भारत के ख़िलाफ़ हार से कैसे बढ़ सकती हैं पाकिस्तान टीम की मुश्किलें

रोहित शर्मा और बाबर आजम

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इमेज कैप्शन, भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान का हालिया रिकॉर्ड बेहद ख़राब है
    • Author, विमल कुमार
    • पदनाम, दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम से बीबीसी हिंदी के लिए

अगर कभी पाकिस्तानी टीम को ड्रेसिंग रूम में रवि शास्त्री जैसे कोच की ज़रूरत महसूस होती होगी जो अपनी बातों से ही मुर्दे में भी जान फूंकने के लिए जाने जाते हैं तो उसकी मौजूदा टीम के पास एक ऐसा ही कोच है और उनका नाम है आक़िब जावेद.

नई पीढ़ी शायद इस नाम से उतनी वाकिफ़ नहीं होगी. लेकिन 1990 के दशक में जब पाकिस्तान के पास इमरान ख़ान, वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे दिगग्ज तेज़ गेंदबाज़ हुआ करते थे तो आक़िब जावेद अक्सर अपनी रफ़्तार और आक्रामकता से भारत को चौंका दिया करते थे.

संयुक्त अरब अमीरात में टीम इंडिया के ख़िलाफ़ एक यादगार हैट्रिक लेने वाले आक़िब ने अचानक से ही कुछ महीने पहले पाकिस्तान टीम की बागडोर संभाली और टीम ने कुछ बेहतर नतीजे दिए हैं.

लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या कोच अपनी प्रेरणादायक बातों से काग़ज़ पर साधारण सी दिखने वाली पाकिस्तान की टीम से चैंपियंस ट्रॉफ़ी के एक बड़े मुक़ाबले में चौंकाने वाले नतीजे दिला सकते हैं?

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बाबर आजम

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इमेज कैप्शन, बाबर आज़म स्पिन के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहे हैं

जावेद ने दुबई पहुंचते ही सबसे पहले अपने पुराने साथी और पूर्व ओपनर मुदस्सर नज़र से संपर्क स्थापित किया और अभ्यास सत्र में खिलाड़ियों को उनसे दुबई की पिच के बारे में हर तरह के सवाल पूछने को कहा.

कभी आईसीसी क्रिकेट एकेडमी के ज़रिये तो कभी पाकिस्तानी टीम के हेड कोच के तौर पर मुदस्सर बीते एक दशक से इस मैदान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने पाकिस्तान को ये भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि टीम इंडिया के स्पिनर्स से घबराने की ज़रूरत नहीं है.

लेकिन पाकिस्तान के मौजूदा दौर के सबसे बड़े दिग्गज और ओपनर के लिए स्पिन गेंदबाज़ी ही तो सबसे बड़ी चुनौती है. साल 2021 तक जिस बल्लेबाज़ ने स्पिन के ख़िलाफ 89.94 के औसत और 89 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए वो अचानक से अपनी परछाई जैसा नज़र आता है.

पाकिस्तान क्रिकेट के दिग्गज लगातार टीवी चैनल्स और यूट्यूब पर बाबर आज़म की धज्जियां उड़ा रहे हैं. अगर सिर्फ़ एक मैच से किसी खिलाड़ी का भविष्य बदल सकता है तो बाबर आज़म के लिए रविवार को भारत के ख़िलाफ़ खेले जाने वाला मैच वैसा ही हो सकता है.

भारतीय टीम निश्चित तौर पर बाबर के ख़िलाफ़ स्पिन का जाल बुनने की कोशिश करेगी.

साल 2022 की शुरुआत से स्पिन के ख़िलाफ़ बाबर आज़म की औसत गिरकर 31.80 रह गई है और उनका स्ट्राइक रेट भी गिरकर 67.65 का हो गया है. अगर भारत इस मैच में वरुण चक्रवर्ती जैसे मिस्ट्री स्पिनर को मौका देता है तो पाकिस्तान की परेशानी ज़्यादा बढ़ सकती है.

रोहित-विराट के लिए अहम है चैंपियंस ट्रॉफ़ी

विराट कोहली और रोहित शर्मा

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इमेज कैप्शन, रोहित शर्मा और विराट कोहली की नज़र जीत पर होगी
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एक और बात जो शायद टीवी चैनल पर नहीं दिखाई दे रही, पर हक़ीक़त ये है कि भारत-पाकिस्तान मुक़ाबले से पहले दुबई में ना तो 'जंग' वाली बातें दिख रही हैं और ना ही 'सबसे बड़ा मुक़ाबला' टाइप वाली बातें.

हालांकि टीम इंडिया को इन बातों से कोई फ़र्क नहीं पड़ता है. कप्तान रोहित शर्मा और दिग्गज विराट कोहली को पता है कि अगर टीम इंडिया ये मैच हारती है और इसका असर चैंपियंस ट्रॉफ़ी के नतीजे पर पड़ता है. हार का सबसे ज़्यादा ख़ामियाज़ा भी इसी जोड़ी को भुगतना पड़ सकता है.

जब शनिवार को मेरी बात आर अश्विन से हुई तो उन्होंने कहा कि इस मैच के सबसे बड़े गेमचेंजर कोहली ही होंगे.

बीते साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अचानक से ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने वाले अश्विन ने ये भी बात कही कि जिस तरीक़े से रोहित शर्मा बेफिक्र होकर शॉट खेलते हैं और अपनी क्रिकेट को एन्जॉय करते हैं वैसा ही कुछ करने की ज़रूरत विराट कोहली को है.

मेरे साथ चेतेश्वर पुजारा एक टीवी चैनल के डिबेट शो में थे. वहां पुजारा ने कहा कि अर्शदीप सिंह का पिछले मैच में नहीं होना चौंकाने वाली बात रही और शायद एक बदलाव पाकिस्तान के ख़िलाफ़ प्लेइंग इलेवन में देखने को मिल सकता है.

कोई भी क़ीमत चुकाने को तैयार फ़ैंस

क्रिकेट फैंस

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इमेज कैप्शन, भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर फ़ैंस में ख़ास उत्साह रहता है

हाल के सालों में अगर कोई एक बात नहीं बदली है तो वो ये कि भारत-पाक मैच देखने के लिए अमीर क्रिकेट फ़ैंस कोई भी क़ीमत चुकाने को तैयार हैं.

लगभग हर कोई दुबई में भी अपने अपने संपर्क के ज़रिये टिकट के जुगाड़ में लगा हुआ है.

अगर टीम इंडिया इस मैच को जीत लेती है तो उसके लिए सेमीफाइनल की राह लगभग पक्की होगी. ऐसे में ये ना सिर्फ़ फ़ैंस के लिए पैसा-वसूल मैच होगा बल्कि चैंपियंस ट्रॉफ़ी में भी एक अलग रोमांच दिखाई देगा.

हालांकि अफ़सोस की बात सिर्फ़ यही रहेगी कि क़रीब तीन दशक बाद अपने घर में एक बड़ी आईसीसी ट्रॉफ़ी का आयोजन करने वाली पाकिस्तानी टीम चार दिनों के अंदर ही अपने घर में होने वाले जश्न के माहौल के बीच मेहमान बनकर सिमट जाएगी.

शायद किसी मेज़बान के लिए इससे तकलीफदेह बात कुछ और नहीं हो सकती. शायद यही डर पाकिस्तानी टीम को कुछ ऐसा कमाल करने को मजबूर करे जो उनके कोच आक़िब के दौर की पाकिस्तानी टीम बेहद सहज़ता से किया करती थी.

पाकिस्तान के लिए 'करो या मरो' की स्थिति

आक़िब जावेद

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इमेज कैप्शन, पूर्व तेज़ गेंदबाज़ आक़िब जावेद पाकिस्तान टीम के कोच बनाए गए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

एक और बदलाव प्रैक्टिस सेशन के दौरान ये देखने को मिला कि कप्तान रोहित शर्मा ने विराट कोहली को बुलाया और युवा खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव शेयर करने के लिए कहा.

कोहली ने 10 मिनट तक क्या कहा उसे 20 मीटर की दूरी से नहीं सुना जा सकता था. लेकिन अंदाज़ा ज़रूर लगाया जा सकता है कि उनकी बातों से हर किसी के हौसले बुलंद हुए होंगे.

ऐतिहासिक नज़रिये से पाकिस्तान का पलड़ा अब भी भारत पर भारी दिखता है. लेकिन मौजूदा फॉर्म और पिछले दो दशक के खेल पर ग़ौर फरमाएं तो पाकिस्तान बेहद साधारण टीम दिखती है.

भारत और पाकिस्तान के बीच हुए पिछले 135 मैचों में भारत ने 57 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि उसे 73 मैच में हार का सामना करना पड़ा है.

पाकिस्तान के लिए ये मुक़ाबला 'करो या मरो' जैसा हो गया है क्योंकि हार का मतलब होगा टूर्नामेंट से सीधे बाहर हो जाना.

क्या वरुण चक्रवर्ती को मिलेगा मौक़ा

वरुण चक्रवर्ती

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इमेज कैप्शन, वरुण चक्रवर्ती ने कई मौक़ों पर चौंकाने वाली गेंदबाज़ी की है

ख़ैर, टीम इंडिया को इन सब बातों से कोई परेशानी नहीं है और उनकी चिंता सिर्फ़ प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव को लेकर है.

सवाल टीम के लिए सिर्फ़ यही है कि क्या पिछले मैच में खेले तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा की जगह बायें हाथ के गेंदबाज़ अर्शदीप को मौक़ा दिया जाए या फिर अरसे बाद चार स्पिनर्स के साथ मैदान पर उतरा जाए.

यशस्वी जायसवाल को हटाकर वरुण चक्रवर्ती को अचानक टीम इंडिया में जगह दी गई. टीम इंडिया की रणनीति यही है कि बड़े मुकाबले में इस चौंकाने वाले हथियार से विरोधी टीम को पस्त किया जाए.

हालिया आंकड़े और इतिहास पाकिस्तान के विरोध में हैं. दोनों टीमों के बीच हुए पिछले 11 वनडे मैचों में 9 भारत ने जीते हैं. बात चाहे वनडे वर्ल्ड कप की हो या चैंपियंस ट्रॉफी की या फिर टी-20 वर्ल्ड कप की, पाकिस्तानी टीम को भारत के ख़िलाफ़ दो मैचों में ही जीत मिली है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

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