ऋषभ पंत की जान बचाने वाला शख़्स अब खुद ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, जानिए क्या है पूरा मामला

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- Author, शहबाज़ अनवर
- पदनाम, मुज़फ़्फ़रनगर से बीबीसी हिंदी के लिए
क्रिकेटर ऋषभ पंत की 2022 की सड़क हादसे के दौरान मदद करने वाले मुज़फ़्फ़रनगर के रजत अब खुद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं.
पुलिस के मुताबिक़, रजत और उनकी कथित प्रेमिका ने अपनी जान देने की कोशिश की थी. युवती की मौत हो गई है, जबकि रजत की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है.
लड़की के परिजनों का आरोप है कि रजत और उनके परिवार ने युवती को अगवा कर उसकी हत्या की है.
हालांकि रजत के परिवार ने इससे इनकार किया है. परिवार का कहना है कि दोनों ने आत्महत्या की कोशिश से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें 'वो साथ जीने-मरने की बात करते दिख रहे हैं.'

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आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.
क्या है पूरा मामला?

पुलिस का कहना है कि उन्हें मुज़फ़्फ़रनगर के पुरकाजी थाना क्षेत्र में 11 फरवरी को एक प्रेमी युगल के आत्महत्या की कोशिश की सूचना मिली थी.
पुरकाजी पुलिस थाने के प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया, "गांव शकरपुर के मजरा बुच्चा बस्ती की रहने वाली युवती की इस घटना में मौत हुई है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. रजत की स्थिति स्थिर बनी हुई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी."
हालांकि पुलिस ने महिला के परिवार से कोई औपचारिक शिकायत मिलने से इनकार किया है.
सदर पुलिस उपाधीक्षक राजू कुमार ने कहा, "ये सुसाइड का मामला है. गांव वालों ने बताया है कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे."

लगभग साढ़े चार सौ लोगों की आबादी वाले रजत के गांव में अनुसूचित जाति, कश्यप, सैनी और कुम्हार समेत दूसरी जातियों के लोग रहते हैं.
ग्राम प्रधान गोपाल सिंह ने इस घटना के बारे में बात करते हुए कहा, ''दोनों की शादी उनके परिवार की ओर से अलग-अलग जगह तय कर दी गई थी. लेकिन इन दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग की गांव में चर्चा है. दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे. लेकिन अलग-अलग बिरादरी और एक ही गांव होने के कारण ये कैसे संभव था. 11 फरवरी को ही लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया गया था."
युवती के परिवार के आरोपों पर रजत के परिवार ने क्या कहा

मृतका के पिता ई-रिक्शा चलाते हैं और साथ में चौकीदारी का भी काम करते हैं.
उन्होंने कहा, ''मेरी बेटी के प्रेम-प्रसंग का कोई मामला ही नहीं है. वो तो पानीपत में मेरे चचेरे भाइयों के पास बिजली से जुड़ा काम करती थी. मार्च में उसकी शादी थी इसलिए हाल ही में वो घर आई थी."
उनका आरोप है, "रजत और उसके परिवार के लोगों ने ही मेरी बेटी को अगवा करने की धमकी दी थी."
उनकी दो बेटियां हैं. बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है जबकि जिस लड़की की मौत हुई है उनका रिश्ता सहारनपुर में किया गया था. मार्च में शादी की तैयारी की जा रही थी.
युवती की मां ने थाना कोतवाली पुलिस को एक तहरीर देने की बात कही है. इस तहरीर की कॉपी स्थानीय मीडिया के पास भी है.
हालांकि पुलिस ने ऐसी किसी तहरीर के मिलने की बात से इनकार किया है.
घटना के बाद से ही रजत के परिवार के लोग गांव में नहीं दिखाई दे रहे हैं. रजत का मोबाइल भी बंद है. हालांकि बीबीसी की रजत के छोटे भाई ओमकुमार से फ़ोन पर बात हुई है.
रजत के भाई ओम कुमार उत्तराखंड के अस्पताल में उनके साथ हैं.
उन्होंने कहा, "लड़की के घरवाले झूठे आरोप लगा रहे हैं. लड़की और रजत ने एक वीडियो बनाया था, जिसमें वो कह रहे हैं कि घरवाले उनका समर्थन नहीं कर रहे."
ओम कुमार कहते हैं, ''हमें नहीं मालूम था कि इन दोनों में प्यार है. हमने रजत का रिश्ता भी तय कर दिया था. जल्दी उसकी शादी भी होनी थी.''
ऋषभ पंत की मदद कर सुर्ख़ियों में आए थे रजत

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एक स्थानीय शुगर मिल में काम करने वाले रजत उस वक्त सुर्ख़ियों में आए थे जब साल 2022 में 30 दिसंबर को भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार पुरकाजी में उत्तराखंड सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी.
उस वक़्त रजत और उनके साथी निशु ने पंत को कार से बाहर निकालकर उनकी जान बचाई थी.
इसके बाद दोनों ही युवकों को कई नेताओं ने सम्मानित किया था. रजत के भाई ओम कुमार ने बताया था कि उपहार के तौर पर ऋषभ पंत ने स्कूटी भी दी थी.
ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर दोनों युवकों का आभार जताया था.
उन्होंने लिखा था, ''मुझे इन दो नायकों का आभार व्यक्त करना चाहिए, जिन्होंने दुर्घटना के दौरान मेरी मदद की और ये सुनिश्चित किया कि मैं सुरक्षित अस्पताल पहुंच जाऊं. रजत कुमार और निशु कुमार, आपका शुक्रिया. मैं हमेशा आपका आभारी और कर्जदार रहूंगा."

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उस दिन को याद करते हुए निशु कहते हैं, "वो दिन हम कैसे भूल सकते हैं. रजत और मैंने जब देखा कि एक कार दुर्घटनाग्रस्त हुई है तो हम फौरन ही मदद करने वहां भागे. हमें नहीं मालूम था कि कार में कौन है पर हमने मानवता का ख़्याल करते हुए ये सब किया. बाद में हमें मालूम पड़ा कि हमने बड़े क्रिकेटर ऋषभ पंत की जान बचाने में मदद की है."
अब रजत अस्पताल में हैं और पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है.
पुलिस का कहना है कि अगर युवती के परिवार की ओर से औपचारिक शिकायत मिली तो जांच का दायरा बढ़ सकता है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित















