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आईपीएल 2024: हार्दिक पांड्या के ऐसा करने पर क्यों हो रही है हैरानी
- Author, विमल कुमार
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
आख़िरकार नतीजा वही हुआ जिसका डर मुंबई इंडियंस को मैच से पहले सता रहा था.
मुंबई की इस सीज़न के तीसरे मैच में लगातार तीसरी हार है और वो भी अपने घरेलू मैदान वानखेड़े में खेलते हुए पहली हार है.
लेकिन, नतीजे से ज़्यादा बुरा रहा मैच का अनुभव जहां पर ज़्यादातर मौकों पर कप्तान हार्दिक पांड्या को दर्शकों ने ये जताने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि फ़िलहाल उनसे बड़ा ‘विलेन’ कोई नहीं है.
इतना ही नहीं मानो एक पटकथा की तरह मुंबई के दर्शक स्थानीय खिलाड़ी और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को लेकर इस तरह के नारे लगा रहे थे जैसे वो टीम के मालिक अंबानी परिवार को इस बात का एहसास दिलाना चाहते हों अब भी मौका है कप्तान बदल डालो.
सोशल मीडिया पर कई फैंस ने ये लिखा कि वानखेड़े स्टेडियम के बाहर मैच से पहले टी-शर्ट और टीम की जर्सी बेचने वालों से जब ये सवाल किया गया कि उनके पास सिर्फ रोहित वाली जर्सी क्यों है तो उनका जवाब था सिर्फ रोहित की ही जर्सी मिल रही है और पांड्या की तो पूरी तरह से ग़ायब है.
लेकिन मैच में छाया ये खिलाड़ी
बहरहाल जब मैच में मुकाबला गेंद और बल्ले के बीच हो तो साख नहीं बल्कि उस खिलाड़ी की योग्यता, कौशल और उसका फॉर्म मायने रखता है. और इस बात का सबूत एक बार फिर से न्यूज़ीलैंड के बेहतरीन स्विग गेंदबाज़ ट्रैंट बोल्ट ने दिया.
रोहित शर्मा को मैच के पहले ओवर की पांचवीं गेंद में बोल्ट की पहली गेंद का सामना करना पड़ा. जिस तरह से रोहित ने बल्ले को मजबूर करते हुए बोल्ट की गेंद को छुआ ठीक उसी खूबसूरती से विकेटकीपर संजू सैमसन ने शानदार डाइव लगाते हुए गेंद को ज़मीं छूने से ठीक पहले अपने दस्तानों में छिपा लिया.
ये शुरुआत किसी अपशकुन से कम नहीं थी और बोल्ट ने अगली गेंद पर नमन धीर को एलबीडब्लू आउट कर दिया. इसके बाद बल्लेबाज़ स्तब्ध दिखे और उन्होंने डीआरएस का सहारा लिया.
अफ़सोस की बात है कि मुंबई के लिए ये फैसला भी निराशाजनक ही साबित हुआ.
इसके बाद बोल्ट जब अपना दूसरा ओवर फेंकने आये तो पहली गेंद पर वो विकेट लेने से चूके और हैट्रिक का मौका गंवा दिया लेकिन ठीक अगली ही गेंद पर ब्रेविस को आउट करके उन्होंने पारी में अपना तीसरा विकेट लिया.
महज़ 22 रन देकर 3 विकेट लेने वाले बोल्ट के पहले स्पैल ने मुंबई को सिर्फ 14 रनों पर अपने टॉप ऑर्डर को बुरी तरह से चरमराते देखा था जहां से वापसी लगभग नामुमकिन थी.
कप्तान हार्दिक पांड्या ने सबसे ज़्यादा 34 रन ज़रूर बनाये और उन्हें कुछ हद तक युवा बल्लेबाज़ तिलक वर्मा का भी साथ मिला लेकिन मध्य-क्रम में सूर्यकुमार यादव जैसे धुरंधर की कमी मुंबई को लगातार खल रही है.
बोल्ट के बाद युज़वेंद्र का कमाल
मध्य-क्रम में लेग स्पिनर युज़वेंद्र चाहल ने ना सिर्फ पांड्या और वर्मा के कीमती विकेट लिए बल्कि 4 ओवर में बोल्ट से भी आधे रन खर्च(11 रन) करके उतने ही यानि कि तीन विकेट झटके.
शायद राजस्थान के लेग स्पिनर टी-20 वर्ल्ड कप से पहले चयनकर्ताओं को ये संदेश देने की कोशिश भी कर रहे हों कि उनको इतनी जल्दी राष्ट्रीय टीम में उनकी दावेदारी को नज़रअंदाज़ करना शायद सही नहीं हो.
राजस्थान को जीत के लिए 126 रनों का मामूली सा दिखने वाला लक्ष्य कोई आसान चेज़ नहीं रहा. 48 रनों के भीतर ही उन्होंने अपने सबसे धाकड़ तीन बल्लेबाज़ों के विकेट खो दिये.
लेकिन, युवा रियान पराग ने एक बार फिर से साबित किया कि यशस्वी जायसवाल, संजू सैमसन और जोश बटलर के जल्दी-जल्दी आउट होने के बावजूद भी वो मध्य-क्रम में पारी को ना सिर्फ संभाल सकते हैं बल्कि जिता भी सकते हैं.
पराग के नॉट आउट 54 रनों की पारी की अहमियत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी टीम के लिए दूसरा बड़ा स्कोर रविचंद्रन अश्विन(16) का रहा.
पराग को भले ही मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार ना मिला हो लेकिन उन्होंने उन्होंने विराट कोहली जैसे दिग्गज के साथ अब ओरेंज कैप को साझा करने में कामयाबी पा ली है. दोनों बल्लेबाज़ों के अब टूर्नामेंट में तीन मैचों के बाद 181 रन हैं.
सबसे अच्छी बात ये है कि राजस्थान इस सीज़न पहली ऐसी टीम बनी है जिसने जीत की हैट्रिक लगा दी है और अंक तालिका में भी वो अपने पहले पायदान पर आ चुके हैं.
27 गेंद रहते मुंबई को 6 विकेट से हराने का फायदा शायद प्ले-ऑफ की रेस के दौरान आखिरी समय में राजस्थान को और फायदा पहुंचाए क्योंकि नेट रन रेट भी बहुत अहमियत रखता है.
पांड्या ने ऐसा क्यों किया
पूरे मैच में मुंबई के लिए सिर्फ एक बात तसल्ली की रही तो वो थी युवा गेंदबाज़ आकाश मधवाल के तीन विकेट की जिसमें जायसवाल और बटलर के विकेट शामिल रहे.
सिर्फ 5 रन प्रति ओवर की इकॉनोमी रखने वाले मधवाल मैच में जसप्रीत बुमराह से भी किफायती गेंदबाज़ी करने में कामयाब हुए लेकिन कप्तान पांड्या का गेंदबाज़ी नहीं करना इरफान पठान जैसे पूर्व खिलाड़ियों को खटक गया.
बिना पांड्या का नाम लिए हुए इरफान ने इशारों ही इशारों में ही एक्स पर लिखा कि मुश्किल समय में सही लीडर ऐसी ज़िम्मेदारी लेते हैं जिससे उनकी टीम का हर खिलाड़ी उन्हें सम्मान देता है.
ज़ाहिर सी बात है, फैंस तो फैंस कई पूर्व खिलाड़ियों के निशाने पर आना भी पांड्या के लिए इस आईपीएल सीज़न को उनका सबसे मुश्किल इम्तिहान बना रहा है.
ये सच है कि मुंबई ने इससे पहले भी तीन मैच तो क्या 4 मैच और यहां तक कि 5 मैच भी लगातार हारे हैं लेकिन ऐसे तनावपूर्ण माहौल में शायद ही इस फ्रैंचाइजी ने कभी क्रिकेट खेली हो. और ऐसे में हमेशा वापसी करने वाली इस टीम से शायद इस सीज़न पुराने अंदाज़ में ज़बरदस्त वापसी करने का नज़ारा दर्शकों को देखने को ना मिले.
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