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केकेआर में ऐसा क्या बदला कि वह चैंपियन टीम नज़र आने लगी
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए
कोलकाता नाइट राइडर्स एक चैंपियन टीम के रूप में बदलती हुई दिख रही है.
केकेआर ने अब तक खेले अपने तीनों मैच जीतकर ख़ुद को अंक तालिका में शीर्ष पर पहुँचा दिया है.
कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 106 रनों से हराया.
केकेआर की इस जीत के हीरो सुनील नारायण रहे, लेकिन इसमें रसेल, अंग क्रिश और गेंदबाज़ों की भी अहम भूमिका रही.
सुनील ने टीम प्रबंधन द्वारा सौंपी ओपनर की भूमिका को बख़ूबी निभाकर शुरुआत से ही जता दिया कि वह ताबड़तोड़ अंदाज़ में खेलने के अपने अंदाज़ को बदलने वाले नहीं हैं.
सुनील नारायण के बल्ले से रनों की बारिश
सुनील ने अपने विकेट पर रहने के दौरान किसी भी गेंदबाज़ को बख्शा नहीं, लेकिन ईशांत शर्मा के साथ उन्होंने जो किया, उसे वे आसानी से नहीं भुला सकेंगे.
नारायण ने ईशांत शर्मा के दूसरे ओवर में तीन छक्कों और दो चौकों से 26 रन बनाकर जताया कि उनके इरादे क्या हैं.
इस ओवर में ईशांत की गेंदों पर जब सुनील ने छक्के-चौके लगाए तो सुनील गावस्कर ने कहा कि ईशांत ने इस ओवर में लगातार गति निकालने का प्रयास किया और सुनील ने गति का अच्छा इस्तेमाल करके सहजता से अपने शॉट खेले.
गावस्कर ने कहा कि वह इस सीजन में अन्य लीग में नहीं खेले हैं और आईपीएल में तरोताजा उतरे हैं, इसलिए रंगत में दिख रहे हैं.
सुनील ने 39 गेंदों में 217 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से खेलकर 85 रन बनाए. इसमें उन्होंने सात छक्के और सात चौके लगाए.
यह सही है कि वह शतक लगाने में असफल रहे लेकिन असलियत यह है कि वह शतक के बारे में सोच ही नहीं रहे थे.
वह हर गेंद को मैदान से बाहर भेजने के इरादे से खेलते रहे. सुनील अपने आईपीएल करियर का सबसे बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहे.
डीआरएस का इस्तेमाल नहीं करना खल गया
सुनील नारायण अपनी पारी की शुरुआत में बहुत आक्रामक नहीं थे. वे जब 24 रन बनाकर एक गेंद पर स्निक हुए तो विकेट कीपर और ख़ुद गेंदबाज़ को भी डीआरएस के लिए भरोसा नहीं था, इसलिए नहीं लिया गया.
बाद में जब रिप्ले दिखाया गया, तो साफ़ हुआ कि गेंद उनके बल्ले से लगकर पंत के दास्तानों में गई थी, लेकिन इसके बाद सुनील ने बहुत ही आक्रामक रूख़ अपनाया और पावर प्ले में इस सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से एक विकेट पर 88 रन बनाए.
इस प्रदर्शन की वजह से वे सीजन का दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर- 272 रन बनाने में सफल रहे. सर्वश्रेष्ठ स्कोर अभी कुछ ही दिनों पहले सनराइजर्स हैदराबाद ने 277 रन का बनाया था.
रसेल के आक्रामक अंदाज़ ने भी जीत की तरफ़ बढ़ाया
यह सही है कि सुनील नारायण ने टीम के लिए अच्छा आधार बनाकर दिया.
इस पर ऊंची इमारत बनाने का काम आंद्रे रसेल ने किया.
रसेल की पावर को सभी अच्छे से जानते हैं. वह इस सीजन में अच्छी लय में दिख रहे हैं. उन्होंने टीम में जान डालने का काम किया है.
रसेल ने एक बार फिर 200 से ऊपर के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करके 19 गेंदों में 41 रन बनाए. इसमें उन्होंने चार चौके और तीन छक्के लगाए.
रसेल की तरह ही रिंकू सिंह भी अपने अंदाज़ को बनाए रखने में सफल रहे. उन्होंने आठ गेंदों में एक चौके और तीन छक्कों से 26 रन बनाए.
अंग क्रिश ने किया प्रभावित
आईपीएल के इस सत्र में यंग ब्रिगेड ने अपना ख़ूब प्रभाव छोड़ा है. इसमें नया नाम अंग क्रिश रघुवंशी का जुड़ गया है.
उन्होंने केकेआर टीम प्रबंधन के ख़ुद पर जताए गए भरोसे को सही ठहराते हुए 27 गेंदों में 54 रन की पारी खेली.
इस पारी ने 272 रन तक टीम को पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई. इस युवा बल्लेबाज़ ने विकेट पर उतरते ही खुलकर अपने शॉट खेले. उन्होंने 54 रन की पारी में तीन छक्के और पांच चौके लगाकर यह ज़रूर जता दिया कि टीम प्रबंधन आगे भी उन पर भरोसा कर सकता है.
अंग क्रिश पैदा तो दिल्ली में हुए हैं पर 11 साल की उम्र में मुंबई चले गए थे और अभिषेक नायर और ओमकार साल्वी से प्रशिक्षण लिया.
2022 के अंडर-19 विश्व कप में चैंपियन बनी भारतीय टीम के लिए 278 रन बनाकर पहली बार सुर्खियां बटोरीं.
वैसे खेल उनके खून में है, क्योंकि माता और पिता बास्केटबाल और टेनिस के खिलाड़ी रहे हैं.
सुनील गावस्कर अंग क्रिश के इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय केकेआर के कप्तान और कोच को भी देते हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले मैच में तीसरे नंबर पर वेंकटेश अय्यर ने अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन उन्होंने इस मैच में अंग क्रिश को खिलाने का फ़ैसला किया, जिसकी वजह से उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला.
गेंदबाज़ों का भी रहा अहम योगदान
सही मायनों में केकेआर इस बार एक यूनिट की तरह लग रही है. बल्लेबाजों के खड़े किए पहाड़ से स्कोर पर दिल्ली कैपिटल्स के चढ़ने के प्रयासों पर गेंदबाजों ने ही पलीता लगाया.
उन्होंने मिचेल स्टार्क को खरीदने में करोड़ों रुपए खर्च किए थे लेकिन वह पहली बार इस कीमत की भरपाई करते नजर आए.
उन्होंने 25 रन देकर दो विकेट निकाले लेकिन दूसरे पेस गेंदबाज वैभव अरोड़ा ने भी अपनी दोनों तरफ की गई स्विंग गेंदों से तीन झटके लगाकर दिल्ली कैपिटल्स के अभियान को विराम लगाया.
केकेआर के लिए सबसे ज्यादा खुशी की बात वरुण चक्रवर्ती का रंगत में आ जाना है.
इरफ़ान पठान ने कहा कि वरुण इस मैच से पहले तक नौ से ज्यादा इकॉनमी से गेंदबाज़ी कर रहे थे और उन्हें विकेट भी नहीं मिल रहे थे, लेकिन उन्होंने 33 रन पर तीन विकेट निकाले.
वह कहते हैं कि वरुण के रंगत में आने से केकेआर का अच्छे अटैक में अब और पैनापन आ गया है.
हारे ज़रूर पर पंत के प्रदर्शन ने मन मोहा
ऋषभ पंत एक कप्तान के तौर पर इस मैच को नहीं जीत सके पर वह जिस तरह से खेल रहे हैं, वह क़ाबिल-ए-तारीफ़ है.
उनके खेलने के अंदाज से एक समय तो लगा कि वह विशाल लक्ष्य को भी दिला सकते हैं.
पंत ने वेंकटेश अय्यर के फेंके 12वें ओवर में चार चौकों और दो छक्कों से 28 रन बना दिए, लेकिन अगले ही ओवर में आउट हो गए पर वह लगातार दूसरा अर्धशतक लगाने में कामयाब हुए.
उन्होंने 32 गेंदों में चार चौकों और चार छक्कों से 54 रन बनाए.
गावस्कर का पंत की पारी के बारे में कहना था कि पंत का रंगत में आना भारतीय क्रिकेट के लिए ही खुशखबरी नहीं है बल्कि क्रिकेट दुनिया के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि उन्हें हर कोई पसंद करता है.
इरफान पठान का कहना है कि पंत के खेल के अंदाज से लगता ही नहीं है कि वह कभी चोटिल हुए थे. वह अब भारतीय टीम के लिए तैयार नज़र आते हैं.
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