कनाडा पीएम की रेस में रूबी ढल्ला भी शामिल, भारतीय मूल के और कितने नेता हैं दावेदार?

रुबी ढल्ला

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इमेज कैप्शन, भारतीय मूल की रूबी ढल्ला अपने शुरुआती दिनों में एक मॉडल के रूप में भी काम कर चुकी हैं.
    • Author, जेसिका मर्फ़ी और नादीन यूसुफ़
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़, टोरंटो

कनाडा के प्रधानमंत्री बनने की रेस में अब भारतीय मूल की रूबी ढल्ला का नाम भी शामिल हो गया है.

रूबी ढल्ला टोरंटो क्षेत्र से पूर्व लिबरल संसद सदस्य हैं और एक मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं. रूबी ढल्ला ने अपने शुरुआती दिनों में एक मॉडल के रूप में भी काम किया है.

जस्टिन ट्रूडो के लिबरल पार्टी के नेता पद से इस्तीफ़ा देने के बाद पार्टी अब नए नेता की तलाश में है. नए नेता बनने की इस दौड़ में भारतीय मूल की अनीता आनंद भी शामिल थीं, लेकिन उन्होंने हटने की घोषणा कर दी.

आइए जानते हैं रूबी ढल्ला के बारे में कुछ ख़ास बातें.

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पूर्व सांसद रूबी ढल्ला

रूबी ढल्ला

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इमेज कैप्शन, रूबी ढल्ला ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा एक सोशल मीडिया पोस्ट में की.

टोरंटो क्षेत्र से पूर्व लिबरल सांसद रूबी ढल्ला इस दौड़ में देर से शामिल हुई हैं, लेकिन उनका नाम भी चर्चा का विषय बन गया है.

रूबी ढल्ला का 2004 से 2011 तक इस सीट पर क़ब्ज़ा था. रूबी ढल्ला हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनी गईं भारतीय मूल की पहली कनाडाई महिला थीं.

उनके साथ नीना ग्रेवाल भी कंज़र्वेटिव पार्टी से सांसद चुनी गईं.

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हाल ही में सीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वो अब तक 3 बार संसद सदस्य चुनी जा चुकी हैं और लंबे समय से राजनीति से दूर थीं.

वो एक होटल व्यवसायी भी हैं.

रूबी ढल्ला ने अपने शुरुआती दिनों में एक मॉडल के रूप में भी काम किया है.

ढल्ला ने समाचार आउटलेट सीपी24 को बताया कि उनके मुताबिक़ दौड़ में किसी ऐसे व्यक्ति का होना ज़रूरी है जिसके पास आंत्रप्रेन्योर (उद्यमी) होने का अनुभव हो.

उन्होंने यह भी कहा कि उनके आने से पीएम की रेस में विविधता आई है.

रूबी ढल्ला ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "मैंने काग़ज़ात जमा कर दिए हैं और डिपॉज़िट भी भर दिया है. मैं जीतने, लिबरल पार्टी की अगली नेता बनने और कनाडा की प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में हूं."

पहले, उन पर अपने परिवार द्वारा नियुक्त दो घरेलू कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लग चुका है.

इसके चलते उन्होंने साल 2009 में अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

हालाँकि, ढल्ला ने बार-बार इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने कुछ भी ग़लत किया है.

उनके अलावा और कई नेता हैं जो पीएम की रेस में शामिल हैं.

पूर्व उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ़्रीलैंड

क्रिस्टिया फ़्रीलैंड

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इमेज कैप्शन, टोरंटो की सांसद क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने पिछले महीने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और ट्रूडो की आलोचना की थी.

टोरंटो की सांसद क्रिस्टिया फ्रीलैंड, ट्रूडो की टीम की सबसे चर्चित सदस्यों में से एक हैं और उन्हें जस्टिन ट्रूडो की जगह लेने के प्रमुख दावेदारों में से एक माना जाता है.

उन्हें लंबे समय से ट्रूडो के अंदरूनी घेरे में एक भरोसेमंद वरिष्ठ अधिकारी के रूप में देखा जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ विवाद के बीच दिसंबर में उन्होंने अचानक इस्तीफ़ा दे दिया.

सार्वजनिक किए गए अपने त्याग पत्र में उन्होंने ट्रूडो की आलोचना की थी. ट्रूडो के पद छोड़ने के पीछे यह दबाव भी माना जाता है.

56 साल की क्रिस्टिया फ्रीलैंड का जन्म पश्चिमी प्रांत अल्बर्टा में एक यूक्रेनी मां के घर हुआ था. राजनीति में आने से पहले वो एक पत्रकार थीं.

उन्होंने 2013 में हाउस ऑफ कॉमन्स में प्रवेश किया और दो साल बाद सत्ता में आने पर फ्रीलैंड, ट्रूडो की मंत्रिमंडल का हिस्सा बन गईं.

विदेश मंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कनाडा को अमेरिका और मैक्सिको के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर फिर से बातचीत करने में मदद की.

बाद में वो उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री बनने वाली पहली महिला बनीं. उन्होंने कोविड महामारी के दौरान कनाडा की वित्तीय कामकाज की देखभाल की.

पिछले महीने अपने पद से इस्तीफ़ा देते हुए उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी टैरिफ़ लगाने से निपटने में विफल रहने के लिए ट्रूडो की आलोचना की थी.

ग्लोब एंड मेल में 2019 की एक प्रोफ़ाइल में कहा गया कि फ्रीलैंड लिबरल पार्टी की एकमात्र उम्मीद थीं.

फ्रीलैंड ने यूक्रेन का समर्थन करके कई हलकों में अपनी साख़ बढ़ाई लेकिन हॉर्वर्ड से शिक्षित सांसद को भी इस मुद्दे पर आलोचना का सामना करना पड़ा है.

यहां तक कि ट्रंप ने उन्हें 'ज़हरीला इंसान' भी कहा था.

पूर्व केंद्रीय बैंकर मार्क कार्नी

मार्क कार्नी

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इमेज कैप्शन, कार्नी ने ट्रूडो के विशेष सलाहकार के रूप में काम किया है.

ट्रूडो ने ख़ुद स्वीकार किया कि वह लंबे समय से मार्क कार्नी को वित्त मंत्री के रूप में अपनी टीम में शामिल करने की मांग कर रहे थे.

जुलाई 2024 में नेटो सम्मेलन के दौरान उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "ऐसे समय में उनका सबसे अच्छा योगदान होगा, जब कनाडाई लोग चाहते हैं कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए अच्छे लोगों की ज़रूरत है."

59 वर्षीय कार्नी ने हाल के महीनों में ट्रूडो के विशेष सलाहकार के रूप में काम किया था, उन्हें लंबे समय से शीर्ष पद के लिए दावेदार माना जाता रहा है.

हॉर्वर्ड से शिक्षित कार्नी ने कभी भी सार्वजनिक पद नहीं संभाला है लेकिन उनकी आर्थिक पृष्ठभूमि मज़बूत है. उन्होंने बैंक ऑफ़ कनाडा और बैंक ऑफ़ इंग्लैंड दोनों में शीर्ष पदों पर कार्य किया है.

कार्नी कुछ उदार नीतियों के समर्थक रहे हैं जो देश के रूढ़िवादी हलकों में अलोकप्रिय हैं, जैसे कि केंद्रीय कार्बन टैक्स नीति, पार्टी की जलवायु नीति, जिसके बारे में आलोचकों का तर्क है कि यह कनाडाई लोगों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा.

उन्होंने पहले ही कनाडा की कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलेवर की आलोचना करते हुए कहा है कि देश के भविष्य के लिए उनका दृष्टिकोण "बिना योजना के" और "सिर्फ नारे" है.

उन्होंने कहा, "बातचीत में मैं भी वह व्यक्ति हूं जो वास्तव में व्यवसाय में है, और निर्णय लेता है."

लिबरल हाउस की नेता - करीना गोल्ड

करीना गोल्ड

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इमेज कैप्शन, करीना गोल्ड, कनाडा में मंत्री बनने वाली सबसे कम उम्र की महिला भी हैं.

करीना गोल्ड एक पूर्व व्यवसाय और निवेश विशेषज्ञ हैं. वो अब कनाडा के प्रधानमंत्री की दौड़ में भी शामिल हो गई हैं और उन्होंने घोषणा की है कि अगर वो चुनी गईं तो "नई पीढ़ी" का प्रतिनिधित्व करेंगी.

उन्होंने पहली बार 2015 में चुनाव जीता और ट्रूडो के मंत्रिमंडल में कई भूमिकाएँ निभाईं. वो कनाडा में मंत्री के रूप में सेवा करने वाली सबसे कम उम्र की महिला भी हैं.

37 वर्षीय करीना हाउस लीडर के रूप में अपनी वर्तमान भूमिका संभालने से पहले कई मंत्रालय की ज़िम्मेदारी निभा चुकी हैं.

उन्होंने अपनी उम्मीदवारी पेश करते हुए कहा, ''कनाडावासियों का हमारी पार्टी पर से भरोसा उठ गया है.''

सांसद - चंद्रा आर्या

चंद्रा आर्या

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इमेज कैप्शन, चंद्रा आर्या पीएम की रेस में शामिल होने वाले शुरुआती लोगों में से हैं.

संसद के बैकबेंच सदस्य औपचारिक रूप से दौड़ में प्रवेश करने वाले पहले लोगों में से हैं.

एक बयान में, आर्या ने कहा कि वो "हमारे देश के पुनर्निर्माण और भावी पीढ़ियों के लिए समृद्धि सुरक्षित करने के लिए अधिक कुशल सरकार का नेतृत्व करने के लिए दौड़ में शामिल हो रहे हैं."

वह एक इंजीनियर और पूर्व व्यवसायी हैं जो 2015 में पहली बार संसद सदस्य चुने गए थे.

आर्या 20 साल पहले भारत से कनाडा आए थे.

आर्या ने कहा है कि वह कनाडाई राजशाही से संबंध तोड़ने का समर्थन करते हैं.

कनाडा में, ब्रिटेन का सम्राट राज्य का प्रमुख होता है, हालाँकि यह भूमिका काफी हद तक प्रतीकात्मक है.

उन्हें फ्रेंच न बोलने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. आधिकारिक तौर पर द्विभाषी देश में उच्च-स्तरीय पदों की तलाश करने वाले राजनेताओं के लिए यह आमतौर पर ज़रूरी होता है.

बिज़नेसमैन-फ्रैंक बेलिस

फ्रैंक बेलिस, पूर्व लिबरल सांसद हैं. वह पार्टी का नेतृत्व संभालने की इच्छा ज़ाहिर करने वाले पहले व्यक्ति हैं.

उन्होंने कहा कि उनके पास व्यवसाय की दुनिया का अच्छा अनुभव है जिसकी मदद से वह कनाडाई लोगों के सामने जीवनयापन की सामर्थ्य और खर्च संबंधी चुनौतियों का समाधान करने का प्रयास करेंगे.

बेलिस 2015-2019 तक सांसद थे.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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