हरियाणाः नूंह में कथित गौ तस्करों के घरों पर चला बुलडोज़र, पुलिस ने कहा- चेतावनी - प्रेस रिव्यू

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, हरियाणा के नूंह में गौ-हत्या के दो अभियुक्तों के घरों को पुलिस ने तोड़ दिया है.
पुलिस ने कहा कि ये नूंह पुलिस की तरफ़ से गौ-हत्या करने वालों के लिए चेतावनी है.
नूंह के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने कहा कि ये कार्रवाई सरकार के अपराधियों के ख़िलाफ़ चलाये जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है.
पुलिस के मुताबिक़ इसी के तहत पंचगांव में मुबारिक उर्फ़ टन्ना और ख़ालिद के घरों को तोड़ दिया गया.
पुलिस का कहना है कि मुबारिक ने अवैध तरीक़े से अर्जित किए गए पैसे से घर बनाया था और इसके लिए ज़िला टाउन प्लानिंग विभाग से मंज़ूरी नहीं ली थी.
गायों की तस्करी के अलावा मुबारिक पर चोरी, लूट और डकैती के दस मुक़दमे चल रहे हैं. वहीं दूसरे अभियुक्त ख़ालिद पर पांच मुक़दमे दर्ज हैं.

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पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से पश्चिम बंगाल में 9 मौतें
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से हुई हिंसा में 9 लोगों की मौत हो चुकी है.
पश्चिम बंगाल में 8 जून को पंचायत चुनावों की घोषणा की गई थी.
मारे गए 9 लोगों में से पांच टीएमसी, दो कांग्रेस और एक-एक बीजेपी, सीपीएम और आईएसएफ से जुड़े हैं.
अख़बार ने मरने वालों के नाम भी प्रकाशित किए हैं.
9 जून को कांग्रेस के कार्यकर्ता फूलचंद शेख की हत्या हुई. पुलिस का कहना है कि फूलचंद शेख की हत्या पुरानी ज़मीनी रंजिश की वजह से हुई.
15 जून को उत्तरी दिनाजपुर ज़िले में 23 वर्षीय मंसूर आलम की उत्तर दिनाजपुर ज़िले में हुई झड़प में गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक कांग्रेस और सीपीएम के कार्यकर्ताओं के पर्चा भरने जाने के दौरान हुई गोलीबारी में मंसूर की हत्या हुई.
15 जून को ही आईएसएफ़ और टीएमसी के कार्यकर्ताओं की झड़प में 24 वर्षीय मोहिउद्दीन मुल्ला की हत्या कर दी गई. पुलिस ने टीएमसी नेता अराबुल इस्लाम और उनके बेटे हकीमुल इस्लाम पर मामला दर्ज किया है.
15 जून को आईएसएफ़ और टीएमसी कार्यकर्ताओं की झड़प में टीएमसी कार्यकर्ता राशिद मुल्ला की हत्या कर दी गई. उनकी हत्या के संबंध में आईएसएफ़ के कुछ कार्यकर्ता गिरफ़्तार किए गए हैं.
इसी झड़प में 40 वर्षीय टीएमसी कार्यकर्ता राजू नसकार की भी हत्या हुई. आईएसएफ़ के विधायक नौशाद सिद्दीक़ी समेत 68 लोगों को एफ़आईआर में नामजद किया गया है और कुछ लोग हिरासत में है.
18 जून को मालदा के टीएमसी उम्मीदवार 62 वर्षीय मुस्तफ़ा शेख की घर लौटते वक़्त अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी. पुलिस उनकी हत्या की जांच कर रही है.
मुर्शिदाबाद में 16 जून को टीएमसी के ज़िला सचिव मोहम्मद हक़ की हत्या कर दी गई. कांग्रेस नेता बजरे आलम शेख और पांच अन्य लोग हिरासत में है.
17 जून को कूच बिहार में 28 वर्षीय संभू दास की घर के बाहर हत्या कर दी गई. संभू दास पंचायत चुनाव उम्मीदवार के प्रस्तावक थे.
22 जून को पुरुलिया ज़िले में टीएमसी कार्यकर्ता धनंजय चौबे की पार्टी दफ़्तर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. कांग्रेस के उम्मीदवार समेत दो लोगों को हिरासत में लिया गया है.
मणिपुर हिंसाः सड़कों पर प्रदर्शन, सेना को नज़र आया पैटर्न

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द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेना को सड़कों पर प्रदर्शनों और हथियारबंद हमलावरों के गांवों पर हमले में पैटर्न नज़र आया है.
सेना ने बताया है कि 23 को महिलाओं की एक भीड़ ने कांगपोकपी और इंफाल पूर्व ज़िलों में सेना के आवागमन को रोक दिया और इस दौरान हथियारबंद हमलावरों ने गांवों पर गोलीबारी की.
इस हमले में किसी की मौत नहीं हुई लेकिन सेना का कहना है कि पिछले बीस दिनों में एक पैटर्न नज़र आया है. हथियारबंद हमलावर गांवों में घुसते हैं जबकि महिलाएं इस दौरान सड़कों को जाम रखती हैं जिसकी वजह से सेना का आवागमन रुक जाता है.
अख़बार ने सेना से जुड़े सूत्रों के हवाला से बताया है कि इससे निबटने के लिए सेना भी सड़कों पर अवरोधक लगा रही है और हमलावरों को भागने से रोक रही है.
सेना ने एक बयान में कहा था कि महिलाओं के सड़क जाम करने की वजह से सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों को पैदल जाना पड़ा.
सेना का कहना है कि वो भीड़ की गतविधियों और मूवमेंट पर नज़र रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर रही है.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि शुक्रवार को हथियारबंद हमलावर पुलिस की पोशाक पहनकर खाली गांवों में घुसे और स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की.
शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर के हालात पर सर्वदलीय बैठक करेंगे.
सावरकर और शिवाजी की जीवनी पढ़ेंगे उत्तर प्रदेश के छात्र

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हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 50 महान व्यक्तित्वों की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया है.
यूपी बोर्ड ने विनायक दामोदर सावरकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और शिवाजी जैसे व्यक्तित्व शामिल हैं.
अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पाठ्यक्रम से बाहर रखा गया है.
इस निर्णय का बचाव करते हुए शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा, “नेहरू ने देश के लिए अपने प्राणों की आहूति नहीं दी थी. इसलिए पचास महान व्यक्तित्वों की सूची से नेहरू को बाहर रखा गया है.”
सावरकर का नाम शामिल करने पर गुलाब देवी ने कहा, “अगर हम सावरकर और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जैसे अपने महान नेताओं के बारे में बच्चों को नहीं पढ़ायेंगे तो किसके बारे में पढ़ायेंगे? क्या हम बच्चों को आतंकवादियों के बारे में पढ़ायेंगे?”
बोर्ट के सचिव दिब्याकांत शुक्ला के मुताबिक इस विषय को पढ़ना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा और इसमें पास होना ज़रूरी होगा लेकिन इसके अंकों में बारहवीं के अंक पत्र में शामिल नहीं किया जाएगा.
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