मणिपुर हिंसा: पीएम को लग रहा है वीडियो वायरल हो गया तो युद्ध खत्म हो जाएगा, ये नहीं होगा- मैरा पाइबी

मणिपुर
इमेज कैप्शन, मणिपुर में मैतेई महिलाओं का संगठन मैरा पाइबी मानवाधिकारों के लिए काम करता है
    • Author, दिव्या आर्य
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

मणिपुर में मैतेई महिलाओं का संगठन मैरा पाइबी दशकों से राज्य में मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ़ काम कर रहा है.

साल 2004 में ये संगठन चर्चा में तब आया जब इसकी सदस्य महिलाओं ने सेना के '17 असम राइफ़ल्स' के ख़िलाफ़ एक नग्न प्रदर्शन किया था.

इन महिलाओं ने राज्य में लागू आर्म्ड फ़ोर्स स्पेशल पावर एक्ट यानी आफ़्स्पा के दौरान एक बैनर लेकर नग्न प्रदर्शन किया था.

ये प्रदर्शन एक महिला के साथ हुए रेप को लेकर किया गया था. बैनर पर लिखा था- इंडियन आर्मी रेप अस. तब से ही ये संगठन चर्चा में आया.

अब मणिपुर के कुछ हिस्सों में ही आफ़्स्पा लागू है. उस समय 12 महिलाओं ने ये प्रदर्शन किया था आज उनमें से आठ महिलाएं ज़िंदा हैं. बीबीसीने उनसे बात की और समझना चाहा कि मणिपुर में जारी हिंसा में उनकी भूमिका क्या है.

वीडियो कैप्शन, मणिपुर की इन महिलाओं ने क्या-क्या सहा है

सवाल- मणिपुर में हिंसा चल रही है. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मैरा पाइबी की भूमिका क्या रही है?

जवाब- हमारा संगठन लगातार काम कर रहा है. हमारी महिलाएं रास्तों पर तैनात हैं और वहीं पर सो भी रही हैं.

सवाल- कुकी समुदाय का आरोप है कि मैरा पाइबी संगठन मैतेई पुरुषों को कुकी महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध करने के लिए उकसा रहा है, इस आरोप पर क्या कहेंगी?

(बीते दिनों जब मणिपुर से कुकी महिलाओं का वीडियो सामने आया जिसमें उन्हें निर्वस्त्र करा कर उनसे परेड कराई गई, उनके साथ यौन हिंसा की गई और एक महिला के साथ कथित रूप से गैंगरेप किया गया. उसमें इस संगठन का नाम भी सामने आया. आरोप है कि उन कुकी महिलाओं को मैरा पाइबी संगठन की महिलाओं ने ही भीड़ को सौंपा था.)

जवाब- युद्ध को उसके दायरे में लड़ा जाना चाहिए, लड़कियों को इसमें हाथ नहीं लगाना चाहिए. जिन लोगों ने ये किया, बहुत गलत किया. हम अपने संगठन, मैतेई महिलाओं की ओर से इस वाकये की कड़ी से कड़ी निंदा करते हैं.

लेकिन आपको बता दें कि इस घटना के एक दिन पहले कुकी समुदाय के लोगों ने चुराचांदपुर में रह रहे मैतेई परिवारों पर भी हमला किया और मैतेई महिलाओं का रेप किया गया. उसका भी वीडियो होगा जो सामने नहीं आया.

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मैतेई महिलाओं का समूह 2004 से चर्चा में आया जब उसकी महिलाओं ने सेना के खिलाफ़ नग्न प्रदर्शन किया था.

इमेज स्रोत, Getty Images

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सवाल- क्या मैतेई महिलाएं अपने साथ हुई यौन हिंसा को लेकर पुलिस के पास गई हैं?

जवाब- नहीं, अब तक तो ऐसा नहीं हुआ है. अभी युद्ध है और युद्ध के समय हम ऐसा नहीं करेंगे. पहले हम मणिपुर को बचाएंगे. इसके बाद हमें जो करना होगा वो हम करेगें.

(नोट- बीबीसी मैतेई महिलाओं के साथ हुए रेप के दावों की पुष्टि नहीं करता.)

सवाल- मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने जब इस्तीफ़ा पेश किया तो मैरा पाइबी संगठन ने उसका विरोध किया. सीएम खुद मैतेई समुदाय से आते हैं. क्या आपको लगता है कि सीएम ने मामले को ठीक से हैंडल किया?

जवाब- हमने इस्तीफ़ा फाड़ा क्योंकि हमें लगा कि अगर ये सीएम नहीं होंगे तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा, और राष्ट्रपति शासन लगा तो आर्मी आएगी जो कुकी लोगों के साथ हैं तो इससे हम मैतेई लोगों की हालत खराब हो जाएगी. हालांकि मैं उन लोगों में नहीं थी जिन्होंने उनका इस्तीफ़ा फ़ाड़ा, मुझे नहीं लगता की मैरा पाइबी उसमें शामिल था, कई संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने मिल कर इस्तीफ़ा फाड़ा होगा.

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वीडियो कैप्शन, महिलाओं के साथ हिंसा के कई मामले आए सामने लेकिन कुछ मैतेई और कुकी महिलाओं हुई एकजुट.

सवाल- आप प्रधानमंत्री मोदी से क्या कहना चाहती हैं? उनके बयान को आप कैसे देखती हैं?

जवाब- 80 दिन हो गए पीएम मोदी के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला. क्या मणिपुर भारत नहीं है. हम तो खुद को भारतीय मानते हैं. हमें उम्मीद थी कि वो कुछ करेंगे. लेकिन उन्होंने संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन वायरल वीडियो के बारे में इतना बोला, लेकिन युद्ध के बारे में कुछ नहीं बोला. उनको लगा रहा है कि वीडियो वायरल हो गया तो अब युद्ध ख़त्म हो जाएगा, ऐसा नहीं होगा.

(कुकी महिलाओं को निर्वस्र कर के उनकी परेड कराने वाले वीडियो के वायरल होने के अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पूरा देश इस वाकये से शर्मिंदा है. और इसके गुनाहगारों को बख़्शा नहीं जाएगा. गृहमंत्री अमित शाह ने मई में मणिपुर का दौरा किया था और कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार हिंसा को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है)

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वीडियो कैप्शन, मणिपुर के पीड़ितों से मिलकर स्वाति मालिवाल ने ये बताया

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