हमास नेता इस्माइल हनिया के मारे जाने पर इसराइल और अरब मीडिया में क्या कहा जा रहा?

हमास से राजनीतिक विंग के प्रमुख इस्माइल हनिया

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हमास प्रमुख इस्माइल हनिया के ईरान में मारे जाने के बाद हालात फिर बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है.

ईरान ने हनिया की मौत का बदला लेने की बात कही है.

अमेरिका ने तनाव कम करने की अपील की है और ईरान पर जवाबी कार्रवाई ना करने का दबाव बढ़ा दिया है.

हनिया की मौत को लेकर मध्य पूर्व में तनाव के मद्देनज़र इसराइल, फ़लस्तीन और मध्यपूर्व के अन्य देशों के मीडिया में कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने की मिल रही हैं.

टाइम्स ऑफ इसराइल की रिपोर्ट में आशंका जताई है कि ईरान इसराइल पर सीधा हमला कर सकता है.

अख़बार की वेबसाइट में एक रिपोर्ट के हवाले से ख़बर प्रकाशित की है, जिसमें कहा गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने इसराइल पर सीधे हमले का आदेश दिया है.

अख़बार ने न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट का ज़िक्र किया है जिसमें ईरान के तीन शीर्ष अधिकारियों हवाला दिया गया. इन अधिकारियों ने बताया कि तेहरान में हनिया के मारे जाने के तुरंत बाद खामेनेई ने इमरजेंसी मीटिंग का निर्देश दिया.

रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई ने जंग के फैलने, ईरान पर इसराइल और अमेरिका के हमले की परिस्थिति में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स और ईरानी सेना को हमला और रक्षा दोनों के लिए तैयार रहने को कहा है.

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टाइम्स ऑफ इसराइल ने अमेरिकी रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के बयान को भी प्रकाशित किया है जिसमें उन्होंने कहा कि हमले की स्थिति में अमेरिका इसराइल की रक्षा करेगा.

इसराइल के एक अन्य अख़बार हारेत्ज़ ने हनिया के मारे जाने की खबर को लीड बनाया है जिसका शीर्षक है- 'हनिया की हत्या हमास के लिए झटका है'

हारेत्ज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़, "हनिया की हत्या हमास नेतृत्व के लिए ख़तरा है और ईरान, हिज़्बुल्लाह को उकसाने वाला है. इसके बावजूद हमास में संगठन के स्तर पर उथल पुथल नहीं होगी और हमास के राजनीतिक ब्यूरो के कई सदस्यों में से कोई यह जगह भर देगा."

हारेत्ज़ में जैक खूरे ने अपने लेख में लिखा है- 'इससे ये संदेश जाता है कि हमास के सभी नेता इसराइल के निशाने पर हैं.'

इसराइल के कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में फ़लस्तीनियों ने जुलूस निकाल कर विरोध जताया.

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अरब मीडिया में क्या है चर्चा

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क़ुद्स न्यूज़ नेटवर्क ने भी हनिया और लेबनान की राजधानी बेरुत में इसराइली हमले में मारे गए हिज़्बुल्लाह कमांडर फ़ौद शोकोर की ख़बर को भी प्रमुखता से जगह दी है.

कुद्स नेटवर्क ने जिस इमारत में हनिया मौजूद थे, वहां पर हमले के बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी मिलने का दावा किया.

नेटवर्क के अनुसार, उसे जानकारी मिली है कि हनिया तेहरान की जिस गेस्ट हाउस में ठहरे थे वो इमारत खुली जगह पर स्थित है और पहाड़ियों और पेड़ों से घिरी हुई है. एक्सपर्ट का मानना है कि क़रीब की एक पहाड़ी से एंटी टैंक मिसाइल से हमला किया गया होगा.

यह इलाक़ा विशेष सुरक्षा क्षेत्र में आता है, जिसका जिम्मा रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स के पास है.

बुधवार को जारी एक बयान में हमास ने कहा था कि तेहरान स्थित आवास पर हुए हमले में हनिया और उनके बॉडीगार्ड की हत्या की गई.

अलजज़ीरा ने लिखा है कि ईरान में हनिया की हत्या से युद्ध में अमेरिका के घुसने का ख़तरा पैदा हो गया है.

अलजज़ीरा के मुताबिक, इस्माइल हनिया की अंतिम क्रियाओं के जुलूस की अगुवाई ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने की.

लेकिन ईरान में इस बात को लेकर मतभेद हैं कि जवाबी कार्रवाई क्या की जाए.

फ़लस्तीनी समाचार वेबसाइट पैलेस्टाइन क्रानिकल ने लिखा है, "हनिया की हत्या के जवाब में ईरान ने ठोस कार्रवाई के आदेश दिए."

वेबसाइट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मिस्र और जॉर्डन ने राजनीतिक हत्या की निंदा करते हुए बयान दिया है.

ब्रिटिश प्रतिनिधि ने इसकी आड़ में और हिंसा को सही ठहराने की ईरान की कोशिशों को ख़ारिज किया है.

चीन ने इसराइल से सुरक्षा परिषद की संधियों का पालन करने को कहा है.

लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्लाह से जुड़ी समाचार वेबसाइट अल मायादीन ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से लिखा- अमेरिका को चिंता है कि हमास के राजनतिक नेतृत्व की हत्या के बाद ग़ज़ा में युद्धविराम का समझौता पटरी से उतर सकता है और क्षेत्र में व्यापक युद्ध छिड़ने का ख़तरा पैदा हो गया है.

अलमायादीन के अनुसार, इस राजनीतिक हत्या के बाद संघर्ष विराम में मध्यस्थता कर रहे क़तर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी समेत भविष्य में होने वाली वार्ताओं को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है.

साथ ही वेबसाइट ने मंगलवार को दक्षिणी बेरुत में इसराइली हमले में मारे गए शीर्ष हिज़्बुल्लाह कमांडर फ़ौद शोकोर के बारे में लिखा कि वो संगठन के शीर्ष नेता सैयद हसन नसरल्लाह के क़रीबी थे.

फ़लस्तीनी क्षेत्र से संबंधित एक अन्य वेबसाइट मोंडोवीज़ ने लिखा है, "हमास और हिज़्बुल्लाह नेताओं की हत्या के पीछे इसराइल की असली मंशा है कि वो इसराइली जनता में अपनी सैन्य और ख़ुफ़िया श्रेष्ठता की छवि को दिखाना है."

वेबसाइट के अनुसार, हत्या की इन कोशिशों से क्षेत्र में 'इस्लामिक रेज़िस्टेंस दबने वाला नहीं है.'

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

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पश्चिमी मीडिया में क्या है चर्चा?

हनिया की मौत के बाद की परिस्थिति से पश्चिमी देश भी चिंतित हैं और उसकी झलक वहां की मीडिया में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है.

वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा है, "हमास नेतृत्व की हत्या के बाद ईरान ने बदला लेने की बात कही है. साथ ही संघर्ष विराम समझौता वार्ता पर भी आशंका के बादल छा गए हैं."

अख़बार की वेबसाइट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने मध्य पूर्व में तनाव को अपनी प्रमुख ख़बर बनाते हुए शीर्षक लगाया है- 'मध्यपूर्व में एक के बाद एक हत्याओं ने बाइडन की शांति उम्मीदों पर पानी फेरा.'

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, 'अब राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो चुके अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोचा था कि अपना बाकी कार्यकाल ग़ज़ा में युद्ध को ख़त्म कराने, सऊदी अरब और इसराइल के बीच ऐतिहासिक समझौता कराने में गुजारेंगे. लेकिन पिछले कुछ दिनों में हुई टार्गेट किलिंग से यह अब मुश्किल होता दिख रहा है.'

द गार्डियन ने लिखा- 'ईरान में इस्माइल हनिया की हत्या करके, इसराइल ने क्षेत्रीय अस्थिरता को अप्रत्याशित रूप से नए स्तर पर पहुंचा दिया है.'

गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर और तेहरान पर भी जवाबी कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है.

हालांकि लेबनान में हवाई हमला करने के बाद इसराइली सेना ने कहा था कि उसका मकसद व्यापक युद्ध छेड़ना नहीं है लेकिन वो इसके लिए तैयार हैं.

इस्माइल हनिया

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क़तर में रहते थे हनिया

हनिया क़तर में रहते थे और लंबे वक़्त से वो ग़ज़ा नहीं गए थे.

हमास ने बताया कि हनिया ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने तेहरान गए थे. समारोह मंगलवार को आयोजित हुआ था.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि वे यह निश्चित करेंगे की इसराइल को हनिया की कायरतापूर्ण हत्या के लिए पछताना पड़े.

मसूद ने यह भी कहा कि ईरान अपनी क्षेत्रीय अखंडता और सम्मान की रक्षा करेगा.

वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने भी कहा कि हनिया की मौत का बदला लेना ईरान का फ़र्ज़ है.

हनिया की हत्या के बाद मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर जंग शुरू होने की आशंका बढ़ गई है.

हालांकि अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा है कि, 'मुझे नहीं लगता है कि मिडिल ईस्ट में कोई व्यापक जंग होगी.'

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