आख़िरी ओवरों में 'हिट मैन' हेटमायर ने कैसे पलटी हारी हुई बाज़ी

    • Author, संजय किशोर
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

कल रात एक नज़दीकी और दिलचस्प मुक़ाबले में राजस्थान रॉयल्स ने पंजाब किंग्स को तीन विकेट से हराकर छह मैचों में पाँचवीं जीत दर्ज की.

उतार-चढ़ाव भरे मैच में शिमरन हेटमायर ने एक गेंद रहते विजयी छक्का लगाया.

अपना दूसरा ही मैच खेल रहे केशव महाराज ने किफ़ायती और सटीक गेंदबाज़ी की.

हार के बावजूद पंजाब के गेंदबाज़ों की तारीफ़ करनी पड़ेगी. 148 के मामूली लक्ष्य तक पहुँचने में राजस्थान के पसीने छुड़ा दिए.

कगीसो रबाडा और सैम करन ने दो-दो विकेट लिए.

चोटिल खिलाड़ियों से परेशान टीमें

राजस्थान की टीम अंक तालिका में टॉप पर बनी हुई है. पहले चार मैच जीतने के बाद पिछले मैच में उन्हें गुजरात टाइटंस के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.

पंजाब किंग्स के कप्तान शिखर धवन फ़िट नहीं थे. उनकी जगह सैम करन कप्तानी कर रहे थे.

पंजाब के लिए राहत की बात यह रही कि बड़े हिट के लिए मशहूर लियाम लिविंगस्टोन टीम में वापस आ गए.

धवन की जगह अथर्व ताइडे को मौक़ा दिया गया.

वहीं राजस्थान की टीम भी चोटिल खिलाड़ियों से जूझ रही थी. सलामी बल्लेबाज़ जोस बटलर और ऑफ़ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की जगह वेस्टइंडीज़ के बिग हिटर रोवमैन पॉवेल और मुंबई के ऑफ़ स्पिन ऑलराउंडर तनुश कोटियन प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए.

टॉस संजू सैमसन ने जीता

महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया. कप्तान का यह फ़ैसला सही साबित हुआ.

वैसे तो पंजाब ने तेज़ शुरुआत की और पहले तीन ओवर में 26 रन बन गए, लेकिन सात ओवर तक राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाज़ों ने दो विकेट चटका कर पंजाब को बैकफ़ुट पर धकेल दिया.

कप्तान शिखर धवन की जगह खेल रहे अथर्व ताइडे के लिए शानदार मौका था.

महाराष्ट्र के अकोला के 23 साल के ऑलराउंडर ताइडे ने पिछले साल आईपीएल में सात पारियों में दो अर्धशतक बनाए थे.

इस सीज़न की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में, उन्होंने विदर्भ के लिए सात पारियों में 169.66 की स्ट्राइक रेट से 302 रन बनाए. मगर वे 12 गेंद पर 15 रन ही बना पाए.

संजू सैमसन और कुलदीप सेन उनका कैच पकड़ने की कोशिश में टकराते-टकराते बचे.

पावरप्ले में सिर्फ़ 38 रन

पावरप्ले में पंजाब के बल्लेबाज़ सिर्फ़ 38 रन जोड़ पाए. इसका श्रेय ट्रेंट बोल्ट को दिया जाना चाहिए.

बोल्ट ने पावरप्ले के अपने तीन ओवर में सिर्फ़ 15 रन दिए जबकि तब बल्लेबाज़ी करनी मुश्किल नहीं थी.

पावरप्ले के पहले तीन ओवर में 26 रन बने तो दूसरे तीन ओवर में 12.

चहल-महाराज का क़हर

पहला विकेट गिरने के बाद पंजाब के बल्लेबाज़ संघर्ष करने लगे.

पावरप्ले के बाद अगले पाँच ओवर में पंजाब के बल्लेबाज़ एक भी बाउंड्री नहीं लगा पाए और इस दौरान तीन और विकेट गँवा गिए.

बाएँ हाथ के स्पिनर केशव महाराज और युज़वेंद्र चहल ने पिच से मिल रही मदद का फ़ायदा उठाया. गेंद मानों पिच से चिपक जा रही थी.

प्रभसिमरन सिंह को युज़वेंद्र चहल ने 10 रनों पर चलता कर दिया.

केशव महाराज ने पहले जॉनी बेयरस्टो को एक्स्ट्रा कवर पर शिमरन हेटमायर के हाथों कैच कराया और अगले ओवर में कप्तान सैम करन को अपना दूसरा शिकार बनाया.

सैम करन का कैच ध्रुव जुरेल ने डीप मिड-विकेट पर पकड़ा. पहले 10 ओवर में चार विकेट पर 53 रन बन पाए. इसके बाद सारी उम्मीदें फ़ॉर्म में चल रहे शशांक सिंह पर आ टिकीं.

मगर कुलदीप सेन की गेंद पर उनका पुल शॉट मिड विकेट पर जुरेल ने लपक लिया.

आख़िरी छह ओवर में 72 रन

जीतेश शर्मा ने युज़वेंद्र चहल और कुलदीप सेन की गेंदों पर दो छक्के लगाए.

लियाम लिविंगस्टोन ने कुलदीप की लगातार दो गेंदों पर एक छक्का और एक चौका जड़ा.

वहीं आशुतोष शर्मा ने 19वें ओवर में आवेश खान की गेंद पर दो छक्के मारे.

जीतेश ने 25 गेंदों पर 29, लिविंगस्टोन ने 14 गेंदों पर 21 और आशुतोष शर्मा ने 16 गेंद पर 31 रन की पारी खेली.

आख़िरी पांच ओवर में 61 रन बने जिससे स्कोर आठ विकेट पर 147 रन तक पहुँच पाया.

आवेश खान ने 34 रन और केशव महाराज ने 23 रन देकर दो-दो विकेट लिए. ट्रेंट बोल्ट, कुलदीप सेन और युज़वेंद्र चहल को एक-एक सफलता हासिल हुई.

148 रन का लक्ष्य, सधी शुरुआत

कुलदीप सेन की जगह यशस्वी जायसवाल इंपैक्ट प्लेयर के रूप में राजस्थान की पारी की शुरुआत करने आए.

तनुश कोटियन और जायसवाल ने पहले छह ओवर में 43 रन बनाए. दोनों ने पहले विकेट के लिए 56 रन जोड़े.

लियाम लिविंगस्टोन ने नौवें ओवर में पंजाब को पहली सफलता दिलाई. कोटियन ने 24 रन बनाए. दस ओवर के बाद स्कोर था एक विकेट पर 66 रन.

रबाडा ने दिया झटका

कगिसो रबाडा ने लगातार दो ओवर में दो बड़े विकेट लेकर पंजाब की उम्मीदें जगा दीं.

यशस्वी जायसवाल को 39 और अगले ओवर में कप्तान संजू सैमसन को 18 के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू कर दिया.

संजू सैमसन की टीम को अंतिम पाँच ओवर में 49 रन बनाने थे जबकि राजस्थान के सात विकेट बचे हुए थे.

17 वें ओवर में रियान पराग और 18वें में ध्रुव जुरेल आउट हो गए. शशांक सिंह ने जुरेल का ज़बरदस्त कैच पकड़ा.

हेटमायर द हिट मैन

शिमरन हेटमायर ने हर्षल पटेल की दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर एक बार फिर समीकरण बदल दिया.

अब 12 गेंद पर 20 रनों की ज़रूरत थी. रोवमैन पॉवेल और केशव महाराज के आउट होने के बाद भी हेटमायर ने एक गेंद रहते विजयी छक्का लगा ही दिया. वेस्टइंडीज़ का यह दिग्गज प्लेयर ऑफ़ द मैच रहा.

मैच के बाद संजू सैमसन ने कुलदीप सेन से टकराने की घटना पर कहा, “मैच में हमारे साथ कुछ मज़ेदार वाक़ये हुए, लेकिन मुझे खुशी है कि हर कोई आगे बढ़ कर मैच जीतने के लिए कोशिश कर रहा है."

उन्होंने कहा, “शोर बहुत था. कैच करना आसान नहीं था. मुझे अपने तेज़ गेंदबाज़ों को बताना होगा कि दस्तानों के साथ कैच करना आसान है…आखिरी कुछ ओवरों में हम सभी तनाव में थे.”

सैमसन ने कहा, “मुझे नहीं पता कि यह क्या है, पंजाब के ख़िलाफ़ मैच हमेशा क़रीबी होते हैं. यह बहुत मज़ेदार गेम थी.”

वहीं सैम करन का कहना था, “विकेट थोड़ी धीमी थी, लेकिन हमने बल्लेबाज़ी में अच्छी शुरुआत नहीं की और अंत में अच्छी फ़िनिश भी नहीं कर सके."

उन्होंने कहा, "निचले क्रम के बल्लेबाज़ों ने अच्छा प्रयास किया और 150 के क़रीब पहुंचना अच्छा था. हमारी गेंदबाज़ी अच्छी थी, हमने उन्हें रोके रखा, दुर्भाग्य से एक और क़रीबी हार है. हम अपनी योजनाओं पर डटे रहे, अच्छी गेंदबाज़ी की. मुझे विश्वास है कि हम अगले गेम में वापसी करेंगे."

अब पंजाब किंग्स ने छह में से दो मैच जीते हैं और चार हारे हैं. इस साल उनके खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण उनके धुरंधर बल्लेबाज़ों का ख़राब फ़ॉर्म में होना है.

पंजाब ने अपनी बल्लेबाज़ी को बेहतर करने के लिए अनकैप्ड शशांक सिंह और आशुतोष शर्मा को शामिल किया है. मगर प्रदर्शन में कोई ख़ास सुधार हुआ नहीं है.

(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)

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