के हित में छूट पर विचार किया जा रहा है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

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