यूपी के हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 के पार

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- Author, दिलनवाज़ पाशा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग के दौरान मची भगदड़ में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 120 से अधिक हो गई है.
उत्तर प्रदेश पुलिस के आगरा ज़ोन के एडीजी कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है. एडीजी कार्यालय के मुताबिक़, शवों को कई जगह ले जाया गया है इसलिए मरने वालों की सही संख्या बाद में पता चलेगी.
इससे पहले हाथरस के पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने हाथरस हादसे में क़रीब 60 लोगों के मारे जाने और 18 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी.
स्थानीय पत्रकार धर्मेंद्र चौधरी के मुताबिक़, आगरा के सीएमओ ने बताया कि हाथरस में पोस्टमॉर्टम के लिए जगह नहीं बची है. आगरा मॉर्चरी में 30 शव पहुंच चुके हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस हादसमें मरने वाले लोगों की संख्या अभी और बढ़ सकती है. हाथरस प्रशासन ने लोगों की मदद के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. ये नंबर हैं - 9259189726 और 9084382490.

पीएम मोदी और सीएम योगी ने क्या कहा

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इससे पहले लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर रखे गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथरस की घटना पर दुख जाहिर किया. उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये और घायलों को 50 हज़ार रुपये दिए जाने की घोषणा की है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये और घायलों को 50 हज़ार रुपये दिए जाने की घोषणा की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा, "इस समय चर्चा के बीच मुझे एक दुखद खबर भी दी गई है. यूपी के हाथरस में जो भगदड़ हुई उसमें अनेकों लोगों की दुखद मृत्यु होने की जानकारी आ रही है. जिन लोगों की इस हादसे में जान गई है मैं उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. राज्य सरकार की देखरेख में प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है. मैं इस सदन के माध्यम से सभी को भरोसा देता हूं कि पीड़ितों की हर तरीके से मदद की जाएगी."
दूसरी तरफ़, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार और मौके पर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने एडीजी आगरा और कमिश्नर अलीगढ़ के नेतृत्व में घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं."
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक्स हैंडल से जारी बयान में कहा गया है, "जनपद हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के युद्ध स्तर पर संचालन और घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए हैं."
"उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी जी, संदीप सिंह जी घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं तथा प्रदेश के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को घटना स्थल पर पहुंचने हेतु निर्देशित किया है. एडीजी, आगरा और कमिश्नर, अलीगढ़ के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें."
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संदीप सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''मुख्यमंत्री ने हमें हाथरस में घटनास्थल पर जाने और सरकार की तरफ़ से ज़रूरी फ़ैसले लेने का निर्देश दिया है. मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है.''
चश्मदीदों ने क्या बताया

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घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद ब्रजेश ने स्थानीय पत्रकार धर्मेंद्र चौधरी को बताया, "कार्यक्रम ख़त्म होने बाद लोग भोले बाबा के पैर की धूल लेने के लिए दौड़े. लेकिन बाबा दूसरी ओर चले गए तो लोग उस ओर दौड़े. इस चक्कर में कई लोग सड़क किनारों के गड्ढों में गिर गए और फिर भगदड़ मच गई. इस वजह से कई लोग कुचल गए."
ब्रजेश ने बताया, "मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं. आयोजकों और स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू किया. इस बीच, पुलिस भी लगभग आधे घंटे में घटनास्थल पर पहुंच गई."
एक दूसरे शख़्स श्री दयाल ने बताया वो और उनके भाई सौदान भी प्रवचन सुनने आए थे. लेकिन इस घटना के बाद उनका पता नहीं चल पा रहा है
उन्होंने बताया, "कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद जब लोग निकलने लगे तो भगदड़ मच गई और कई लोग इसमें फंस गए. उनके भाई का पता नहीं चल रहा है. उन्होंने बताया कि हादसा करीब दोपहर दो बजे हुआ."
रक्षा मंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने दुख जताया

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाथरस हादसे पर दुख जताया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में हुआ हादसा अत्यंत पीड़ादायक है. इस दुर्घटना में जिन्होंने अपनों को खोया है, उन शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन सभी पीड़ितों की हरसंभव मदद कर रही है."
वहीं, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ से कई श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है."
"सभी शोकाकुल परिजनों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं. सरकार और प्रशासन से अनुरोध है कि घायलों को हर संभव उपचार एवं पीड़ित परिवारों को राहत उपलब्ध कराएं. इंडिया के सभी कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि राहत और बचाव में अपना सहयोग प्रदान करें."
सिकंद्राराऊ ट्रामा सेंटर

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सिकंद्राराऊ ट्रामा सेंटर पर घायलों को पहुंचाया जा रहा है.
स्थानीय पत्रकार धर्मेंद्र चौधरी ने ट्रॉमा सेंटर से कुछ वीडियो भेजे हैं जिनमें परिजन आक्रोश जताते साफ़ देखे जा सकते हैं.
ट्रॉमा सेंटर पर मौजूद पीड़ितों के एक परिजन ने कहा, "इतना बड़ा हादसा हो गया है लेकिन एक भी सीनियर अधिकारी यहां मौजूद नहीं है. भोले बाबा को किसने यहां इतना बड़ा कार्यक्रम करने की परमिशन दी थी. प्रशासन कहां है?"
घायलों और मृतकों को ट्रॉमा सेंटर पर ट्रकों, टैंपो और एंबुलेंस में लाया गया.
वीडियो में ट्रॉमा सेंटर के बाहर महिलाओं के शवों को फ़र्श पर लिटाये हुए देखा जा सकता हैं.
ट्रॉमा सेंटर के बाहर अफ़रातफ़री का माहौल है और लोग अपने प्रियजनों की तलाश में वहां पहुंच रहे हैं.
स्थानीय प्रशासन का क्या कहना है

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हाथरस के डीएम आशीष कुमार ने बताया कि 50 से 60 लोगों की मौत हुई है. मृतकों की सटीक संख्या अभी बताना संभव नहीं है. उन्होंने कहा, "लोगों को वहां से निकाला जा रहा है और घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है."
डीएम आशीष कुमार ने कहा, "समागम के दौरान जब बहुत ज्यादा उमस होने लगी तो लोग वहां से निकलने लगे. उसी समय हादसा हुआ. घटना की जांच के लिए उच्च अधिकारियों की एक जांच कमेटी बनाई गई है. इस आयोजन की इजाजत एसडीएम ने दी थी. ये एक प्राइवेट आयोजन था. कानून-व्यवस्था के लिए प्रशासन की ड्यूटी लगाई थी, जबकि भीतर की व्यवस्था आयोजकों की ओर से की जानी थी. हादसे की असली वजह क्या है ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा. लेकिन फिलहाल प्रशासन का फोकस ये है कि जो लोग घायल हैं उन्हें जल्दी इलाज मिले."
पहले एटा के एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में 27 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी थी.
उन्होंने पत्रकारों से कहा था, "एक दुखद घटना हुई है, हाथरस जनपद में सिकंद्राराऊ के पास मुगलगढ़ी गांव में भोले बाबा का कार्यक्रम चल रहा था, भगदड़ के कारण लोगों की मौतें हुई हैं. हमारे यहां एटा के अस्पताल में 27 शव आए हैं जिनमें 23 महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष का शव है. घायल अभी नहीं पहुंचे हैं."
एटा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) उमेश कुमार त्रिपाठी ने भी मीडिया से बातचीत में बताया था कि, "अभी तक 27 शव पोस्टमॉर्टम के लिए पहुंचे हैं, जिनमें दो 25 महिलाएं और दो पुरुष हैं. कई घायलों को भी भर्ती कराया गया है. जांच के बाद आगे की जानकारी दी जाएगी."
उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच के मुताबिक, धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़ के कारण ये घटना घटी है.












