इसराइल ने तेल अवीव पर ड्रोन हमले के बाद यमन में की एयर स्ट्राइक

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- Author, टॉम स्पेंडर और पॉल एडम्स
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
हूती विद्रोहियों के हमले के एक दिन बाद इसराइल ने यमन में हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले बंदरगाह हुदैदाह पर जवाबी हमला किया है. ये बंदरगाह लाल सागर पर है.
हूती विद्रोहियों से जुड़े मीडिया आउटलेट्स के मुताबिक़, इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और 80 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
हूती अधिकारी मोहम्मद अब्दुल सलाम ने कहा है कि ये यमन के ख़िलाफ़ इसराइल का बर्बर हमला है.
वहीं इसराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा है कि उनका देश इसके ज़रिये हूती आंदोलन को एक संदेश देना चाहता है.

गैलेंट ने कहा, ''हमले से हुदैदाह में में उठ रही आग की लपटें पूरे मध्य पूर्व में देखी जा सकती हैं. इसकी अहमियत अब साफ़ हो गई है.''
उन्होंने कहा कि ये हमले हूती विद्रोहियों पर दबाव बनाने के लिए किया गया है ताकि वो ग़ज़ा में फ़लस्तीनियों का समर्थन करना बंद करें. अब वो ऐसा करने की हिम्मत नहीं करेंगे.
इसराइल ने पहली बार हूती विद्रोहियों पर सीधा हमला किया है. उसका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में उस पर हूती विद्रोहियों ने सैकड़ों मिसाइलें बरसाई हैं और ड्रोन से हमले किए गए हैं.
शनिवार की शाम को इसराइली हमले के बाद आ रहे फुटेज में हुदैदाह में आग की ऊंची लपटें दिख रही हैं.
हूती संचालित सरकार ने सना में कहा कि इसराइल ने समुद्र तट के नज़दीक एक तेल भंडार और उसी के सामने मौजूद एक पावर प्लांट पर हमला किया है.
दूसरी ओर इसराइली सेना (आईडीएफ़) ने कहा, ''यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से इसराइल पर पिछले नौ महीने से किए जा रहे हमलों के बाद इसराइली वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने हुदैदाह पोर्ट एरिया में 1800 किलोमीटर तक आतंकवादियों के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं.''
इसराइली सेना ने कहा है, ''ज़रूरत पड़ने पर वो इसराइल को ख़तरे में डालने वाली किसी भी ताक़त पर कहीं भी हमला करने में सक्षम है. ऐसा ही हमला हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ किया गया है. इस ऑपरेशन का कोड नाम था- आउस्ट्रेच्ड आर्म.''
'जहां भी ऐसे हमलों की ज़रूरत होगी हम करेंगे'

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इसराइली रक्षा मंत्री गैलेंट ने कहा कि हूती विद्रोहियों पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उन्होंने इसराइल को नुक़सान पहुंचाया था.
उन्होंने कहा, ''हूतियों ने हम पर 200 बार से अधिक हमले किए. पहली बार जैसे ही उन्होंने इसराइली नागरिक को नुक़सान पहुंचाया, हमने उन पर हमले किए. जहां भी ऐसा करने की ज़रूरत होगी हम करेंगे.''
हूती विद्रोहियों पर शनिवार के हमले के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश हर तरीके़ से अपनी सुरक्षा करेगा.
उन्होंने टीवी पर एक संबोधन में कहा, ''जो भी हमें नुक़सान पहुंचाएगा उसे उसकी आक्रामकता की क़ीमत चुकानी होगी. उन्होंने दावा किया कि हुदैदाह बंदरगाह से ईरानी हथियार लाए जाते रहे हैं. ये उन हथियारों का एंट्री प्वाइंट है.''
उन्होंने कहा कि इस हमले ने इसराइल के दुश्मनों को दिखा दिया है कि ऐसी कोई जगह नहीं है जहां हम नहीं पहुंच सकते.
इसराइली सेना के अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को ईरान निर्मित ड्रोन ने तेल अवीव में फ्लैट्स के एक ब्लॉक पर हमला किया था. ये ड्रोन इस तरह बनाया गया था कि ये लंबी दूरी तक मार कर सके.
हूती विद्रोहियों ने इस हमले कि ज़िम्मेदारी ली थी. उनका कहना था कि अभी ऐसे और हमले होंगे.
इस हमले में एक 50 साल के शख़्स की मौत हो गई थी और आठ लोग घायल हो गए थे. ये शख़्स हाल में ही बेलारूस से यहां आया था.
इसराइली सेना के अधिकारी ने बताया कि सेना के लोगों ने तेल अवीव की ओर आ रहे इस ड्रोन को देख लिया था लेकिन इसे गिराने की कोशिश नहीं की. यह ग़लती थी.
इससे पहले हूती विद्रोहियों की ओर से दाग़ी गई एक भी मिसाइल और ड्रोन तेल अवीव तक नहीं पहुंच सका था क्योंकि इसराइली सेना उसे बीच में ही मार गिराती थी.
हूती विद्रोही बोले- हमले का 'असरदार जवाब' दिया जाएगा

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हूती विद्रोह के कार्यकारी संगठन और इसकी सर्वोच्च राजनीतिक परिषद ने मीडिया में कहा है कि इसराइली हवाई हमले का 'असरदार जवाब' दिया जाएगा.
इसराइल ने इससे पहले यमन में हूती विद्रोहियों पर हमले नहीं किए थे. लेकिन पिछले कई महीनों से अमेरिका और ब्रिटेन उनके ख़िलाफ़ हमले करते रहे हैं.
दरअसल हूती विद्रोह रेड सी और अदन की खाड़ी के रास्ते जाने वाले व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बना रहे हैं. इन हमलों को रोकने के लिए अमेरिका और ब्रिटेन हूती विद्रोहियों पर हमले कर रहे हैं.
इससे पहले हूती विद्रोहियों ने कहा था कि वो इस समुद्री रास्ते से इसराइल आने-जाने वाले जहाज़ों पर हमले कर रहे हैं. हालांकि इनमें से कइयों का इसराइल से कोई संबंध नहीं था.
इसराइली हवाई हमले शुरू होने के बाद उन्होंने अमेरिका और ब्रिटेन के भी कई जहाज़ों को निशाना बनाया है.
पिछले साल (2023) नवंबर में यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोहियों ने लाल सागर से होकर इसराइल जाने वाले सभी जहाज़ों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी
नवंबर में हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक मालवाहक जहाज़ को हाइजैक कर लिया था.
इस जहाज़ के मालिक का संबंध इसराइल से बताया जा रहा था. पिछले दो महीनों में हूती विद्रोहियों ने यहां रॉकेट और ड्रोन से कई व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बनाया है.
हमास के हमले के बाद सात अक्टूबर को ग़ज़ा पर इसराइल के जवाबी हमलों की शुरुआत के बाद से ही हूती विद्रोहियों ने इसराइल की ओर कई मिसाइल और ड्रोन छोड़े हैं. हूती विद्रोही ग़ज़ा में हमास का समर्थन कर रहे हैं. इन्हें ईरान का भी समर्थन हासिल है.
कौन हैं हूती और उनका मक़सद क्या है?

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हूती यमन के अल्पसंख्यक शिया 'ज़ैदी' समुदाय का एक हथियारबंद समूह है.
इस समुदाय ने 1990 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के कथित भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए इस समूह का गठन किया था.
उनका नाम उनके अभियान के संस्थापक हुसैन अल हूती के नाम पर पड़ा है. वे ख़ुद को 'अंसार अल्लाह' यानी ईश्वर के साथी भी कहते हैं.
2003 में अमेरिका के नेतृत्व में इराक़ पर हुए हमले में हूती विद्रोहियों ने नारा दिया था, ''ईश्वर महान है. अमेरिका का ख़ात्मा हो, इसराइल का ख़ात्मा हो. यहूदियों का विनाश हो और इस्लाम की विजय हो.''
उन्होंने ख़ुद को हमास और हिज़्बुल्लाह के साथ मिलकर इसराइल, अमेरिका और पश्चिमी देशों के ख़िलाफ़ ईरान के नेतृत्व वाली 'प्रतिरोध की धुरी' का हिस्सा बताया था.
यूरोपियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ पीस के एक विशेषज्ञ हिशाम अल-ओमेसी कहते हैं कि इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि हूती क्यों खाड़ी से इसराइल की ओर जा रहे जहाज़ों को निशाना बना रहे हैं.
वह कहते हैं, ''दरअसल वे अब औपनिवेशकों से लड़ रहे हैं. वे इस्लामिक राज्य के दुश्मनों से लड़ रहे हैं. यह विचार उनके आधार के साथ अच्छे से मेल भी खाता है.''
इन विद्रोहियों की मदद कौन करता है?

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हूती विद्रोही लेबनान के सशस्त्र शिया समूह हिज़्बुल्लाह के मॉडल से प्रेरणा लेते हैं.
अमेरिका के रीसर्च इंस्टिट्यूट 'कॉम्बैटिंग टेररिज़म सेंटर' के अनुसार, हिज़्बुल्लाह ही उन्हें 2014 से बड़े पैमाने पर सैन्य विशेषज्ञता और ट्रेनिंग दे रहा है.
हूती ख़ुद को ईरान का सहयोगी भी बताते हैं क्योंकि उनका साझा दुश्मन सऊदी अरब है.
शक जताया जाता है कि हूती विद्रोहियों को ईरान हथियार भी दे रहा है.
अमेरिका और सऊदी अरब कहते हैं कि ईरान ने हूती विद्रोहियों को बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस किया था, जिनका इस्तेमाल 2017 में सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हमले के लिए किया गया था. इन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया था.
सऊदी अरब ने ईरान पर हूती विद्रोहियों को क्रूज़ मिसाइल और ड्रोन देने का भी आरोप लगाया है, जिन्हें 2019 में सऊदी अरब के तेल कारखानों पर हमले के लिए इस्तेमाल किया गया था.
हूती विद्रोही सऊदी अरब पर कम रेंज वाली हज़ारों मिसाइल दाग़ चुके हैं और उन्होंने यूएई को भी निशाना बनाया है.
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