पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक बयान देने के बाद आख़िर कहाँ हैं यति नरसिंहानंद?

    • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

ये इंटरएक्टिव देखने के लिए आपके पास एक मॉडर्न ब्राउज़र और अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी होनी ज़रूरी

यति नरसिंहानंद
इमेज कैप्शन, 29 सितंबर को यति नरसिंहानंद ने पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बयान दिया था

पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बयान देने वाले यति नरसिंहानंद को न तो पुलिस गिरफ़्तार कर पाई है और न ही वो पुलिस की हिरासत में हैं. हालाँकि इस घटना को अब एक हफ़्ते से ज़्यादा समय गुज़र चुका है.

बीती 29 सितंबर को यति नरसिंहानंद ने पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बयान दिया था.

उनके इस बयान के बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर लोग उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यति के बयान के ख़िलाफ़ ग़ाज़ियाबाद के अलावा हैदराबाद पुलिस के साइबर सेल ने भी मामला दर्ज किया है.

ग़ाज़ियाबाद ग्रामीण के डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी के मुताबिक़ पुलिस को पता नहीं है कि वो कहाँ हैं.

व्हॉट्सऐप
इमेज कैप्शन, बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बीबीसी को बताया है, “न ही हमने उन्हें डिटेन (हिरासत में लिया है) किया है और न ही गिरफ़्तार कर पाए हैं. हमें नहीं पता है कि वो कहाँ हैं. ”

यति नरसिंहानंद उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद के डासना शिवशक्ति धाम के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं.

'महाराज जी कहाँ हैं हमें नहीं पता'

बुलंदशहर में पैदल मार्च करते पुलिस अधिकारी

इमेज स्रोत, Bulandshahr Police/X

इमेज कैप्शन, नवरात्रि और दशहरे को देखते हुए यति नरसिंहानंद के गृह ज़िले बुलंदशहर में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है

डासना मंदिर से जुड़ीं बीजेपी नेता उदिता त्यागी ने बीबीसी को बताया है कि 4 अक्तूबर को मंदिर में काफ़ी हंगामा हुआ था. उसके बाद पुलिस महाराज जी (यति नरसिंहानंद) को अपने साथ ले गई थी.

उदिता त्यागी का कहना है, "पुलिस ने हमें बताया था कि वो सुरक्षा के लिहाज़ से महाराज जी को लेकर जा रहे हैं, क्योंकि यहां हम सबको ख़तरा था. लेकिन अब तीन दिनों से उनकी कोई ख़बर नहीं है. अब हमें भी चिंता है कि वो कहां हैं और कैसे हैं."

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

उदिता त्यागी का कहना है कि यति नरसिंहानंद की तलाश में पुलिस मंदिर तक नहीं आई है, बल्कि पुलिस तो वहां हर वक़्त तैनात है.

उनका आरोप है कि 5 अक्तूबर को बड़ी संख्या में लोगों ने मंदिर को घेर लिया था और पत्थरबाज़ी की थी.

इससे पहले आरोप लगाया गया था कि 4 अक्तूबर को भी आक्रोशित भीड़ ने मंदिर परिसर के बाहर आपत्तिजनक नारेबाज़ी की थी. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया था.

ग़ाज़ियाबाद (ग्रामीण) के डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा है कि 4 अक्तूबर यानी शुक्रवार के दिन डासना मंदिर के बाहर सड़क पर कुछ लड़के आकर हल्ला कर रहे थे, इस सूचना पर मंदिर परिसर में मौजूद पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया.

उनका कहना है, "मंदिर परिसर के आसपास पूरी तरह शांति बनी हुई है. यहां और पुलिस बल लगा दिया गया है. इस संदर्भ में कुछ लोग ग़लत अफ़वाह फैला रहे हैं. ग़लत अफ़वाह फैलाने पर संबंधित के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई की जाएगी."

यति नरसिंहानंद के बयान के बाद लोग उनके ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर जमकर विरोध जता रहे हैं. राजनीतिक हलकों से भी उनकी गिरफ़्तारी और फ़ौरन कार्रवाई की मांग की जा रही है.

अभी क्या हैं हालात

डासना मंदिर (फ़ाइल फ़ोटो)
इमेज कैप्शन, डासना के इसी मंदिर में यति नरसिंहानंद महंत हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक ख़बर के मुताबिक़- जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने यति नरसिंहानंद की गिरफ़्तारी की मांग की है. संगठन का कहना है कि इस मामले में केवल एफ़आईआर दर्ज करना काफ़ी नहीं है.

इससे पहले जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान ने भी यति नरसिंहानंद की 'ईशनिंदा वाली टिप्पणी की निंदा करते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है.'

एक बयान में मोतसिम ख़ान कहा, "ये बयान न केवल लाखों मुसलमानों को गहरी ठेस पहुंचाने वाले हैं, बल्कि सांप्रदायिक तनाव भड़काने के उद्देश्य से जानबूझकर किया गया उकसावे का कार्य है. स्वामी नरसिंह की बार-बार की गई अपमानजनक टिप्पणियां बिल्कुल असहनीय हैं और उन्हें अधिकारियों द्वारा तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए."

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, एआईएमआईएम की शिकायत के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.

भीम आर्मी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने इस मुद्दे पर यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

फ़िलहाल यति नरसिंहानंद कहां हैं? इसके बारे में न तो पुलिस कुछ बता पा रही है और न ही डासना मंदिर से जुड़े लोग. सोमवार को मंदिर के लोग ख़ुद यति नरसिंहानंद की तलाश में ग़ाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे.

देश के कई राज्यों में यति नरसिंहानंद को गिरफ़्तार करने और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग हो रही है.

इस बीच सोशल मीडिया पर यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ लोगों को भड़काने का आरोप लगाकर डासना मंदिर की तरफ़ से ऑल्ट न्यूज़ के संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई गई है.

अदिता त्यागी का आरोप है कि यति नरसिंहानंद के बयान का एक हिस्सा काटकर सोशल मीडिया पर डाला गया.

पुलिस से मिली रशीद

इमेज स्रोत, Udita Tyagi

इमेज कैप्शन, डासना मंदिर की तरफ़ से मंदिर के बाहर हुई घटना के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है

विवादों से पुराना रिश्ता

यति नरसिंहानंद का आपत्तिजनक बयानों से पुराना रिश्ता रहा है. ख़ासकर वो मुसलमानों के ख़िलाफ़ कई बार भड़काऊ बयान देते रहे हैं.

साल 2022 में हरिद्वार में विवादास्पद धार्मिक नेता यति नरसिंहानंद को हेट स्पीच मामले में गिरफ़्तार किया गया था. हरिद्वार में आयोजित 'धर्म संसद' में यति नरसिंहानंद के भड़काऊ भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

उस साल हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर के बीच धर्म संसद के दौरान हिन्दुत्व को लेकर साधु-संतों के विवादित भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे.

इन विवादित भाषणों के विवाद पर दुनियाभर के कई देशों से प्रतिक्रिया आई थी, जिनमें ब्रिटेन और अमेरिका भी शामिल है.

उस दौरान बीबीसी हिंदी की टीम ने एक इंटरव्यू में उनसे धर्म संसद में दिए गए बयानों से जुड़ा सवाल पूछा था, तो नरसिंहानंद और उनके समर्थक बीबीसी की टीम से भिड़ गए थे. और बीबीसी टीम को जबरन रोके रखा था.

द हिन्दू अख़बार की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2021 में पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ टिप्पणी को लेकर यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ जामिया नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी.

उस वक़्त आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ख़ान ने अपनी शिकायत में कहा था कि महंत ने पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है और इसने उनकी भावना को आहत किया है.

साल 2022 की शुरुआत में यति नरसिंहानंद को हरिद्वार पुलिस ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में गिरफ़्तार किया था.

साल 2021 में ही यति नरसिंहानंद पर राजनीति में मौजूद महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ था.

ग़ाज़ियाबाद के डासना के देवी मंदिर में साल 2021 में 11 मार्च को नल से पानी पीने के कारण एक मुस्लिम बच्चे आसिफ़ को बेरहमी से पीटा गया था और वीडियो बनाकर वायरल किया गया था. यति नरसिंहानंद ने बच्चे की पिटाई पर कोई अफ़सोस तक नहीं जताया था.

कौन हैं यति नरसिंहानंद

हरिद्वार धर्म संसद

इमेज स्रोत, BBC/Varsha Singh

इमेज कैप्शन, हरिद्वार में हुई धर्म संसद में दिए गए बयानों की दुनिया के कई देशों से प्रतिक्रिया आई थी (फ़ाइल फ़ोटो)

क़रीब 58 साल के यति नरसिंहानंद सरस्वती का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है. बीते कुछ साल से उनपर मुसलमानों और महिलाओं के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी के कई आरोप लगते रहे हैं.

ग़ाज़ियाबाद के डासना में वो जिस मंदिर के पुजारी हैं, उस परिसर में मुसलमानों के आने की मनाही से जुड़े बोर्ड को भी सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग शेयर करते रहे हैं.

उनके ऐसे बयानों के वीडियो को हज़ारों लोग सोशल मीडिया पर देखते हैं. उनके समर्थकों में बड़ी संख्या में दक्षिणपंथी लोग नज़र आते हैं.

डासना मंदिर से जुड़ी उदिता त्यागी के मुताबिक़ पुजारी बनने से पहले नरसिंहानंद सरस्वती एक इंजीनियर रहे हैं. उन्होंने रूस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और ब्रिटेन सहित कुछ अन्य देशों में भी काम किया है.

उनका मूल नाम दीपक त्यागी है. उनका परिवार उत्तर प्रदेश के ही बुलंदशहर से ताल्लुक रखता है.

ख़बरों के मुताबिक़ दीपक त्यागी भारत लौटने के बाद समाजवादी पार्टी से भी जुड़े थे.

वो क़रीब 25 साल से डासना के मंदिर से जुड़े हुए हैं. उन्हें साल 2021 में जूना अखाड़े ने महामंडलेश्वर की उपाधि दी थी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)